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Bhiwani News: बाबा गुलाब गिरि धाम का सज गया भव्य दरबार, छठी को लगेगा मेला
Fri, 02 May 2025 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 02 May 2025 10:41 PM IST
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ढिगावा मंडी। क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक धाम बाबा गुलाब गिरि महाराज गांव खरकड़ी 52वाली में बाबा का भव्य दरबार सजने लगा है। शुक्रवार को बाबा के भगतों की ओर से ढिगावा जाटान स्थित बाबा पतंग गिरि की कुटिया से खरकड़ी धाम तक एक शोभा एवं पदयात्रा निकाली गई। पद यात्रा कस्बे के बाढड़ा रोड से होते हुए मैन बस स्टैंड चौक चौराहों से होते खरकड़ी धाम तक पहुंची।
यात्रा में बाबा के सैकड़ों भगत महिलाओं व बच्चों ने गाजे बाजे के नाचते झूमते हुए हिस्सा लिया। सेठ मनीष गोयल ने बताया कि बाबा की तपस्या के बल से क्षेत्र में सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिला है जो उनकी आस्था का नतीजा है। आम जन ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े राजनीतिक परिवार भी बाबा के भक्तों की सूची में शामिल है।
उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल को भी बाबा की अनेक भविष्यवाणियों ने चकित किया था। बंसीलाल के पहली बार राज्यसभा में चुने जाने मुख्यमंत्री बनने तथा सूरजकुंड के अखिल भारतीय कांग्रेस सम्मेलन में आग लगने जैसी भविष्यवाणी बाबा ने की थी।
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बुजुर्ग बताते हैं कि बाबा सन 1932 में खरकड़ी गांव से बाहर एक बगीचे में आकर ठहरे थे। एक बार पशुओं में महामारी फैलने से पशु अकाल मृत्यु मरने लगे थे। ग्रामीण ने बाबा को यह बात बताई और अनुरोध किया तो बाबा ने गांव की परिक्रमा लगाई उसके बाद आज तक कोई ऐसी महामारी से एक भी पशु गांव में नहीं मरा है।
पुराने समय में बारिश न होने से अकाल बहुत पड़ते थे जो आमजन के लिए काफी परेशानी थी। ग्रामीण ने बाबा से आग्रह किया और बाबा ने तपस्या की तपस्या से खुश होकर इंद्रदेव महाराज ने वर्षा की और ग्रामीणों को इस समस्या से निजात मिली। अपने जीवन के अंतिम दिन बाबा ने झुंझुनू जिले के गांव बिबासर में बिताए वहां भी बाबा का भव्य मंदिर पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है। यहां भी साल में एक बार वैशाख माह की छठी को मेला लगता है। इस दिन भी राजस्थान और हरियाणा से भगत जन बाबा से अपनी मन्नत मांगने आते हैं। बाबा गुलाब गिरि आज भी जनमानस की आस्था के केंद्र हैं।
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यात्रा में बाबा के सैकड़ों भगत महिलाओं व बच्चों ने गाजे बाजे के नाचते झूमते हुए हिस्सा लिया। सेठ मनीष गोयल ने बताया कि बाबा की तपस्या के बल से क्षेत्र में सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिला है जो उनकी आस्था का नतीजा है। आम जन ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े राजनीतिक परिवार भी बाबा के भक्तों की सूची में शामिल है।
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उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल को भी बाबा की अनेक भविष्यवाणियों ने चकित किया था। बंसीलाल के पहली बार राज्यसभा में चुने जाने मुख्यमंत्री बनने तथा सूरजकुंड के अखिल भारतीय कांग्रेस सम्मेलन में आग लगने जैसी भविष्यवाणी बाबा ने की थी।
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बुजुर्ग बताते हैं कि बाबा सन 1932 में खरकड़ी गांव से बाहर एक बगीचे में आकर ठहरे थे। एक बार पशुओं में महामारी फैलने से पशु अकाल मृत्यु मरने लगे थे। ग्रामीण ने बाबा को यह बात बताई और अनुरोध किया तो बाबा ने गांव की परिक्रमा लगाई उसके बाद आज तक कोई ऐसी महामारी से एक भी पशु गांव में नहीं मरा है।
पुराने समय में बारिश न होने से अकाल बहुत पड़ते थे जो आमजन के लिए काफी परेशानी थी। ग्रामीण ने बाबा से आग्रह किया और बाबा ने तपस्या की तपस्या से खुश होकर इंद्रदेव महाराज ने वर्षा की और ग्रामीणों को इस समस्या से निजात मिली। अपने जीवन के अंतिम दिन बाबा ने झुंझुनू जिले के गांव बिबासर में बिताए वहां भी बाबा का भव्य मंदिर पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है। यहां भी साल में एक बार वैशाख माह की छठी को मेला लगता है। इस दिन भी राजस्थान और हरियाणा से भगत जन बाबा से अपनी मन्नत मांगने आते हैं। बाबा गुलाब गिरि आज भी जनमानस की आस्था के केंद्र हैं।