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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने थमाए 34 फैक्ट्रियों को नोटिस

Mon, 19 Nov 2018 12:33 AM IST
Updated Mon, 19 Nov 2018 12:33 AM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने थमाए 34 फैक्ट्रियों को नोटिस

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भिवानी। प्रभावी उपचार संयंत्र यानी ईटीपी नहीं लगाकर खुले में केमिकल युक्त गंदा पानी डालने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने इंडस्ट्रीज एरिया की 34 फैक्ट्री मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। फैक्ट्री मालिकों को 13 दिसंबर को अपना जवाब देना है। इतना ही नहीं फैक्ट्री मालिकों पर जुर्माना भी लग सकता है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी में अपील दायर की थी। वहीं इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान का कहना है कि सभी फैक्ट्रियों में ईटीपी है और वे अपना जवाब दे देंगे।
मामला करीब तीन साल पहले का है। इंडस्ट्रीज एरिया में कुछ फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल युक्त गंदा पानी सड़कों पर जमा हो रहा था साथ ही सीवरेज भी जाम हो रहे थे। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस जारी किए थे। जिस पर फैक्ट्री मालिक एनवायरमेंट हाईकोर्ट पंचकूला पहुंच गए। जहां से उन्हें राहत मिल गई। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल में अपील की। जिसके बाद पिछले सप्ताह इंडस्ट्रीज एरिया की 34 फैक्टरी मालिकों को नोटिस भेजे गए है। जिसका 13 दिसंबर को जवाब देना है। फैक्ट्री मालिकों के जवाब सहीं नहीं होने पर एनवायरमेंट कोर्ट में केस जा सकता है और जुर्माना लगाया जा सकता है।
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क्या है ईटीपी
इंफल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट यानी प्रभारी उपचार संयंत्र है। जिसे फैक्टरी मालिकों को अपनी- अपनी फैक्टरी में लगाना है ताकि वहां से निकलने वाला गंदा पानी इससे साफ होकर निकले। अन्य पदार्थ वहीं रुक जाए ाकि सीवर भी जाम ना हो।
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नहीं बना एसटीपी, सीवरेज अब भी जाम
मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने वर्ष 2015 में भिवानी अनाज मंडी में हुई रैली में इंडस्ट्रीज एरिया के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की घोषणा की थी। अब तक यह प्लांट नहीं बना है। इंडस्ट्रीज एरिया में सीवर लाइन करीब 35 वर्ष पुरानी है। उस समय की जरूरत के अनुसार कम ही चौड़ाई के पाइप डाले गए थे। यह एक बड़ी समस्या है और इस कारण ही बार-बार सीवर जाम होने की समस्या हो रही है। अभी भी यह समस्या बनी हुई है और इंडस्ट्रीज एरिया की अधिकतर सड़कों पर गंदा पानी जमा है। मजबूरी में लोगों को इससे होकर गुजरना पड़ता है। इंडस्ट्रीज एरिया के उद्योगपति अनेक बार इस समस्या को उठा चुके है।
वर्जन:::
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल की ओर से 34 फैक्टरी मालिकों को नोटिस भेजे हैं। जिसका 13 दिसंबर को उनको जवाब देना है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाईकोर्ट से इन्हें राहत मिलने पर एनजीटी में अपील दायर की थी।

सुनील श्योरान, एसडीओ
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
सभी फैक्ट्रियां नियमानुसार सहीं है। इसी कारण एनवायरमेंट हाईकोर्ट ने राहत दी थी। इस फैसले पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपील की है। जिसका वे जवाब देंगे। अब सभी ने ईटीपी लगा रखे है।
शैलेंद्र जैन, प्रधान
भिवानी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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