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सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ शुरू हुआ स्वदेशी मेला
Updated Sat, 23 Dec 2017 12:35 AM IST
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सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ शुरू हुआ स्वदेशी मेला
भिवानी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ शुक्रवार को तीन दिवसीय स्वदेशी मेले का शुभारंभ हुआ। मेले का शुभारंभ विधायक घनश्यामदास सर्राफ और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डा. जगवीर सिंह ने किया। मेले में लगभग अलग-अलग वस्तुओं की 80 स्टालें लगाई गई है। सभी स्टालों पर सिर्फ स्वदेश में निर्मित वस्तुओं को ही लगाया गया है। कार्यक्रम की शुरूआत में वैश्य मॉडल स्कूल के बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना व कायाकल्प योगा एकेडमी के बच्चों ने योगासन किए।
विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से आम जनता स्वदेशी का महत्व समझती है और जीवन में स्वदेशी अपनाने की तरफ ध्यान आकर्षित होता है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां के लघु उद्योग बहुत ही अच्छी किस्म के उत्पाद बनते हैं। आज से 2 सौ वर्ष पूर्व भारत का स्टील विश्व प्रसिद्ध था और हमारे स्टील को जंग भी नहीं लगती थी। स्वदेशी क्या चीज है इसे समझाने के लिए ही ऐसे मेले लगाए जाते हैं।
अखिल भारतीय विचार विभाग के सह प्रमुख सतीश कुमार ने कहा कि मेले का उद्देश्य स्थायी कारखानों को कार्य में बढ़ोतरी करवाना है। उन्होंने कहा कि बाहरी कंपनियां अपना सामान बेचकर यहां से काफी पैसा खींचकर ले जाती है। ऐसे मेलों से इन सब पर भी लगाम लगती है। विधायक घनश्याम सर्राफ को मंच के संयोजक अनिल पोपली व हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डा. जगबीर सिंह को विनय ने सम्मानित किया।
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भिवानी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ शुक्रवार को तीन दिवसीय स्वदेशी मेले का शुभारंभ हुआ। मेले का शुभारंभ विधायक घनश्यामदास सर्राफ और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डा. जगवीर सिंह ने किया। मेले में लगभग अलग-अलग वस्तुओं की 80 स्टालें लगाई गई है। सभी स्टालों पर सिर्फ स्वदेश में निर्मित वस्तुओं को ही लगाया गया है। कार्यक्रम की शुरूआत में वैश्य मॉडल स्कूल के बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना व कायाकल्प योगा एकेडमी के बच्चों ने योगासन किए।
विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से आम जनता स्वदेशी का महत्व समझती है और जीवन में स्वदेशी अपनाने की तरफ ध्यान आकर्षित होता है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां के लघु उद्योग बहुत ही अच्छी किस्म के उत्पाद बनते हैं। आज से 2 सौ वर्ष पूर्व भारत का स्टील विश्व प्रसिद्ध था और हमारे स्टील को जंग भी नहीं लगती थी। स्वदेशी क्या चीज है इसे समझाने के लिए ही ऐसे मेले लगाए जाते हैं।
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अखिल भारतीय विचार विभाग के सह प्रमुख सतीश कुमार ने कहा कि मेले का उद्देश्य स्थायी कारखानों को कार्य में बढ़ोतरी करवाना है। उन्होंने कहा कि बाहरी कंपनियां अपना सामान बेचकर यहां से काफी पैसा खींचकर ले जाती है। ऐसे मेलों से इन सब पर भी लगाम लगती है। विधायक घनश्याम सर्राफ को मंच के संयोजक अनिल पोपली व हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डा. जगबीर सिंह को विनय ने सम्मानित किया।
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