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बंद रहे दो सौ प्राइवेट अस्पताल व नर्सिंग होम, स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखा असर
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:19 AM IST
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जिले के सभी निजी अस्पताल बंद होने से मरीज हुए परेशान
भिवानी। सेंट्रल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से आहूत बंद में जिले के सभी निजी चिकित्सक शामिल हुए। जिले के लगभग दो सौ निजी अस्पताल और नर्सिंग होम बंद होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लैब, ओपीडी, सीटी स्कैन, एमआरआई सुविधाएं ठप रहने से जांच के लिए लोगों भारी परेशानी उठानी पड़ी। निजी अस्पतालों के बंद होने की वजह से जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अधिक भीड़ रही है।
शुक्रवार सुबह चिकित्सक अपने-अपने अस्पताल बंद कर गिरीराज मेडीकेयर सेंटर और आस्था अस्पताल के सामने स्थित टैंट में आम सभा में शामिल हुए। चिकित्सकों ने डा. स्वस्ति शर्मा की अध्यक्षता में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सभा में निर्णय लिया कि यदि सरकार ने प्रस्तावित 46 संशोधन को नए एक्ट में शामिल नहीं किया तो अनिश्चितकालीन बंद का एलान किया जाएगा। राज्य महासचिव डा. करन पूनिया, महिला विंग अध्यक्ष डा. वंदना पूनिया ने बताया कि सरकार बार-बार वादे से मुकरना बंद करे। जनहित में फैसला ले, बिना बात जनता पर बोझ न डाले। डा. गौरव अरोड़ा ने कहा कि सरकार पथभ्रष्ट हो रही है। डा. वेद अग्रवाल ने सरकार को दिशा हीन बताया। डा. स्वस्ति शर्मा ने कहा कि इस बार सभी चिकित्सक एकजुट है और न्याय मिलना तय है। आईएमए चिकित्सकों ने जिला उपायुक्त डा. अंशज सिंह को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले चिकित्सकों ने सहयोग के लिए उपायुक्त डा. अंशज सिंह को सम्मानित भी किया। --
ये रहे मौजूद
इस मौके पर डॉ. बीएन शर्मा, डॉ. बीके चुघ, डॉ. एमएल शर्मा, डॉ. रमेश खासा, डॉ. अजीत गुलिया, डॉ. प्रेम चराया, डॉ. एसएस यादव, डॉ. वीके सरिन, डॉ. केडी शर्मा, डॉ. पवन गोयल, डॉ. एसएन मजीठिया, डॉ. पूनम बावा, डॉ. वंदना पूनिया, डॉ. सुमन पूनिया, डा. वंदना शर्मा, डा. जया शर्मा, डा. छवि चुघ, डा. कपिल शर्मा, डा. अमृता भारद्वाज, डा. हंस महता, डा. गौरव अरोड़ा, डा. अंशुल खैतरपाल, डा. मुकेश पंवार, डा. अनिता पंवार, डा. संजीव गर्ग, डा. भूपेंद्र भारद्वाज, डा. परीक्षित धीर, डा. एसके बंसल, डा. संजीव कुमार मंदौला, डा. केएम गोयल, डा. मंजू त्रिपाठी, डा. अर्जुन यादव, डा. बीवी दिक्षीत, डा. विक्रम सुध, डा. सविता अग्रवाल, डा. एनके गर्ग, डा. रमेश अरोड़ा, डा. केके ढाडा, डा. जीएन त्रिपाठी, डा. मयंक चुघ, डा. शिवकांत, डा. पाहवा, डा. रेनु चुघ, डा. अंकित, डा. लोकेश रोहिल्ला, डा. विक्रम सूद, डा. वेद अग्रवाल, डा. सविता अग्रवाल, डा. त्रिलोकी गुप्ता, डा. नरेंद्र तनेजा, डा. रमेश, डा. मनजीत कुमार समेत अनेक चिकित्सक मौजूद रहे।
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चिकित्सकों ने लगाए सरकार के खिलाफ नारे
भिवानी। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2014 को बिना संशोधित कर प्रदेश के चिकित्सकों पर लादने के विरोध में नेशनल इंटिग्रेटिड मेडिकल एसोसिएशन जिला शाखा भिवानी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नीमा के चिकित्सक अपने-अपने क्लीनिक, अस्पताल, नर्सिंग होम बंद करके हुडा पार्क के सामने एकत्रित हुए तथा नारेबाजी की।
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. आरबी गोयल के नेतृत्व में चिकित्सकों ने एक्ट को लागू न करने का प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। डा. आरबी गोयल ने बताया कि इस एक्ट को लागू होने पर छोटे-छोटे क्लीनिक और अस्पताल बंद हो जाएंगे। छोटे-छोटे क्लीनिक व अस्पताल बंद होने से आम जनता को केवल सरकारी और बड़े अस्पतालों में इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस एक्ट के लागू होने से जहां इलाज महंगा होने से गरीब जनता को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सेंट्रल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2014 में संशोधन करें।
इस मौके पर डा. संदीप टांक, डा. अश्विनी बजाज, डा. रोहित कौशिक, डा. कुलदीप भारद्वाज, डा. ऐपी महता, डा. वीएस गुप्ता, डा. महेंद्र जयसवाल, डॉ. राजेश खुराना, डॉ. सुरेंद्र शर्मा, डॉ. सुभाष जांगड़ा, डॉ. विकास, डॉ. नवीन अंचल, डॉ. विनोद अंचल, डॉ. प्रवीण अंचल, डॉ. सुमित, डॉ. मयंक, डॉ. अंकुर, डॉॅ. मनोज दादरवाल, डॉ. अजय, डॉ. अमित ललित, डॉ. सुरेंद्र भारद्वाज, डॉ. अभिषेक कौशिक, डॉ. नरेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
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भिवानी। सेंट्रल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से आहूत बंद में जिले के सभी निजी चिकित्सक शामिल हुए। जिले के लगभग दो सौ निजी अस्पताल और नर्सिंग होम बंद होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लैब, ओपीडी, सीटी स्कैन, एमआरआई सुविधाएं ठप रहने से जांच के लिए लोगों भारी परेशानी उठानी पड़ी। निजी अस्पतालों के बंद होने की वजह से जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अधिक भीड़ रही है।
शुक्रवार सुबह चिकित्सक अपने-अपने अस्पताल बंद कर गिरीराज मेडीकेयर सेंटर और आस्था अस्पताल के सामने स्थित टैंट में आम सभा में शामिल हुए। चिकित्सकों ने डा. स्वस्ति शर्मा की अध्यक्षता में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सभा में निर्णय लिया कि यदि सरकार ने प्रस्तावित 46 संशोधन को नए एक्ट में शामिल नहीं किया तो अनिश्चितकालीन बंद का एलान किया जाएगा। राज्य महासचिव डा. करन पूनिया, महिला विंग अध्यक्ष डा. वंदना पूनिया ने बताया कि सरकार बार-बार वादे से मुकरना बंद करे। जनहित में फैसला ले, बिना बात जनता पर बोझ न डाले। डा. गौरव अरोड़ा ने कहा कि सरकार पथभ्रष्ट हो रही है। डा. वेद अग्रवाल ने सरकार को दिशा हीन बताया। डा. स्वस्ति शर्मा ने कहा कि इस बार सभी चिकित्सक एकजुट है और न्याय मिलना तय है। आईएमए चिकित्सकों ने जिला उपायुक्त डा. अंशज सिंह को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले चिकित्सकों ने सहयोग के लिए उपायुक्त डा. अंशज सिंह को सम्मानित भी किया। --
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इस मौके पर डॉ. बीएन शर्मा, डॉ. बीके चुघ, डॉ. एमएल शर्मा, डॉ. रमेश खासा, डॉ. अजीत गुलिया, डॉ. प्रेम चराया, डॉ. एसएस यादव, डॉ. वीके सरिन, डॉ. केडी शर्मा, डॉ. पवन गोयल, डॉ. एसएन मजीठिया, डॉ. पूनम बावा, डॉ. वंदना पूनिया, डॉ. सुमन पूनिया, डा. वंदना शर्मा, डा. जया शर्मा, डा. छवि चुघ, डा. कपिल शर्मा, डा. अमृता भारद्वाज, डा. हंस महता, डा. गौरव अरोड़ा, डा. अंशुल खैतरपाल, डा. मुकेश पंवार, डा. अनिता पंवार, डा. संजीव गर्ग, डा. भूपेंद्र भारद्वाज, डा. परीक्षित धीर, डा. एसके बंसल, डा. संजीव कुमार मंदौला, डा. केएम गोयल, डा. मंजू त्रिपाठी, डा. अर्जुन यादव, डा. बीवी दिक्षीत, डा. विक्रम सुध, डा. सविता अग्रवाल, डा. एनके गर्ग, डा. रमेश अरोड़ा, डा. केके ढाडा, डा. जीएन त्रिपाठी, डा. मयंक चुघ, डा. शिवकांत, डा. पाहवा, डा. रेनु चुघ, डा. अंकित, डा. लोकेश रोहिल्ला, डा. विक्रम सूद, डा. वेद अग्रवाल, डा. सविता अग्रवाल, डा. त्रिलोकी गुप्ता, डा. नरेंद्र तनेजा, डा. रमेश, डा. मनजीत कुमार समेत अनेक चिकित्सक मौजूद रहे।
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चिकित्सकों ने लगाए सरकार के खिलाफ नारे
भिवानी। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2014 को बिना संशोधित कर प्रदेश के चिकित्सकों पर लादने के विरोध में नेशनल इंटिग्रेटिड मेडिकल एसोसिएशन जिला शाखा भिवानी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नीमा के चिकित्सक अपने-अपने क्लीनिक, अस्पताल, नर्सिंग होम बंद करके हुडा पार्क के सामने एकत्रित हुए तथा नारेबाजी की।
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा. आरबी गोयल के नेतृत्व में चिकित्सकों ने एक्ट को लागू न करने का प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। डा. आरबी गोयल ने बताया कि इस एक्ट को लागू होने पर छोटे-छोटे क्लीनिक और अस्पताल बंद हो जाएंगे। छोटे-छोटे क्लीनिक व अस्पताल बंद होने से आम जनता को केवल सरकारी और बड़े अस्पतालों में इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस एक्ट के लागू होने से जहां इलाज महंगा होने से गरीब जनता को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सेंट्रल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2014 में संशोधन करें।
इस मौके पर डा. संदीप टांक, डा. अश्विनी बजाज, डा. रोहित कौशिक, डा. कुलदीप भारद्वाज, डा. ऐपी महता, डा. वीएस गुप्ता, डा. महेंद्र जयसवाल, डॉ. राजेश खुराना, डॉ. सुरेंद्र शर्मा, डॉ. सुभाष जांगड़ा, डॉ. विकास, डॉ. नवीन अंचल, डॉ. विनोद अंचल, डॉ. प्रवीण अंचल, डॉ. सुमित, डॉ. मयंक, डॉ. अंकुर, डॉॅ. मनोज दादरवाल, डॉ. अजय, डॉ. अमित ललित, डॉ. सुरेंद्र भारद्वाज, डॉ. अभिषेक कौशिक, डॉ. नरेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।