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पुजारी और सफाईकर्मियों की सेवा बहाली की मांग
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:34 AM IST
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पुजारी और सफाईकर्मियों की सेवा बहाली की मांग
लोहारू। क्षेत्र के पहाड़ी गांव के लोगों का प्रतिनिधिमंडल वीरवार को पहाड़ी माता मंदिर परिसर से लोहारू प्रशासन की ओर से हटाए गए पुजारियों और सफाई कर्मचारियों की पुन: बहाली की मांग को लेकर स्थानीय तहसीलदार से मिला। इस संबंध में तहसीलदार ने कर्मचारियों की बहाली में असमर्थता जताई। लोगों ने अब जिला उपायुक्त से मिलकर समस्या के समाधान का निर्णय लिया है।
तहसीलदार लोहारू विजय कुमार ने 18 सितंबर को पहाड़ी माता मंदिर के चार पुजारी मुकेश कुमार, अरुणोदय, राजकुमार और विजय सहित करीब आधा दर्जन सफाई कर्मचारियों को सेवामुक्त कर दिया था। लोहारू प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पहाड़ी गांव के लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि अब माता मंदिर की सफाई और पूजा-अर्चना का काम कौन करेगा?
नवरात्र के दौरान पुजारियों को सेवामुक्त कर देने से ग्रामीणों ने रोष है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हटाए गए सभी कर्मचारियों को माता के मंदिर में पुन: सेवा का मौका दिया जाए और वेतन स्वरूप इन्हें डीसी रेट के बराबर वेतन दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांग पर गौर नहीं किया तो गांव के लोग आंदोलन करने पर विवश होंगे। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वो समस्या के समाधान को लेकर लोहारू के एसडीएम से मिलने आए थे, लेकिन मुलाकात नहीं होने पर तहसीलदार से मिल कर व्यथा बता चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तहसीलदार लोहारू ने उन्हें कहा है कि इस मामले में अब वे कुछ भी नहीं कर सकते हैं इसलिए अब गांव के लोग जिला उपायुक्त से मिल कर आगामी रणनीति पर विचार करेंगे। इस मौके पर रत्तनपाल पहाड़ी, मान सिंह, नंद लाल, राजेंद्र कुमार, नरेश कुमार, पूर्व सरपंच भीम सिंह, बदलू राम आदि रहे।
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आठ साल से प्रशासन की देखरेख में चल रहा है मंदिर
पहाड़ी माता मंदिर की व्यवस्था को लेकर वहां का कामकाज देख रहे लोगों के बीच विवाद के चलते 2009 में जिला प्रशासन के आदेश पर लोहारू के तत्कालीन एसडीएम ने सीआरपीसी धारा 145 के तहत पहाड़ी माता मंदिर को प्रशासन के साथ अटैच कर दिया था। बाद में तहसीलदार लोहारू को सीआरपीसी की धारा 146 के तहत रिसीवर नियुक्त किया गया था। तबसे लेकर अब तक लोहारू प्रशासन पहाड़ी माता मंदिर की देखरेख करता आ रहा है।
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लोहारू। क्षेत्र के पहाड़ी गांव के लोगों का प्रतिनिधिमंडल वीरवार को पहाड़ी माता मंदिर परिसर से लोहारू प्रशासन की ओर से हटाए गए पुजारियों और सफाई कर्मचारियों की पुन: बहाली की मांग को लेकर स्थानीय तहसीलदार से मिला। इस संबंध में तहसीलदार ने कर्मचारियों की बहाली में असमर्थता जताई। लोगों ने अब जिला उपायुक्त से मिलकर समस्या के समाधान का निर्णय लिया है।
तहसीलदार लोहारू विजय कुमार ने 18 सितंबर को पहाड़ी माता मंदिर के चार पुजारी मुकेश कुमार, अरुणोदय, राजकुमार और विजय सहित करीब आधा दर्जन सफाई कर्मचारियों को सेवामुक्त कर दिया था। लोहारू प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पहाड़ी गांव के लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि अब माता मंदिर की सफाई और पूजा-अर्चना का काम कौन करेगा?
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नवरात्र के दौरान पुजारियों को सेवामुक्त कर देने से ग्रामीणों ने रोष है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हटाए गए सभी कर्मचारियों को माता के मंदिर में पुन: सेवा का मौका दिया जाए और वेतन स्वरूप इन्हें डीसी रेट के बराबर वेतन दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांग पर गौर नहीं किया तो गांव के लोग आंदोलन करने पर विवश होंगे। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वो समस्या के समाधान को लेकर लोहारू के एसडीएम से मिलने आए थे, लेकिन मुलाकात नहीं होने पर तहसीलदार से मिल कर व्यथा बता चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तहसीलदार लोहारू ने उन्हें कहा है कि इस मामले में अब वे कुछ भी नहीं कर सकते हैं इसलिए अब गांव के लोग जिला उपायुक्त से मिल कर आगामी रणनीति पर विचार करेंगे। इस मौके पर रत्तनपाल पहाड़ी, मान सिंह, नंद लाल, राजेंद्र कुमार, नरेश कुमार, पूर्व सरपंच भीम सिंह, बदलू राम आदि रहे।
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आठ साल से प्रशासन की देखरेख में चल रहा है मंदिर
पहाड़ी माता मंदिर की व्यवस्था को लेकर वहां का कामकाज देख रहे लोगों के बीच विवाद के चलते 2009 में जिला प्रशासन के आदेश पर लोहारू के तत्कालीन एसडीएम ने सीआरपीसी धारा 145 के तहत पहाड़ी माता मंदिर को प्रशासन के साथ अटैच कर दिया था। बाद में तहसीलदार लोहारू को सीआरपीसी की धारा 146 के तहत रिसीवर नियुक्त किया गया था। तबसे लेकर अब तक लोहारू प्रशासन पहाड़ी माता मंदिर की देखरेख करता आ रहा है।