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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में कर्मचारी ठेका रद्द करने के आदेशों पर रोक, कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश
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बोर्ड सचिव के आदेशों पर चेयरमैन ने लगाई रोक, आज से कर्मचारी करेंगे ज्वाइन
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में कर्मचारियों का ठेका रद्द करने के आदेशों पर बोर्ड चेयरमैन ने रोक लगा दी है। साथ ही सभी 284 कर्मचारियों को मंगलवार से ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। चेयरमैन ने कहा कि डी ग्रुप में मिले 93 कर्मचारियों को अभी ट्रेनिंग की जरूरत है। साथ ही यह बात भी सामने आई कि डी ग्रुप भर्ती में बोर्ड को 93 कर्मचारी मिले मगर ठेका रद्द कर 284 कर्मचारी हटा दिए गए। जिस कारण बोर्ड में व्यवस्थाएं बिगड़ गईं। बोर्ड चेयरमैन के पास चालक, कुक तक नहीं बचे थे। अब ठेका लेने वाली दोनों को भी नोटिस भेजा गया है कि धीरे-धीरे डी ग्रुप भर्ती में मिले कर्मचारियों की संख्या के अनुसार ही कर्मचारी हटा लें। काम नहीं करने वाले कर्मचारियों को ही हटाया जाए।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने दो कंपनियों को कर्मचारी रखने का ठेका दे रखा था। करीब 284 सुरक्षा कर्मी, माली, चालक, सेवादार, सफाई कर्मी कंपनियों ने बोर्ड में लगाए हुए थे। डी ग्रुप की भर्ती के बाद मिले 93 कर्मचारियों के आने के बाद दोनों कंपनियों का ठेका रद्द कर दिया गया था। बोर्ड सचिव ने ठेका रद्द करने के आदेश दिए। अचानक हटाये जाने से कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया। वहीं बोर्ड की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो गई। अधिकारियों की सरकारी गाड़ियों को चलाने के लिए चालक तक नहीं बचे, वहीं सुरक्षा कर्मी और सेवादार नहीं होने से व्यवस्थाएं ज्यादा प्रभावित हुईं।
शनिवार-रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को बोर्ड चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने सभी बोर्ड अधिकारियों से इस निर्णय के बारे में जवाब मांगा। बाद में बोर्ड में व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए ठेका रद्द करने के आदेशों पर रोक लगाने के नए आदेश जारी किए।
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कर्मचारियों ने सुबह किया विरोध प्रदर्शन, शाम होते-होते चेहरों पर लौटी मुस्कान
अचानक हटाए जाने से बेरोजगार हुए करीब 284 कर्मचारियों ने सोमवार को बोर्ड परिसर में बैठक की और बोर्ड के इस निर्णय पर नाराजगी जताई। साथ ही बोर्ड अधिकारियों से इस तरह उन्हें बेरोजगार नहीं करने की गुहार लगाई। बैठक कर कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर उन्हें बेरोजगार नहीं करने की मांग करने का निर्णय लिया। शाम को जब कर्मचारियों को सूचना मिली कि चेयरमैन ने ठेका रद्द करने के आदेशों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है तो कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान आई। कर्मचारी नेता पवन कुमार ने बताया कि बेरोजगार होने से कर्मचारियों के परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। अब चेयरमैन ने उन्हें आश्वासन दिया है और उम्मीद है कि मंगलवार से सभी कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रख लिया जाएगा।
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डी ग्रुप की भर्ती में मिले 93 कर्मचारी अनट्रेंड हैं। उन्हें ठेके के तहत लगे कर्मचारियों के साथ रखकर ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। बाद में जरूरत के अनुसार ही ठेके के कर्मचारियों को रखा जाएगा। फिलहाल सभी कर्मचारियों को मंगलवार को ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। इस बारे में ठेका लेने वाली कंपनी को भी नोटिस दे दिया है। ये आदेश मेरी अनुमति के बिना जारी किए गए थे।
- डॉ. जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में कर्मचारियों का ठेका रद्द करने के आदेशों पर बोर्ड चेयरमैन ने रोक लगा दी है। साथ ही सभी 284 कर्मचारियों को मंगलवार से ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। चेयरमैन ने कहा कि डी ग्रुप में मिले 93 कर्मचारियों को अभी ट्रेनिंग की जरूरत है। साथ ही यह बात भी सामने आई कि डी ग्रुप भर्ती में बोर्ड को 93 कर्मचारी मिले मगर ठेका रद्द कर 284 कर्मचारी हटा दिए गए। जिस कारण बोर्ड में व्यवस्थाएं बिगड़ गईं। बोर्ड चेयरमैन के पास चालक, कुक तक नहीं बचे थे। अब ठेका लेने वाली दोनों को भी नोटिस भेजा गया है कि धीरे-धीरे डी ग्रुप भर्ती में मिले कर्मचारियों की संख्या के अनुसार ही कर्मचारी हटा लें। काम नहीं करने वाले कर्मचारियों को ही हटाया जाए।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने दो कंपनियों को कर्मचारी रखने का ठेका दे रखा था। करीब 284 सुरक्षा कर्मी, माली, चालक, सेवादार, सफाई कर्मी कंपनियों ने बोर्ड में लगाए हुए थे। डी ग्रुप की भर्ती के बाद मिले 93 कर्मचारियों के आने के बाद दोनों कंपनियों का ठेका रद्द कर दिया गया था। बोर्ड सचिव ने ठेका रद्द करने के आदेश दिए। अचानक हटाये जाने से कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया। वहीं बोर्ड की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो गई। अधिकारियों की सरकारी गाड़ियों को चलाने के लिए चालक तक नहीं बचे, वहीं सुरक्षा कर्मी और सेवादार नहीं होने से व्यवस्थाएं ज्यादा प्रभावित हुईं।
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शनिवार-रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को बोर्ड चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने सभी बोर्ड अधिकारियों से इस निर्णय के बारे में जवाब मांगा। बाद में बोर्ड में व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए ठेका रद्द करने के आदेशों पर रोक लगाने के नए आदेश जारी किए।
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कर्मचारियों ने सुबह किया विरोध प्रदर्शन, शाम होते-होते चेहरों पर लौटी मुस्कान
अचानक हटाए जाने से बेरोजगार हुए करीब 284 कर्मचारियों ने सोमवार को बोर्ड परिसर में बैठक की और बोर्ड के इस निर्णय पर नाराजगी जताई। साथ ही बोर्ड अधिकारियों से इस तरह उन्हें बेरोजगार नहीं करने की गुहार लगाई। बैठक कर कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर उन्हें बेरोजगार नहीं करने की मांग करने का निर्णय लिया। शाम को जब कर्मचारियों को सूचना मिली कि चेयरमैन ने ठेका रद्द करने के आदेशों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है तो कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान आई। कर्मचारी नेता पवन कुमार ने बताया कि बेरोजगार होने से कर्मचारियों के परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। अब चेयरमैन ने उन्हें आश्वासन दिया है और उम्मीद है कि मंगलवार से सभी कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रख लिया जाएगा।
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डी ग्रुप की भर्ती में मिले 93 कर्मचारी अनट्रेंड हैं। उन्हें ठेके के तहत लगे कर्मचारियों के साथ रखकर ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। बाद में जरूरत के अनुसार ही ठेके के कर्मचारियों को रखा जाएगा। फिलहाल सभी कर्मचारियों को मंगलवार को ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। इस बारे में ठेका लेने वाली कंपनी को भी नोटिस दे दिया है। ये आदेश मेरी अनुमति के बिना जारी किए गए थे।
- डॉ. जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड