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पब्लिक हेल्थ विभाग का कारनामा: भूपेश को बना दिया सुरेश
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। पब्लिक हेल्थ विभाग की कार्यप्रणाली भी कमाल है। एक उपभोक्ता ने विभाग से नया कनेक्शन लिया तो उसका नाम ही रिकार्ड में गलत चढ़ा दिया, जिसे ठीक कराने के लिए पिछले एक साल से दफ्तरों के चक्कर काट रहा हैं। उसके द्वारा भरे गए पानी बिलों की राशि को भी अगले बिलों में जोड़कर भेजा जा रहा है। पब्लिक हेल्थ विभाग की कार्यप्रणाली से परेशान उपभोक्ता ने मामले की शिकायत सीएम विंडो में दी है।
गली हरजिकान कितान पाना निवासी भूपेश कुमार ने बताया कि उसने एक साल पहले पब्लिक हेल्थ विभाग में अपने पिता किशनलाल के नाम से पेयजल कनेक्शन को ट्रांसफर कराकर अपने नाम करा लिया था। उस समय उसका नाम भूपेश कुमार की जगह रिकार्ड में गलती से सुरेश दर्ज कर दिया। अपने नाम की त्रुटी को दुरुस्त कराने के लिए एक साल के दौरान वह अधिकारियों को तीन बार शिकायतें दे चुका है, मगर ठीक नहीं किया। वह अब तक अपने पेयजल कनेक्शन के नाम गलत होने के बावजूद भुगतान करता आ रहा है। कोई भी पानी का बिल उसके पास बकाया नहीं है। इसके बावजूद पिछली राशि को एरियर दिखा नए बिल में जोड़कर भेजा जा रहा है। उसने अपने पेयजल कनेक्शन पर पानी का मीटर भी लगवाया हुआ है, बावजूद उसके छह माह के पानी का बिल 2100 रुपये भेजा गया है, जबकि नियम के अनुसार उसका 360 रुपये पानी का बिल आना चाहिए। उसका कहना है कि पब्लिक हेल्थ विभाग के दफ्तर के चक्कर काट काट कर थक चुका है और अब उसने इस मामले की शिकायत सीएम विंडों में लगा दी है। भरे हुए बिलों की रसीदें भी उसके पास हैं। भूपेश ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई है।
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भिवानी। पब्लिक हेल्थ विभाग की कार्यप्रणाली भी कमाल है। एक उपभोक्ता ने विभाग से नया कनेक्शन लिया तो उसका नाम ही रिकार्ड में गलत चढ़ा दिया, जिसे ठीक कराने के लिए पिछले एक साल से दफ्तरों के चक्कर काट रहा हैं। उसके द्वारा भरे गए पानी बिलों की राशि को भी अगले बिलों में जोड़कर भेजा जा रहा है। पब्लिक हेल्थ विभाग की कार्यप्रणाली से परेशान उपभोक्ता ने मामले की शिकायत सीएम विंडो में दी है।
गली हरजिकान कितान पाना निवासी भूपेश कुमार ने बताया कि उसने एक साल पहले पब्लिक हेल्थ विभाग में अपने पिता किशनलाल के नाम से पेयजल कनेक्शन को ट्रांसफर कराकर अपने नाम करा लिया था। उस समय उसका नाम भूपेश कुमार की जगह रिकार्ड में गलती से सुरेश दर्ज कर दिया। अपने नाम की त्रुटी को दुरुस्त कराने के लिए एक साल के दौरान वह अधिकारियों को तीन बार शिकायतें दे चुका है, मगर ठीक नहीं किया। वह अब तक अपने पेयजल कनेक्शन के नाम गलत होने के बावजूद भुगतान करता आ रहा है। कोई भी पानी का बिल उसके पास बकाया नहीं है। इसके बावजूद पिछली राशि को एरियर दिखा नए बिल में जोड़कर भेजा जा रहा है। उसने अपने पेयजल कनेक्शन पर पानी का मीटर भी लगवाया हुआ है, बावजूद उसके छह माह के पानी का बिल 2100 रुपये भेजा गया है, जबकि नियम के अनुसार उसका 360 रुपये पानी का बिल आना चाहिए। उसका कहना है कि पब्लिक हेल्थ विभाग के दफ्तर के चक्कर काट काट कर थक चुका है और अब उसने इस मामले की शिकायत सीएम विंडों में लगा दी है। भरे हुए बिलों की रसीदें भी उसके पास हैं। भूपेश ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई है।
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