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अविश्वास पर मतदान के लिए नहीं पहुंचा ब्लॉक समिति का कोई सदस्य, बची प्रधान और उपप्रधान की कुर्सी
Updated Sat, 10 Feb 2018 12:32 AM IST
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अविश्वास पर मतदान के लिए नहीं पहुंचा ब्लॉक समिति का कोई सदस्य, बची प्रधान और उपप्रधान की कुर्सी
बवानीखेड़ा। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए बुलाई गई बैठक में ब्लॉक समिति का कोई सदस्य न पहुंचने से बवानीखेड़ा ब्लॉक समिति प्रधान संगीता शर्मा और उप प्रधान सुशील की कुर्सी फिलहाल बच गई है।
शुक्रवार को अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा ब्लॉक समिति के सभी सदस्यों को बैठक के लिए बुलाया था। बैठक में अविश्वास प्रस्ताव देने वाले पार्षदों को अपना पक्ष रखना था, लेकिन बैठक में एक भी सदस्य नहीं पहुंचा। इसकी वजह से प्रधान और उपप्रधान के खिलाफ सदस्यों के द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि 26 दिसंबर को प्रधान और उपप्रधान की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए 23 में से 16 सदस्यों ने अविश्वास शपथ पत्र उपायुक्त को सौंपा था। इसके बाद ब्लॉक समिति के सदस्य भारत भ्रमण पर चले गए थे। सदस्यों को 24 जनवरी को अतिरिक्त उपायुक्त के द्वारा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में बैठक बुलाकर अपना पक्ष रखने के लिए पत्र भेजा गया था। 24 जनवरी को अतिरिक्त उपायुक्त की मेडिकल लीव के चलते इस दिन फैसला नहीं हो सका। इसके बाद 9 फरवरी को सभी ब्लॉक समिति के सदस्यों को बैठक के लिए बुलाया गया लेकिन एक भी सदस्य नहीं पहुंचा जिसके कारण अतिरिक्त उपायुक्त ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
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सभी पार्षदों को मना लिया गया है
ब्लाक समिति प्रधान संगीता शर्मा ने का कहना है कि कुछ सदस्य गलतफहमी का शिकार हो गए थे। अब उनका मनमुटाव दूर कर उनको संतुष्ट कर लिया गया है। विधायक और मंत्री के निजी सचिव ने इस काम में उनकी मदद की है।
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बवानीखेड़ा। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए बुलाई गई बैठक में ब्लॉक समिति का कोई सदस्य न पहुंचने से बवानीखेड़ा ब्लॉक समिति प्रधान संगीता शर्मा और उप प्रधान सुशील की कुर्सी फिलहाल बच गई है।
शुक्रवार को अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा ब्लॉक समिति के सभी सदस्यों को बैठक के लिए बुलाया था। बैठक में अविश्वास प्रस्ताव देने वाले पार्षदों को अपना पक्ष रखना था, लेकिन बैठक में एक भी सदस्य नहीं पहुंचा। इसकी वजह से प्रधान और उपप्रधान के खिलाफ सदस्यों के द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
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उल्लेखनीय है कि 26 दिसंबर को प्रधान और उपप्रधान की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए 23 में से 16 सदस्यों ने अविश्वास शपथ पत्र उपायुक्त को सौंपा था। इसके बाद ब्लॉक समिति के सदस्य भारत भ्रमण पर चले गए थे। सदस्यों को 24 जनवरी को अतिरिक्त उपायुक्त के द्वारा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में बैठक बुलाकर अपना पक्ष रखने के लिए पत्र भेजा गया था। 24 जनवरी को अतिरिक्त उपायुक्त की मेडिकल लीव के चलते इस दिन फैसला नहीं हो सका। इसके बाद 9 फरवरी को सभी ब्लॉक समिति के सदस्यों को बैठक के लिए बुलाया गया लेकिन एक भी सदस्य नहीं पहुंचा जिसके कारण अतिरिक्त उपायुक्त ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
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सभी पार्षदों को मना लिया गया है
ब्लाक समिति प्रधान संगीता शर्मा ने का कहना है कि कुछ सदस्य गलतफहमी का शिकार हो गए थे। अब उनका मनमुटाव दूर कर उनको संतुष्ट कर लिया गया है। विधायक और मंत्री के निजी सचिव ने इस काम में उनकी मदद की है।