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Ambala News: ऑपरेटर और तीन गार्डों के भरोसे महिला सुरक्षा
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अंबाला सिटी में किराए के भवन में बना वन स्टॉप सखी केंद्र। संवाद
- फोटो : अंबाला सिटी में किराए के भवन में बना वन स्टॉप सखी केंद्र। संवाद
सुखबीर सिंह
अंबाला सिटी। हिंसा से पीड़ित हुई महिलाओं के लिए बनाए सखी वन स्टाॅप सेंटर में कर्मचारियों की कमी संसाधनों पर पर्दा डाल रही है। किराये के भवन में चल रहे इस सेंटर में संसाधन तो पूरे हैं, लेकिन कर्मचारी कम हैं।
वन स्टाॅप केंद्र में कुल 11 पद स्वीकृत हैं। इनमें से चार पद पर ही कर्मचारी हैं। इसके अलावा काउंसलर, लीगल सलाहकार, मुख्य प्रशासक, दो नर्स, दो मल्टीपर्पज स्टॉफ के पद खाली हैं। जबकि केंद्र को एक डाटा एंट्री ऑपरेटर और तीन सुरक्षाकर्मी ही चला रहे हैं।
सात पदों के खाली होने से दिक्कत
मुख्य प्रशासक के पास केंद्र की संचालन की जिम्मेदारी होती है। मगर यह पद खाली है और काम को डाटा एंट्री ऑपरेटर संभाल रही हैं। इसी प्रकार लीगल सलाह लेने को सलाहकार का पद खाली है। इस कार्य के लिए कोर्ट के धक्के खाने पड़ते हैं। इसी प्रकार स्थाई तौर पर केंद्र में नर्स भी नहीं हैं। इसके कारण कई बार महिलाओं को नागरिक अस्पताल ही लेकर जाना पड़ता है। इसके साथ ही महिलाओं की काउंसलिंग इस केंद्र का एक प्रमुख कार्य है। मगर काउंसलर न होने से महिलाओं को एनजीओ के माध्यम से काउंसलिंग दिलाई जाती है।
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सुरक्षा के लिए लेनी पड़ती है मदद
वन स्टॉप केंद्र में महिलाओं के ठहराव के चलते सुरक्षा को देखते हुए एक महिला सुरक्षा कर्मी की आवश्यकता होती है। सेंटर में कोई भी महिला पुलिस कर्मी नियुक्त नहीं है। इसलिए सेंटर के कर्मचारियों को संबंधित थाने से ही सुरक्षा के लिए कर्मचारी को बुलाना पड़ता है। इसके साथ ही केंद्र में खाना बनाने के लिए भी कोई कर्मचारी नहीं है, इसलिए अगर किसी महिला को केंद्र में आश्रय दिया जाता है तो उसे बाजार से ही खाना मंगवाकर दिया जाता है।
वर्जन
हर सप्ताह होगा फॉलोअप बीते शुक्रवार को राज्य महिला आयोग के चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने केंद्र में व्यवस्थाएं जांची थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं से लिए जाने वाले फॉलोअप के स्तर को बढ़ाया जाना चाहिए। वर्तमान में एक महीने में एक बार महिला से फॉलोअप लिया जाता है। चेयरपर्सन ने निर्देश दिए हैं कि अब सप्ताह में एक बार फॉलोअप लेना होगा।
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हमारी ओर से निदेशालय को इस बारे में लिखा गया है। वहीं राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन को भी कर्मचारियों की कमी के बारे में बताया है। इसी को लेकर उन्होंने नौ मई को सीडीपीओ को पंचकूला में बैठक के लिए बुलाया है।
-- - मिक्षा रंगा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग अंबाला।
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अंबाला सिटी। हिंसा से पीड़ित हुई महिलाओं के लिए बनाए सखी वन स्टाॅप सेंटर में कर्मचारियों की कमी संसाधनों पर पर्दा डाल रही है। किराये के भवन में चल रहे इस सेंटर में संसाधन तो पूरे हैं, लेकिन कर्मचारी कम हैं।
वन स्टाॅप केंद्र में कुल 11 पद स्वीकृत हैं। इनमें से चार पद पर ही कर्मचारी हैं। इसके अलावा काउंसलर, लीगल सलाहकार, मुख्य प्रशासक, दो नर्स, दो मल्टीपर्पज स्टॉफ के पद खाली हैं। जबकि केंद्र को एक डाटा एंट्री ऑपरेटर और तीन सुरक्षाकर्मी ही चला रहे हैं।
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सात पदों के खाली होने से दिक्कत
मुख्य प्रशासक के पास केंद्र की संचालन की जिम्मेदारी होती है। मगर यह पद खाली है और काम को डाटा एंट्री ऑपरेटर संभाल रही हैं। इसी प्रकार लीगल सलाह लेने को सलाहकार का पद खाली है। इस कार्य के लिए कोर्ट के धक्के खाने पड़ते हैं। इसी प्रकार स्थाई तौर पर केंद्र में नर्स भी नहीं हैं। इसके कारण कई बार महिलाओं को नागरिक अस्पताल ही लेकर जाना पड़ता है। इसके साथ ही महिलाओं की काउंसलिंग इस केंद्र का एक प्रमुख कार्य है। मगर काउंसलर न होने से महिलाओं को एनजीओ के माध्यम से काउंसलिंग दिलाई जाती है।
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सुरक्षा के लिए लेनी पड़ती है मदद
वन स्टॉप केंद्र में महिलाओं के ठहराव के चलते सुरक्षा को देखते हुए एक महिला सुरक्षा कर्मी की आवश्यकता होती है। सेंटर में कोई भी महिला पुलिस कर्मी नियुक्त नहीं है। इसलिए सेंटर के कर्मचारियों को संबंधित थाने से ही सुरक्षा के लिए कर्मचारी को बुलाना पड़ता है। इसके साथ ही केंद्र में खाना बनाने के लिए भी कोई कर्मचारी नहीं है, इसलिए अगर किसी महिला को केंद्र में आश्रय दिया जाता है तो उसे बाजार से ही खाना मंगवाकर दिया जाता है।
वर्जन
हर सप्ताह होगा फॉलोअप बीते शुक्रवार को राज्य महिला आयोग के चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने केंद्र में व्यवस्थाएं जांची थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं से लिए जाने वाले फॉलोअप के स्तर को बढ़ाया जाना चाहिए। वर्तमान में एक महीने में एक बार महिला से फॉलोअप लिया जाता है। चेयरपर्सन ने निर्देश दिए हैं कि अब सप्ताह में एक बार फॉलोअप लेना होगा।
हमारी ओर से निदेशालय को इस बारे में लिखा गया है। वहीं राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन को भी कर्मचारियों की कमी के बारे में बताया है। इसी को लेकर उन्होंने नौ मई को सीडीपीओ को पंचकूला में बैठक के लिए बुलाया है।