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स्कूल के बाहर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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स्कूल बंद किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Ambala
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। राजकीय कन्या उच्च विद्यालय मुलाना और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुलाना से अध्यापकों की पोस्टें हटाए जाने की सूचना पाकर ग्रामीणों ने स्कूल के सामने रोष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार को स्कूलों में सभी पोस्टें बहाल करने की मांग की। इतना ही नहीं गुस्साए ग्रामीणों ने राजकीय कन्या विद्यालय पर ताला जड़ दिया।
राजकीय कन्या उच्च विद्यालय स्कूल मुलाना में 190 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही है। यहां अध्यापकों के 14 पद है, जिसमें से 10 पद पीजीटी हिंदी, पीजीटी इंग्लिश, पीजीटी मैथ, पीजीटी साइंस, पीजीटी राजनीति शास्त्र, पीजीटी होम साइंस, ई एस एच एम, टीजीटी संस्कृत, टीजीटी मैथ व टीजीटी ड्राइंग पदों को खत्म करने की बात की जा रही है। इससे अभिभावकों में रोष व्याप्त है।
वहीं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुलाना में 367 छात्र होने के बावजूद पीटीआई, टीजीटी पंजाबी, टीजीटी एसएस, होमसाइंस, इकनॉमिक्स व मिडल हैड की पोस्टों को खत्म करने की सूचना पाकर अभिभावक चिंतित है। प्रदर्शनकारी अभिभावक उषा रानी, पूनम, रीटा, रोशन लाल, गुरविंद्र कौर, नसरीन, गौरव विकास, बंटी, जय कुमार, सीता, सतीश, राधा, सुदेश, पवन, आप नेता शम्मी शर्मा ने कहा कि यदि स्कूल में अध्यापक ही नहीं होंगे तो स्कूलों में छात्र शिक्षा कैसे ग्रहण करेंगे।
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सरकारी स्कूलों में अधिकतर गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चे पढ़ते है। ऐसा करने से उनके बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाएंगे। वहीं उन्होंने कहा कि इस प्रकार तो सरकारी स्कूल बंद ही हो जाएंगे। अभिभावकों ने कहा सरकार यह तुगलकी फरमान वापस ले और स्कूलों में सभी पोस्टें बहाल करें ताकि उनके बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती तो वह सड़कों पर उतरने पर विवश होंगे।
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मुलाना। राजकीय कन्या उच्च विद्यालय मुलाना और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुलाना से अध्यापकों की पोस्टें हटाए जाने की सूचना पाकर ग्रामीणों ने स्कूल के सामने रोष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार को स्कूलों में सभी पोस्टें बहाल करने की मांग की। इतना ही नहीं गुस्साए ग्रामीणों ने राजकीय कन्या विद्यालय पर ताला जड़ दिया।
राजकीय कन्या उच्च विद्यालय स्कूल मुलाना में 190 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही है। यहां अध्यापकों के 14 पद है, जिसमें से 10 पद पीजीटी हिंदी, पीजीटी इंग्लिश, पीजीटी मैथ, पीजीटी साइंस, पीजीटी राजनीति शास्त्र, पीजीटी होम साइंस, ई एस एच एम, टीजीटी संस्कृत, टीजीटी मैथ व टीजीटी ड्राइंग पदों को खत्म करने की बात की जा रही है। इससे अभिभावकों में रोष व्याप्त है।
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वहीं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुलाना में 367 छात्र होने के बावजूद पीटीआई, टीजीटी पंजाबी, टीजीटी एसएस, होमसाइंस, इकनॉमिक्स व मिडल हैड की पोस्टों को खत्म करने की सूचना पाकर अभिभावक चिंतित है। प्रदर्शनकारी अभिभावक उषा रानी, पूनम, रीटा, रोशन लाल, गुरविंद्र कौर, नसरीन, गौरव विकास, बंटी, जय कुमार, सीता, सतीश, राधा, सुदेश, पवन, आप नेता शम्मी शर्मा ने कहा कि यदि स्कूल में अध्यापक ही नहीं होंगे तो स्कूलों में छात्र शिक्षा कैसे ग्रहण करेंगे।
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सरकारी स्कूलों में अधिकतर गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चे पढ़ते है। ऐसा करने से उनके बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाएंगे। वहीं उन्होंने कहा कि इस प्रकार तो सरकारी स्कूल बंद ही हो जाएंगे। अभिभावकों ने कहा सरकार यह तुगलकी फरमान वापस ले और स्कूलों में सभी पोस्टें बहाल करें ताकि उनके बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती तो वह सड़कों पर उतरने पर विवश होंगे।