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दो हत्यारों का उमक्रैद, पिता और बेटा बरी
अंबाला /अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2015 12:47 AM IST
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नवंबर 2013 में थाना नारायणगढ़ के गांव जौली में डीजे पर गाना बदलवाने को लेकर रंजिशन युवक अरुण कुमार को चाकू से गोद मारने वाले रघुबीर और मोनू को वीरवार को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि बाप और बेटे को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है। उम्रकैद की सजा पाने वाले दोषियों पर हजारों रुपये जुर्माना भी ठोका है। दोनों पर कुल 55 हजार रुपये जुर्माना भी ठोका गया है।
थाना नारायणगढ़ को दी पुलिस शिकायत में मृतक युवक अरुण कुमार के पिता राज कुमार ने बताया था कि नवंबर 2013 में वह अपने परिवार के साथ अपने साले के बेटे की शादी में गांव जौली में अपने ससुराल गया था। शादी की खुशी में सभी डीजे पर झूम रहे थे। उसका बेटा अरुण कुमार और वह डीजे के पास ही खड़े हुए थे। तभी उसके बेटे ने डीजे वालों को डीजे पर गाना बदलवाने के लिए कहा, मगर उस दौरान डीजे पर नाच रहे रघुबीर, मोनू और अन्य ने उसके बेटे को कहा कि डीजे पर यही गाना चलेगा, तू कौन होता है गाना बदलवाने वाला।
दो लोगों ने पकड़ा और तीसरे ने चाकू मारा था
लेकिन उसके बाद रघुबीर, मोनू व अन्य ने उसके बेटे अरुण कुमार के साथ मारपीट शुरू कर दी थी। उस दौरान अन्य रिश्तेदारों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवा दिया था। लेकिन बाद में आकर आरोपी मोनू व एक अन्य आरोपी ने उसके बेटे को बाजुओं से पकड़ लिया और आरोपी रघुबीर ने बेटे के पेट में चाकू मारा। वारदात में घायल उसके बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। तभी मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके का मुआयना कर हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, बुधवार को कोर्ट ने आरोपी रघुबीर व मोनू को दोषी करार दिया था, साथ ही साक्ष्यों के अभाव में पिता अश्वनी व पुत्र अमन को बरी कर दिया था। वीरवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
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थाना नारायणगढ़ को दी पुलिस शिकायत में मृतक युवक अरुण कुमार के पिता राज कुमार ने बताया था कि नवंबर 2013 में वह अपने परिवार के साथ अपने साले के बेटे की शादी में गांव जौली में अपने ससुराल गया था। शादी की खुशी में सभी डीजे पर झूम रहे थे। उसका बेटा अरुण कुमार और वह डीजे के पास ही खड़े हुए थे। तभी उसके बेटे ने डीजे वालों को डीजे पर गाना बदलवाने के लिए कहा, मगर उस दौरान डीजे पर नाच रहे रघुबीर, मोनू और अन्य ने उसके बेटे को कहा कि डीजे पर यही गाना चलेगा, तू कौन होता है गाना बदलवाने वाला।
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दो लोगों ने पकड़ा और तीसरे ने चाकू मारा था
लेकिन उसके बाद रघुबीर, मोनू व अन्य ने उसके बेटे अरुण कुमार के साथ मारपीट शुरू कर दी थी। उस दौरान अन्य रिश्तेदारों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवा दिया था। लेकिन बाद में आकर आरोपी मोनू व एक अन्य आरोपी ने उसके बेटे को बाजुओं से पकड़ लिया और आरोपी रघुबीर ने बेटे के पेट में चाकू मारा। वारदात में घायल उसके बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। तभी मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके का मुआयना कर हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, बुधवार को कोर्ट ने आरोपी रघुबीर व मोनू को दोषी करार दिया था, साथ ही साक्ष्यों के अभाव में पिता अश्वनी व पुत्र अमन को बरी कर दिया था। वीरवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
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