हवाई फायर कर धमकाया: खाने को दिया बीफ, 2 दिन पैदल जंगल में चलाया; डिपोर्ट होकर घर पहुंचे युवक ने सुनाई दास्तान
गगनदीप ने बताया कि दिल्ली से स्टडी वीजा पर 12 अक्टूबर 2023 को इंग्लैंड के लिए रवाना हुआ। जहां वह लंदन में रोकी सिंह के डोंकर के पास रूका। यहां वह 1 साल 2 महीने रहा। इस दौरान 6 महीने उसे कमरे पर ही रखा और उसे बाहर नहीं निकलने दिया।
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भूलकर भी डोंकी के जरिये विदेश ना जाएं युवा बल्कि अपने देश में रहकर काम करें और यदि विदेश जाना है तो कानूनी तरीके से जाएं। मैंने डोंकी का जान जोखिम में डालने वाला रास्ता देखा है। यह कहना है कि अमेरिका से अपने से डिपोर्ट होकर घर पहुंचे उगाला के गगनदीप का।
गगनदीप ने भावुक मन और नम आखों से अपने साथ बीती दास्तान सुनाई। उसने बताया कि रास्ते में डोंकरों ने उससे बुरा बर्ताव किया। उसे हवाई फायर कर धमकाने, खाने में बीफ देने, दो दिन पैदल जंगल में चलाने जैसी कई यातनाओं से गुजरना पड़ा। इसके बाद अमेरिका में कैंप में भी उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया। गगनदीप ने बताया कि अप्रैल 2023 में करनाल निवासी रोकी सिंह से इंस्टाग्राम के जरिये बात हुई तो विदेश भेजने का काम करता है। रोकी सिंह ने उसे कहा कि वह उसे अमेरिका भेज देगा।
इसके लिए उसने 17 लाख रुपए में सौदा तय किया। उसने बताया कि वह इससे पहले भी कई युवाओं को अमेरिका में भेजकर उन्हें सैटल करवा चुका है। गगनदीप उसकी बातों में आ गया और अपने कागजात एंव 17 लाख रुपए दे दिए। रोकी सिंह ने उसे कहा कि वह उसे स्टडी वीजा पर पहले इंग्लैंड भेजेगा इसके बाद उसे वहां से अमेरिका भेज देगा।
इस तरह से पहुंचा अमेरिका
गगनदीप ने बताया कि दिल्ली से स्टडी वीजा पर 12 अक्टूबर 2023 को इंग्लैंड के लिए रवाना हुआ। जहां वह लंदन में रोकी सिंह के डोंकर के पास रूका। यहां वह 1 साल 2 महीने रहा। इस दौरान 6 महीने उसे कमरे पर ही रखा और उसे बाहर नहीं निकलने दिया। इसके बाद बिल्डर के पास काम कराने लगे, जिसका उसे नाममात्र मेहनताना दिया। करीब 100 पोंड उसे हफ्ते के देते थे। जब गगनदीप ने रोकी सिंह और डोंकर को अमेरिका भेजने की बात कही तो उसे धमकाया गया कि उन्हें 14 लाख रुपए दो तभी भेंजेगे नहीं तो यहां फंसा देंगे। तब उसके परिजनों ने रोकी सिंह को 14 लाख रुपए दे दिए।
इसके बाद डोंकर उसे लंदन से जाली वीजा पर स्पेन ले गए और वहां से ग्वाटेमाला ले गए। इसके बाद निकारागोआ ले गए। फिर यहां से टैक्सी में होंडर्स कंट्री ले गए। यहां से फिर उसे ग्वाटेमाला ले गए। रास्ते में उसके पैसे छीन लिए। ग्वाटेमाला में उसे चार दिन रखा उसे धमकाया और फिर पैसे की मांग की। यहीं नहंी डोंकर ने उससे मारपीट की और पिस्तौल निकालकर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए हवाई फायर किया।
जिस पर उसने अपने घर बात की और उसके पिता रोकी सिंह को फिर 14 लाख रुपए देकर आए। उसे करीब दो दिनों तक जंगल में पैदल चलाया। इसके बाद डोंकर उसे बस से मैक्सिको ले गए जहां उसे एक सप्ताह रखा। मैक्सिको से अमेरिका के बार्डर तिजुआना में ले गए, जहां दीवार फांदकर जब वह अमेरिका में घुसे तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया।
खाने को दिया बीफ, कई बार लगाई हथकड़ी
गगनदीप ने बताया कि उन्हें कैंप में रखा गया, जहां उन्हें खाने के नाम पर चिप्स और फ्रूटी दी जाती थी। फू्रटी में कैमिकल होने से उन्हें सिरदर्द हो जाता था, जिस कारण वह फ्रूटी नहीं पीते थे। इसके बाद उन्हें बीफ वाली सेंडविच दी जाती थी, उसे भी वहां नहीं खाते थे। हर तीन घंटे बाद उन्हें कभी खाने के नाम पर कभी सफाई के नाम पर उनके कमरे से उठाया जाता था, जिस कारण वह सो नहीं पाए।
यदि भूख लगने पर वह सुरक्षाकर्मियों से कुछ मांगते थे तो उन्हें डांट दिया जाता था और खाने को कुछ नहीं देते थे। गगनदीप ने कहा कि भारत आने से पहले दो बार उन्हें हथकड़ी लगाकर बस में बैठाकर ले गए, लेकिन कुछ किलोमीटर दूर ले जाकर कई घंटे तक बस खड़ी करके रखते थे और फिर उन्हें वापिस कैंप में छोड़ दिया जाता था।
भारत छोडऩे के लिए हथकड़ी लगाकर उन्हें ले जाने लगे तब भी उन्हें नहीं बताया कि भारत वापिस ले जा रहे हैं। उन्हें जहाज में ही एक सुरक्षाकर्मी ने जो हिंदी बोल सकता था, उसने बताया कि उन्हें भारत वापिस ले जाया जा रहा है। अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे से 15 मिनट पहले ही उनकी हथकड़ी खोल दी थी। इसके बाद उन्हें बस से अंबाला लाया, जहां से उन्हें उनके घर छोड़ा गया।
घर और गहनों पर लिया लोन
गगनदीप ने बताया कि जो रोकी सिंह को पैसा दिया, उसके लिए उन्होंने होम लोन लिया, प्लॉट पर लोन लिया और गोल्ड लोन के अलावा रिश्तेदारों से उधार पैसा लिया। यदि अमेरिका में काम लग जाता तो यह पैसा चुकता कर देते लेकिन अब सारा पैसा पानी में जाने का गम सता रहा है। इतना पैसा वह कैसे चुकता करेंगे। गगनदीप ने कहा कि अब पुलिस प्रशासन और सरकार से उम्मीद है। पुलिस एजेंट के खिलाफ कार्रवाई करे और उससे उसका पैसा वापिस करवाए और उनके रोजगार की व्यवस्था करें।
अधिकारी के अनुसार
गगनदीप की ओर से एजेंट के खिलाफ शिकायत दी गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच जारी है। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -प्रमोद राणा, थाना प्रभारी बराड़ा।