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Ambala News: नागरिक अस्पताल के शौचालयों में पसरी गंदगी, मरीज ठीक होने के बजाय हो रहे बीमार
Mon, 21 Sep 2026 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Mon, 21 Sep 2026 01:53 AM IST
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छावनी के नागरिक अस्पताल स्थित हृदय रोग वार्ड के शौचालयों में यूरिनल के हालात।
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी स्थित नागरिक अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के प्रशासनिक दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अस्पताल के अति-संवेदनशील हृदय वार्ड में बने शौचालयों की बदहाल व्यवस्था ने स्वच्छता अभियानों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां इलाज कराने आ रहे मरीजों और उनके साथ मौजूद तीमारदारों को राहत के बजाय बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
हृदय वार्ड के शौचालयों में नियमित सफाई न होने के कारण स्थिति बेहद नारकीय है। यूरिनल में लंबे समय से पेशाब जमा है, जिससे उठती तीखी दुर्गंध के कारण वहां खड़े होना भी दूभर हो रहा है। वॉशबेसिन पर हाथ धोने के लिए साबुन या हैंडवॉश तक की कोई व्यवस्था नहीं है। इस तरह की लापरवाही मरीजों की जान जोखिम में डाल रही है।
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संक्रमण का सता रहा डर
रामपाल ने बताया कि वह नागरिक अस्पताल में अपने मरीज का इलाज कराने आए , लेकिन शौचालय के हालात देखकर डर लगता है कि कहीं कोई नया संक्रमण न हो जाए। यूरिनल भरे पड़े हैं और बदबू इतनी ज्यादा है कि दो मिनट खड़ा होना मुश्किल है। हाथ धोने के लिए साबुन तक नहीं है, ऐसे में स्वच्छता के दावों का क्या फायदा।
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अस्पताल प्रशासन की तय हो जबावदेही
सुनीता देवी ने बताया कि हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए साफ-सफाई सबसे ज्यादा जरूरी होती है। लेकिन यहां तो टॉयलेट इतने गंदे हैं कि इस्तेमाल करने के बाद बीमार होने का खतरा और बढ़ जाता है। अस्पताल प्रशासन को सफाई कर्मचारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।
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सफाई व्यवस्था में हो सुधार
विकास कुमार ने बताया कि मरीज अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल में जगह-जगह सफाई के बोर्ड लगे हैं, लेकिन वॉशबेसिन पर हाथ धोने के लिए साबुन तक उपलब्ध नहीं है। बिना साबुन हाथ धोए मरीज के पास जाना खुद संक्रमण को बुलावा देना है। सफाई व्यवस्था में तुरंत सुधार होना चाहिए।
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अंबाला। छावनी स्थित नागरिक अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के प्रशासनिक दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अस्पताल के अति-संवेदनशील हृदय वार्ड में बने शौचालयों की बदहाल व्यवस्था ने स्वच्छता अभियानों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां इलाज कराने आ रहे मरीजों और उनके साथ मौजूद तीमारदारों को राहत के बजाय बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
हृदय वार्ड के शौचालयों में नियमित सफाई न होने के कारण स्थिति बेहद नारकीय है। यूरिनल में लंबे समय से पेशाब जमा है, जिससे उठती तीखी दुर्गंध के कारण वहां खड़े होना भी दूभर हो रहा है। वॉशबेसिन पर हाथ धोने के लिए साबुन या हैंडवॉश तक की कोई व्यवस्था नहीं है। इस तरह की लापरवाही मरीजों की जान जोखिम में डाल रही है।
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संक्रमण का सता रहा डर
रामपाल ने बताया कि वह नागरिक अस्पताल में अपने मरीज का इलाज कराने आए , लेकिन शौचालय के हालात देखकर डर लगता है कि कहीं कोई नया संक्रमण न हो जाए। यूरिनल भरे पड़े हैं और बदबू इतनी ज्यादा है कि दो मिनट खड़ा होना मुश्किल है। हाथ धोने के लिए साबुन तक नहीं है, ऐसे में स्वच्छता के दावों का क्या फायदा।
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अस्पताल प्रशासन की तय हो जबावदेही
सुनीता देवी ने बताया कि हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए साफ-सफाई सबसे ज्यादा जरूरी होती है। लेकिन यहां तो टॉयलेट इतने गंदे हैं कि इस्तेमाल करने के बाद बीमार होने का खतरा और बढ़ जाता है। अस्पताल प्रशासन को सफाई कर्मचारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।
सफाई व्यवस्था में हो सुधार
विकास कुमार ने बताया कि मरीज अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल में जगह-जगह सफाई के बोर्ड लगे हैं, लेकिन वॉशबेसिन पर हाथ धोने के लिए साबुन तक उपलब्ध नहीं है। बिना साबुन हाथ धोए मरीज के पास जाना खुद संक्रमण को बुलावा देना है। सफाई व्यवस्था में तुरंत सुधार होना चाहिए।