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एनक्यूएएस की टीम को देख फूले स्टाफ के हाथ-पांव
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अंबाला सिटी। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के तहत एनक्यूएएस प्रमाणपत्र के लिए डॉक्टरों की टीम सोमवार को शहर नागरिक अस्पताल पहुंची। विभिन्न राज्यों से आई तीन डॉक्टरों की टीम ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तीन दिन तक चलने वाले इस निरीक्षण में पहले दिन ही डॉक्टरों और स्टाफ सदस्यों के हाथ-पांव फूल गए। हालात यह थे कि इमरजेंसी में टीम द्वारा पूछे गए सवाल का स्टाफ नर्स जवाब तक नहीं ही दे पाई।
इसके अलावा अन्य वार्डों में जाकर टीम द्वारा पूछे गए सवालों का डॉक्टर व टीम सदस्य सवाल देने में असमर्थ नजर आए। दूसरी ओर, टीम के समक्ष ही वरिष्ठ डॉक्टरों के निर्देश पर कर्मचारी व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। बता दें कि इस टीम में बैंगलोर से ईएनटी सर्जन डॉ. बसंती रेडी, मध्य प्रदेश के कथनी से सीएमओ डॉ. यशवंत वर्मा व हैदराबाद से एनएचएम डॉ. एम प्रसाद राय शामिल हैं। सोमवार को टीम ने ओपीडी के विभिन्न विभाग, ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी, रेडियोग्राफर रूम, गायनी, लेबर रूम और विभिन्न वार्ड जांचे। जिनकी रिपोर्ट बाद में सौंपी जाएगी।
कलर कोडिंग के बारे में नहीं समझा पाई स्टाफ नर्स
इमरजेंसी में रेड वार्ड में जब डॉक्टर द्वारा बॉक्स में किस तरह से विभिन्न प्रकार की दवाई रखी जाएगी और किस तरह से कलर की कोडिंग की जाएगी, इसके बारे में पूछा तो स्टाफ नर्स जवाब नहीं दे पाई। इसके विपरीत वहां मौजूद डॉक्टरों ने स्टाफ नर्स के स्थान पर जवाब दिया। इससे टीम सदस्य थोड़े खफा नजर आए।
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पहले ही शुरू हो गई थी तैयारी
अस्पताल की टीम को जैसे ही पता चला कि निरीक्षण के लिए टीम आने वाली है तो अस्पताल में तैयारी जोरों पर शुरू हो गई। विभाग की ओर से तेजी के साथ साफ सफाई से लेकर व्यवस्था बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया। वहीं, अभी आने वाले दो दिनों तक टीम द्वारा निरीक्षण ऐसे ही किया जाएगा। जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी और फिर निर्धारित होगा कि अस्पताल को एनक्यूएएस का प्रमाणपत्र दिया जाएगा या नहीं। दूसरी ओर, अस्पताल स्टाफ का दावा है कि पहले की तरह इस बार भी प्रमाणपत्र हासिल करेंगे।
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इसके अलावा अन्य वार्डों में जाकर टीम द्वारा पूछे गए सवालों का डॉक्टर व टीम सदस्य सवाल देने में असमर्थ नजर आए। दूसरी ओर, टीम के समक्ष ही वरिष्ठ डॉक्टरों के निर्देश पर कर्मचारी व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। बता दें कि इस टीम में बैंगलोर से ईएनटी सर्जन डॉ. बसंती रेडी, मध्य प्रदेश के कथनी से सीएमओ डॉ. यशवंत वर्मा व हैदराबाद से एनएचएम डॉ. एम प्रसाद राय शामिल हैं। सोमवार को टीम ने ओपीडी के विभिन्न विभाग, ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी, रेडियोग्राफर रूम, गायनी, लेबर रूम और विभिन्न वार्ड जांचे। जिनकी रिपोर्ट बाद में सौंपी जाएगी।
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कलर कोडिंग के बारे में नहीं समझा पाई स्टाफ नर्स
इमरजेंसी में रेड वार्ड में जब डॉक्टर द्वारा बॉक्स में किस तरह से विभिन्न प्रकार की दवाई रखी जाएगी और किस तरह से कलर की कोडिंग की जाएगी, इसके बारे में पूछा तो स्टाफ नर्स जवाब नहीं दे पाई। इसके विपरीत वहां मौजूद डॉक्टरों ने स्टाफ नर्स के स्थान पर जवाब दिया। इससे टीम सदस्य थोड़े खफा नजर आए।
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पहले ही शुरू हो गई थी तैयारी
अस्पताल की टीम को जैसे ही पता चला कि निरीक्षण के लिए टीम आने वाली है तो अस्पताल में तैयारी जोरों पर शुरू हो गई। विभाग की ओर से तेजी के साथ साफ सफाई से लेकर व्यवस्था बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया। वहीं, अभी आने वाले दो दिनों तक टीम द्वारा निरीक्षण ऐसे ही किया जाएगा। जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी और फिर निर्धारित होगा कि अस्पताल को एनक्यूएएस का प्रमाणपत्र दिया जाएगा या नहीं। दूसरी ओर, अस्पताल स्टाफ का दावा है कि पहले की तरह इस बार भी प्रमाणपत्र हासिल करेंगे।