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Ambala News: मूल्यांकन परीक्षा के लिए बुजुर्गों में दिखा उत्साह
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अंबाला सिटी। कहते हैं कि पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती। इसके लिए जुनून की जरूरत होती है। यहीं जुनून राजकीय स्कूलों में पहली बार रविवार को आयोजित हुई उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम मूल्यांकन परीक्षा देने पहुंचे बुजुर्गों में देखने को मिला। जो बुजुर्ग अपने पौते-पौतियों को लेकर स्कूल छोड़ने आया करते थे, वहीं स्कूल के बेंच पर बैठ परीक्षा देते दिखाई दिए।
इसमें 15 साल तक छात्रों से लेकर 90 वर्ष के बुजुर्ग शामिल हुए। परीक्षा तीन घंटे तक चली। इस दौरान बुजुर्ग काफी उत्साहित दिखे। सलारहेड़ी स्कूल में 60 वर्षीय पालो देवी अपनी 80 वर्षीय सास करतारो के साथ परीक्षा देने के लिए पहुंची। 80 वर्षीय करतारो देवी का कहना है कि जब वह बच्चे थे, तब लड़कियों की पढ़ाई को महत्व नहीं दिया जाता था और छोटे भाई-बहनों की देखरेख व घर के कार्यों में मदद ली जाती थी, इसलिए उन्हें पढ़ने का अवसर नहीं मिला। अब उनका पढ़ाई का सपना साकार होता दिख रहा है।
150 अंक की परीक्षा तीन घंटे तक चली, पेपर भी मौके पर हुए चेक
यह परीक्षा सुबह से शाम 5 बजे तक करवाई गई। परीक्षा में पढ़ना, लिखना और संख्यात्मक प्रश्न पूछे गए। जैसे चित्रों को समझना, अक्षरों को पहचानना, चित्र को देखकर चीजों को पहचानना, पोस्टर को देखकर उत्तर देना, चित्र को पढ़कर सही और गलत बताना, अक्षरों से एक-एक शब्द बनाकर लिखना, सही शब्द चुनकर वाक्य को पूरा करना, अपने घर और स्कूल का पता, चीजों को गिनकर उनकी संख्या बताना सहित प्रश्न पूछे गए। यह परीक्षा तीन घंटे की थी। कुल 150 अंक की परीक्षा में 33 फीसदी अंक वाला उत्तीर्ण माना जाएगा। स्कूल शिक्षकों ने मौके पर ही परीक्षा उपरांत पेपर चेक भी किए।
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छह हजार से अधिक लोगों ने दी परीक्षा
यह परीक्षा 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों ने दी। इन्हें उल्लास कार्यक्रम के तहत वालंटियर टीचर की ओर से पढ़ाया गया। इसके बाद अब परीक्षा ली गई। जिले में करीब छह हजार से अधिक लोगों ने परीक्षा में भाग लिया। राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग के लिए गरिमा गुप्ता कंसल्टेंट एनसीएल, एनईआरटी ने उल्लास जिला कॉर्डिनेटर कृष्ण पूनिया के साथ राजकीय उच्च विद्यालय टूंडला, राजकीय स्कूल बीसी बाजार, प्रेम नगर, राजकीय उच्च विद्यालय नंबर-सात, राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर-एक का निरीक्षण किया। जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बलाना और अन्य कई स्कूलों का निरीक्षण किया। सभी खंड शिक्षा अधिकारी और सीआरसी मुखिया भी निरीक्षण टीम में शामिल रहे।
कहीं सास बहू तो कहीं दंपत्ति ने एक साथ दी परीक्षा
सलारहेडी गांव के राजकीय स्कूल में सास-बहू दोनों परीक्षा देने के लिए पहुंची। सास करतारो देवी की उम्र 80 वर्ष और बहू पालो देवी की उम्र 60 वर्ष है। बलाना गांव के राजकीय स्कूल में 65 वर्षीय बिमला अपने 45 वर्षीय बेटे जसवंत के साथ परीक्षा देने पहुंची। मोहड़ा गांव में 90 वर्ष से अधिक आयु की चिंतो देवी और कई दंपत्ति ने परीक्षा दी। मुलाना में रामनाथ अपनी पत्नी रजनी देवी, खैरा में भी एक पति-पत्नी, रतनहेड़ी में मां-बेटा और डंगडेहरी में देवरानी और जेठानी दोनों परीक्षा देने पहुंची।
फोटो-- -38
अंबाला। छावनी के राजकीय स्कूल रंगिया मंडी में कई बुजर्गों ने उल्लास परीक्षा दी। विद्यालय प्रधानाचार्या कविता ने बताया कि विद्यालय के अध्यापकों ने आस-पास के क्षेत्र में जाकर सर्वे किया था। इनमें निरक्षर व्यक्तियों को चिन्हित किया गया। उन्हें साक्षर करने के लिए स्वयंसेवक शिक्षकों ने अपनी सेवाएं दी। अब इन लोगों की परीक्षा ली गई।
वर्जन
जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार की देखरेख में जिले भर के राजकीय स्कूलों में उल्लास परीक्षा करवाई गई। परीक्षा में 15 वर्ष से ऊपर के लोगों ने परीक्षा दी। इस परीक्षा में 90 वर्ष तक के लोगों में भी उत्साह दिखाया। इसको लेकर राज्य स्तरीय निरीक्षण टीम ने जिला अंबाला के कार्य की सराहना की।
कृष्ण पूनिया, जिला कोऑर्डिनेटर, उल्लास कार्यक्रम।
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इसमें 15 साल तक छात्रों से लेकर 90 वर्ष के बुजुर्ग शामिल हुए। परीक्षा तीन घंटे तक चली। इस दौरान बुजुर्ग काफी उत्साहित दिखे। सलारहेड़ी स्कूल में 60 वर्षीय पालो देवी अपनी 80 वर्षीय सास करतारो के साथ परीक्षा देने के लिए पहुंची। 80 वर्षीय करतारो देवी का कहना है कि जब वह बच्चे थे, तब लड़कियों की पढ़ाई को महत्व नहीं दिया जाता था और छोटे भाई-बहनों की देखरेख व घर के कार्यों में मदद ली जाती थी, इसलिए उन्हें पढ़ने का अवसर नहीं मिला। अब उनका पढ़ाई का सपना साकार होता दिख रहा है।
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150 अंक की परीक्षा तीन घंटे तक चली, पेपर भी मौके पर हुए चेक
यह परीक्षा सुबह से शाम 5 बजे तक करवाई गई। परीक्षा में पढ़ना, लिखना और संख्यात्मक प्रश्न पूछे गए। जैसे चित्रों को समझना, अक्षरों को पहचानना, चित्र को देखकर चीजों को पहचानना, पोस्टर को देखकर उत्तर देना, चित्र को पढ़कर सही और गलत बताना, अक्षरों से एक-एक शब्द बनाकर लिखना, सही शब्द चुनकर वाक्य को पूरा करना, अपने घर और स्कूल का पता, चीजों को गिनकर उनकी संख्या बताना सहित प्रश्न पूछे गए। यह परीक्षा तीन घंटे की थी। कुल 150 अंक की परीक्षा में 33 फीसदी अंक वाला उत्तीर्ण माना जाएगा। स्कूल शिक्षकों ने मौके पर ही परीक्षा उपरांत पेपर चेक भी किए।
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छह हजार से अधिक लोगों ने दी परीक्षा
यह परीक्षा 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों ने दी। इन्हें उल्लास कार्यक्रम के तहत वालंटियर टीचर की ओर से पढ़ाया गया। इसके बाद अब परीक्षा ली गई। जिले में करीब छह हजार से अधिक लोगों ने परीक्षा में भाग लिया। राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग के लिए गरिमा गुप्ता कंसल्टेंट एनसीएल, एनईआरटी ने उल्लास जिला कॉर्डिनेटर कृष्ण पूनिया के साथ राजकीय उच्च विद्यालय टूंडला, राजकीय स्कूल बीसी बाजार, प्रेम नगर, राजकीय उच्च विद्यालय नंबर-सात, राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर-एक का निरीक्षण किया। जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बलाना और अन्य कई स्कूलों का निरीक्षण किया। सभी खंड शिक्षा अधिकारी और सीआरसी मुखिया भी निरीक्षण टीम में शामिल रहे।
कहीं सास बहू तो कहीं दंपत्ति ने एक साथ दी परीक्षा
सलारहेडी गांव के राजकीय स्कूल में सास-बहू दोनों परीक्षा देने के लिए पहुंची। सास करतारो देवी की उम्र 80 वर्ष और बहू पालो देवी की उम्र 60 वर्ष है। बलाना गांव के राजकीय स्कूल में 65 वर्षीय बिमला अपने 45 वर्षीय बेटे जसवंत के साथ परीक्षा देने पहुंची। मोहड़ा गांव में 90 वर्ष से अधिक आयु की चिंतो देवी और कई दंपत्ति ने परीक्षा दी। मुलाना में रामनाथ अपनी पत्नी रजनी देवी, खैरा में भी एक पति-पत्नी, रतनहेड़ी में मां-बेटा और डंगडेहरी में देवरानी और जेठानी दोनों परीक्षा देने पहुंची।
फोटो
अंबाला। छावनी के राजकीय स्कूल रंगिया मंडी में कई बुजर्गों ने उल्लास परीक्षा दी। विद्यालय प्रधानाचार्या कविता ने बताया कि विद्यालय के अध्यापकों ने आस-पास के क्षेत्र में जाकर सर्वे किया था। इनमें निरक्षर व्यक्तियों को चिन्हित किया गया। उन्हें साक्षर करने के लिए स्वयंसेवक शिक्षकों ने अपनी सेवाएं दी। अब इन लोगों की परीक्षा ली गई।
वर्जन
जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार की देखरेख में जिले भर के राजकीय स्कूलों में उल्लास परीक्षा करवाई गई। परीक्षा में 15 वर्ष से ऊपर के लोगों ने परीक्षा दी। इस परीक्षा में 90 वर्ष तक के लोगों में भी उत्साह दिखाया। इसको लेकर राज्य स्तरीय निरीक्षण टीम ने जिला अंबाला के कार्य की सराहना की।
कृष्ण पूनिया, जिला कोऑर्डिनेटर, उल्लास कार्यक्रम।