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सुषमा स्वराज का व्यक्तित्व समाज के लिए था प्रेरणादायक और मार्गदर्शक

Thu, 08 Aug 2019 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Aug 2019 01:06 AM IST
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Sushma Sawaraj
अंबाला कैंट। स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि महान नेता सुषमा स्वराज का व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणादायक और मार्गदर्शक का था। बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी सुषमा स्वराज का बचपन अंबाला में गुजरा और यहीं से उन्होंने शिक्षा ली। समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में अहम उपलब्धियां हासिल करते हुए प्रदेश के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन किया। हमें सुषमा के जीवन से सीख लेने की जरूरत हैं। उन्होंने मातृ शक्ति को सेवा के हर क्षेत्र में आगे आने का मार्गदर्शन किया। नम आंखों से अपनी बात कहते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनका अचानक चला जाना समाज और राष्ट्र के लिए भारी क्षति हैं।
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आप सभी के लिए 24 घंटे दरवाजे खुले हैं
डीएवी स्कूल के प्रिंसिपल और उनके नजदीकी रहे रमेश बंसल का कहना है वह मेरी बहन के समान थीं। नम आंखों से उन्होंने कहा कि उनका जाना व्यक्तिगत क्षति से कम नहीं हैं। निजी स्कूलों की समस्याएं बहुत हुआ करती थीं। बहन सुषमा ने उन समस्याओं का समाधान बहुत अहम तरीके से किया। वे मिलनसार थीं। जब वे कम उम्र में प्रदेश सरकार में मंत्री बनीं तो उस समय मोबाइल नहीं हुआ करते थे। जब भी हम दूरभाष से उनसे संपर्क करते थे तो कहती थी समय लेनी की जरूरत नहीं आप कभी भी आ सकते हैं। आप सभी के लिए 24 घंटे सेवा के दरवाजे खुले हैं। रमेश बताते हैं कि उनकी याददाश्त बहुत तेज थी। जब किसी से एक बार मिल लेती थी तो अगली बार नाम लेकर उनको बुलाती थीं।
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जब बोलती थी तो लोग सुनते रह जाते थे
स्कूल में सुषमा स्वराज की सहपाठी रही कमलेश शर्मा ने बताया कि मैं छठी कक्षा में एसडी स्कूल में पढ़ती थी, जब पहली बार दो चोटियां बांधे एक नई लड़की अपनी क्लास में देखी। पता चला कि वो रेजिमेंट बाजार स्कूल से पांचवीं पास करके आई है और खूब होशियार है। कुछ ही दिनों में वो भाषण देने की प्रतियोगिता में भाग लेने लगी। जब बोलती थी तो लोग सुनते रह जाते थे। नाच-गाने समेत स्कूल की कोई भी सांस्कृतिक प्रतियोगिता उसके बिना अधूरी थी। हमारी शांता बहनजी (टीचर) तो हमेशा उसकी पीठ ठोकती रहती थी। सुषमा की माता जी की बचपन में ही मृत्यु हो गई थी, तब वो अपने नाना-नानी के पास रहने लगी थी। छोटी उम्र में ही बीसी बाजार में अपने नाना के देसी दवाखाना में भी बैठ जाती थी।
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रेजिमेंट बाजार में रहते हैं भाई
वर्ष 1977 में सुषमा स्वराज ने चार बार के कांग्रेसी विधायक देवराज आनंद को हराकर 25 वर्ष की आयु में अंबाला की पहली महिला विधायक बनीं और साथ में प्रदेश में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री रही। उसके उपरांत वे वर्ष 1987 में फिर से छावनी की विधायक बनीं। अंबाला छावनी रेजिमेंट बाजार में उनके भाई डॉ. गुलशन राय रहते हैं। समाज के अन्य लोगों का कहना हैं कि सुषमा का जीवन हमेशा मार्गदर्शन करता रहेगा।
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