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दुकानदारों ने नहीं जमा कराया पौने दो करोड़ किराया, सात दुकानें सील
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दो साल का किराया लगभग पौने दो करोड़ रुपये न देने पर वीरवार को छावनी बस अड्डे की सात दुकानों को सील कर दिया गया। भारी सुरक्षा बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट सहित रोडवेज महाप्रबंधक जोगिंदर रावल की मौजूदगी में दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई। उक्त कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना सामान दुकानों से बाहर निकाला।
कुछ ने जल्द ही किराया जमा कराने की गुहार भी लगाई, लेकिन प्रशासनिक व रोडवेज अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई को जारी रखा। इस कार्रवाई से अड्डे पर आने वाली सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि जो दुकानें सील की गई हैं, इसमें अड्डे की मुख्य कैंटीन भी शामिल है।
कैंटीन पर सबसे ज्यादा किराया
रोडवेज महाप्रबंधक ने बताया कि दुकानदारों ने कोर्ट में अपील दायर की हुई थी, लेकिन उन्हें कोर्ट से राहत नहीं मिली। सबसे ज्यादा किराया कैंटीन पर लगभग 30 लाख रुपये लंबित था। इसी प्रकार करियाना, नाई व अन्य खानपान की दुकानों पर भी करोड़ों रुपये बकाया था। महाप्रबंधक ने बताया कि दुकानदारों को कई बार नोटिस भी दिया गया। बाकायदा सीलिंग की कार्रवाई के लिए दुकानों के शटर पर नोटिस चस्पाए गए थे। मगर, दुकानदारों ने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। बता दें कि बस अड्डे के भीतर यह दुकानें वर्ष 2019 से किराए पर चढ़ी हुई थी। कोरोना काल की वजह से कई दुकानदारों ने किराया नहीं जमा करवाया था।
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दो माह पहले पार्किंग हुई थी सील
लगभग दो माह पहले छावनी बस अड्डे पर बनी दोपहिया वाहन पार्किंग को भी सील कर दिया गया था, क्योंकि पार्किंग ठेकेदार ने भी लगभग दो साल से रोडवेज को किराया नहीं जमा कराया था। इस कारण पार्किंग का किराया तीन करोड़ 57 लाख 24 हजार 987 रुपये तक पहुंच गया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पार्किंग को सील किया गया था।
छावनी बस अड्डे पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सात दुकानों को सील किया गया। इन पर पौने दो करोड़ रुपया बकाया था। जल्द ही नए तरीके से दुकानों और पार्किंग का ठेका दिया जाएगा, ताकि अड्डे पर आने वाली सवारियों को राहत मिल सके।
-जोगिंदर रावल, महाप्रबंधक हरियाणा रोडवेज अंबाला डिपो।
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कुछ ने जल्द ही किराया जमा कराने की गुहार भी लगाई, लेकिन प्रशासनिक व रोडवेज अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई को जारी रखा। इस कार्रवाई से अड्डे पर आने वाली सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि जो दुकानें सील की गई हैं, इसमें अड्डे की मुख्य कैंटीन भी शामिल है।
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कैंटीन पर सबसे ज्यादा किराया
रोडवेज महाप्रबंधक ने बताया कि दुकानदारों ने कोर्ट में अपील दायर की हुई थी, लेकिन उन्हें कोर्ट से राहत नहीं मिली। सबसे ज्यादा किराया कैंटीन पर लगभग 30 लाख रुपये लंबित था। इसी प्रकार करियाना, नाई व अन्य खानपान की दुकानों पर भी करोड़ों रुपये बकाया था। महाप्रबंधक ने बताया कि दुकानदारों को कई बार नोटिस भी दिया गया। बाकायदा सीलिंग की कार्रवाई के लिए दुकानों के शटर पर नोटिस चस्पाए गए थे। मगर, दुकानदारों ने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। बता दें कि बस अड्डे के भीतर यह दुकानें वर्ष 2019 से किराए पर चढ़ी हुई थी। कोरोना काल की वजह से कई दुकानदारों ने किराया नहीं जमा करवाया था।
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दो माह पहले पार्किंग हुई थी सील
लगभग दो माह पहले छावनी बस अड्डे पर बनी दोपहिया वाहन पार्किंग को भी सील कर दिया गया था, क्योंकि पार्किंग ठेकेदार ने भी लगभग दो साल से रोडवेज को किराया नहीं जमा कराया था। इस कारण पार्किंग का किराया तीन करोड़ 57 लाख 24 हजार 987 रुपये तक पहुंच गया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पार्किंग को सील किया गया था।
छावनी बस अड्डे पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सात दुकानों को सील किया गया। इन पर पौने दो करोड़ रुपया बकाया था। जल्द ही नए तरीके से दुकानों और पार्किंग का ठेका दिया जाएगा, ताकि अड्डे पर आने वाली सवारियों को राहत मिल सके।
-जोगिंदर रावल, महाप्रबंधक हरियाणा रोडवेज अंबाला डिपो।

अंबाला छावनी बस अड्डा में दुकानों को सील करने पहुंचे अधिकारी।- फोटो : Ambala