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Shambhu Border: किसानों की पतंग की डोर काटेगा ड्रोन; अंबाला में छह पायलटों ने संभाली कमान, पुलिस सतर्क
Sat, 17 Feb 2024 10:22 AM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Sat, 17 Feb 2024 10:22 AM IST
सार
प्रदर्शनकारी किसान ड्रोन को फंसाने की कोशिश करेंगे तो पुलिस भी इस स्थिति के लिए खुद को तैयार कर रही है। गौरतलब है कि 13 फरवरी को शंभू सीमा पर अंबाला पुलिस की तरफ से प्रयोग किए ड्रोन ने पांच हजार से अधिक आंसू गैस के गोले बरसाए थे।
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ड्रोन रोकने के लिए उड़ाए पतंग।
- फोटो : संवाद
विस्तार
पुलिस के 10 लाख रुपये के ड्रोन को प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा पतंग से गिराने की कोशिश पर अब अंबाला पुलिस भी चुनौती देती दिखाई दे रही है। इसके तहत पुलिस ने भी पतंगें उड़ाईं, जिसमें से तीन को काट दिया। अब ड्रोन को भी सक्षम बना लिया है कि वह चाइनीज डोर को आसानी से काट सकता है।
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ऐसे में आने वाले समय में अगर प्रदर्शनकारी किसान ड्रोन को फंसाने की कोशिश करेंगे तो पुलिस भी इस स्थिति के लिए खुद को तैयार कर रही है। पुलिस का दावा है कि उनका ड्रोन किसी भी तरह की पतंग और मांझे को झेलने में सक्षम है। जिस दिन किसानों ने पतंग से ड्रोन को फंसाया था, उसी दिन ड्रोन ने भी चाइनीज मांझे को काट दिया था।
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ऐसे में अगर प्रदर्शनकारी किसान आगे उग्र होते हैं तो फिर से ड्रोन का सहारा लिया जाएगा। गौरतलब है कि 13 फरवरी को शंभू सीमा पर अंबाला पुलिस की तरफ से प्रयोग किए ड्रोन ने पांच हजार से अधिक आंसू गैस के गोले बरसाए थे। इसके कारण किसानों को आगे बढ़कर बेरिगेडिंग तोड़ने का मौका नहीं मिल सका था। कई किसान इस गोलाबारी में घायल भी हुए थे।
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छह पायलटों की टीम संभाल रही ड्रोन
पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो छह लोगों की टीम आंसू गैस के गोले बरसाने वाले ड्रोन की कमान संभाल रही है। यह लोग विशेष रूप से प्रशिक्षण ड्रोन पॉयलट हैं। पुलिस की ओर से प्रयोग किए जा रहे ड्रोन को इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विस ऑफ हरियाणा लिमिटेड (दृश्यम) की ओर से निर्मित किया गया है। इस ड्रोन को कृषि से जुड़े कार्यों, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर निगरानी के लिए बनाया है।
मगर यह पहली बार है कि पुलिस ने इस प्रकार के आंदोलन में प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए इसका प्रयोग किया है। इस ड्रोन में एक ऐसा सिस्टम लगाया है जो हवा में उड़ने के दौरान ड्रोन में रखे आंसू गैस के गोलों को सक्रिय कर देता है। इसके बाद ड्रोन पॉयलट जहां पर प्रदर्शनकारी होते हैं वहां पर इन गोलों को एक बटन दबाते ही ट्रिगर कर देता है। जिससे गोला सक्रिय होने के बाद नीचे आते ही फट जाता है। यह ड्रोन पांच से छह किलोग्राम वजन उठाने की क्षमता रखता है।
आंसू गैस के गोलों का किया स्टाक
अंबाला पुलिस पहले ही किसान आंदोलन के लिए मिल रहे इनपुट से सतर्क थी। ऐसे में पुलिस ने पहले ही भारी मात्रा में आंसू गैस के गोले मंगा लिए थे। बताया जाता है कि दो से तीन ट्रक आंसू गैस के गोले का स्टॉक पुलिस के पास पहले से मौजूद है। अधिकारी तो यहां तक कह रहे हैं कि अगर जरूरत पड़ी और आंसू गैस के गोले मंगाए जा सकते हैं।