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Ambala News: रोडवेज कर्मचारियों ने दो घंटे किया प्रदर्शन
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अंबाला डिपो में प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी।
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अंबाला। रोडवेज विभाग में खाली पड़े हजारों पदों पर भर्ती और परिवहन मंत्री पर वादा खिलाफी का आरोप लगाकर रोडवेज कर्मचारियों ने आंदोलन का एलान किया है। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर पांच और छह सितंबर को प्रदेश भर में दो दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी।
इसी कड़ी में बुधवार को अंबाला डिपो में रोडवेज कर्मचारियों ने दो घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने महाप्रबंधक अश्वनी डोगरा के माध्यम से परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन विजेंद्र जांगड़ा, रविंदर राणा, बलविंदर सैनी, राजेश फौजी और नवीन माडा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
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मोर्चे के राज्य नेता जयबीर घणघस ने बताया कि 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास घेराव के दौरान मंत्री ने 15 दिन के भीतर मांगों पर बैठक बुलाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी बैठक का पत्र जारी नहीं किया गया जिससे कर्मचारियों में रोष है। मंत्री की वादा खिलाफी के विरोध में बुधवार को सभी डिपो पर दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया गया।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें-
परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना, लिपिकों की तर्ज पर तीन वेतन वृद्धि देना, चालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना और स्टैंड इंचार्ज का नया पद सृजित करना। 2016 के चालकों और एचकेआरएन के जरिए लगे परिचालकों व कर्मचारियों को पक्का करना। जोखिम वाली ड्यूटी के लिए जोखिम भत्ता और 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति। घाटे का सौदा बन रही इलेक्ट्रिक बसों की ठेका व्यवस्था को तुरंत समाप्त करना।
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इसी कड़ी में बुधवार को अंबाला डिपो में रोडवेज कर्मचारियों ने दो घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने महाप्रबंधक अश्वनी डोगरा के माध्यम से परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन विजेंद्र जांगड़ा, रविंदर राणा, बलविंदर सैनी, राजेश फौजी और नवीन माडा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
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मोर्चे के राज्य नेता जयबीर घणघस ने बताया कि 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास घेराव के दौरान मंत्री ने 15 दिन के भीतर मांगों पर बैठक बुलाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी बैठक का पत्र जारी नहीं किया गया जिससे कर्मचारियों में रोष है। मंत्री की वादा खिलाफी के विरोध में बुधवार को सभी डिपो पर दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया गया।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें-
परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना, लिपिकों की तर्ज पर तीन वेतन वृद्धि देना, चालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना और स्टैंड इंचार्ज का नया पद सृजित करना। 2016 के चालकों और एचकेआरएन के जरिए लगे परिचालकों व कर्मचारियों को पक्का करना। जोखिम वाली ड्यूटी के लिए जोखिम भत्ता और 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति। घाटे का सौदा बन रही इलेक्ट्रिक बसों की ठेका व्यवस्था को तुरंत समाप्त करना।