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राहत : अब छुट्टी के दिन भी होगा गंदगी का उठान
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अंबाला छावनी के कच्चा बाजार जाने वाले रास्ते पर बने डंपिंग जोन पर रखे डस्टबिन से सड़क पर गिरा क
अंबाला। गंदगी के उठान की प्रक्रिया दिन में नहीं बल्कि रात को होगी ताकि सुबह होते ही पूरा माहौल साफ व स्वच्छ नजर आए। ऐसी योजना नगर परिषद द्वारा तैयार की गई है। इस योजना के तहत छुट्टी के दिन भी गंदगी का उठान किया जाएगा। वहीं, गंदगी की समस्या के निपटान के लिए नगर परिषद में कंट्रोल रुम भी बनाया जाएगा और इसका हेल्पलाइन नंबर भी सार्वजनिक किया जाएगा ताकि लोग फोन पर ही गंदगी की शिकायत दर्ज करवा सकें।
यह योजना लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर तैयार की गई है ताकि अंबाला छावनी क्षेत्र को गंदगी मुक्त किया जा सके। इसी कड़ी में नगर परिषद आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल भी करेगा। इस पूरे कार्य की निगरानी के लिए ऐसे सुपरवाइजर की जिम्मेदारी लगाई जाएगी जो तथ्यों के साथ साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे ताकि समस्या का सही तरीके से समाधान हो सके।
स्वच्छता रैंकिंग
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के तहत नगर परिषद अंबाला सदर को 10 वीं रैंक मिली थी, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर नगर परिषद अंबाला सदर को 245 वीं रैंकिंग मिली। इस रैंकिंग सर्वेक्षण में खास बात यह रही कि पहले जहां 7500 अंक में से नंबर दिए जाते थे। इस बार वो नंबर 9500 में से दिए गए। इसमें नगर परिषद अंबाला सदर को मात्र 3747.08 अंक ही मिले थे। इसलिए नगर परिषद की ओर से तैयार की गई साफ-सफाई की योजना को धरातल पर उतारना बेहद जरूरी है लेकिन यह कार्य स्थानीय निवासियों के सहयोग के बिना पूरा करना नामुमकिन लगता है जोकि घरों और कार्यस्थलों से निकली गंदगी को इधर-उधर फेंक देते हैं।
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110 टन निकलता है कचरा
अंबाला छावनी से रोजाना 110 टन के करीब कचरा उठ रहा है। कचरा उठान के लिए 2330 रुपये प्रतिटन के हिसाब से प्राइवेट ठेकेदार को भुगतान किया जा रहा है जोकि इकट्ठा करने के बाद पटवी प्लांट में ले जाया जाता है। लेकिन रविवार या फिर सरकारी छुट्टी के दिन कचरा काफी बढ़ जाता है जोकि 120 टन तक पहुंच जाता है और कूड़ा उठान न होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अंबाला छावनी में गंदगी की समस्या से निपटने के लिए कुछ योजनाएं तैयार की गई हैं, इसके तहत रात्रि के समय साफ-सफाई और गंदगी उठान की योजना बनाई गई है ताकि सुबह के समय पूरा माहौल साफ-सुथरा नजर आए। छुट्टी के दिन भी गंदगी उठान को लेकर प्रक्रिया तैयार की जा रही है ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
रविंदर कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।
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यह योजना लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर तैयार की गई है ताकि अंबाला छावनी क्षेत्र को गंदगी मुक्त किया जा सके। इसी कड़ी में नगर परिषद आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल भी करेगा। इस पूरे कार्य की निगरानी के लिए ऐसे सुपरवाइजर की जिम्मेदारी लगाई जाएगी जो तथ्यों के साथ साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे ताकि समस्या का सही तरीके से समाधान हो सके।
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स्वच्छता रैंकिंग
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के तहत नगर परिषद अंबाला सदर को 10 वीं रैंक मिली थी, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर नगर परिषद अंबाला सदर को 245 वीं रैंकिंग मिली। इस रैंकिंग सर्वेक्षण में खास बात यह रही कि पहले जहां 7500 अंक में से नंबर दिए जाते थे। इस बार वो नंबर 9500 में से दिए गए। इसमें नगर परिषद अंबाला सदर को मात्र 3747.08 अंक ही मिले थे। इसलिए नगर परिषद की ओर से तैयार की गई साफ-सफाई की योजना को धरातल पर उतारना बेहद जरूरी है लेकिन यह कार्य स्थानीय निवासियों के सहयोग के बिना पूरा करना नामुमकिन लगता है जोकि घरों और कार्यस्थलों से निकली गंदगी को इधर-उधर फेंक देते हैं।
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110 टन निकलता है कचरा
अंबाला छावनी से रोजाना 110 टन के करीब कचरा उठ रहा है। कचरा उठान के लिए 2330 रुपये प्रतिटन के हिसाब से प्राइवेट ठेकेदार को भुगतान किया जा रहा है जोकि इकट्ठा करने के बाद पटवी प्लांट में ले जाया जाता है। लेकिन रविवार या फिर सरकारी छुट्टी के दिन कचरा काफी बढ़ जाता है जोकि 120 टन तक पहुंच जाता है और कूड़ा उठान न होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अंबाला छावनी में गंदगी की समस्या से निपटने के लिए कुछ योजनाएं तैयार की गई हैं, इसके तहत रात्रि के समय साफ-सफाई और गंदगी उठान की योजना बनाई गई है ताकि सुबह के समय पूरा माहौल साफ-सुथरा नजर आए। छुट्टी के दिन भी गंदगी उठान को लेकर प्रक्रिया तैयार की जा रही है ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
रविंदर कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।

अंबाला छावनी के कच्चा बाजार जाने वाले रास्ते पर बने डंपिंग जोन पर रखे डस्टबिन से सड़क पर गिरा क