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Ambala News: फीस जमा कराने के बाद भी रजिस्ट्री अटकी
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अंबाला। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रचार-प्रसार हो रहा है, लेकिन कुछ विभागीय अधिकारियों की ढीली कार्यशैली के चलते इन योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा।
ऐसा ही मामला सरकार की स्वामित्व योजना में देखने को मिल रहा है। जहां दुकानों के पैसे जमा कराने के बाद भी दुकानदार रजिस्ट्री को तरस रहे हैं जबकि विभागीय अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि कुछ दिन पहले ही काम संभाला है, सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना का आंकलन कर रहे हैं। इन सब बातों से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय अधिकारी काम करने की बजाए टाल-मटौल का रवैया अपनाए हैं।
इस संबंध में शुक्रवार को पंचकूला में मुख्यालय स्तर पर बैठक में मामले का संज्ञान लिया गया और संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि वो सरकार द्वारा आमजन के हित में जारी की गई योजनाओं में बाधा न बनें, अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इससे उम्मीद बंधी है कि आगामी सप्ताह लोगों को स्वामित्व योजना के तहत दुकानों के रजिस्ट्री की सौगात मिल सकती है।
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67 हो चुकी, 33 लंबित
पिछले लगभग छह माह से जारी स्वामित्व योजना के तहत अंबाला कैंट तहसील में हुई रजिस्ट्री की बात करें तो लगभग 67 दुकानदारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है, लेकिन विभागीय अधिकारियों के तबादले के बाद अन्य 33 दुकानदार अभी इस योजना का लाभी नहीं उठा पाए हैं जबकि उन्होंने रजिस्ट्री से जुड़ी सरकारी फीस और संबंधित दस्तावेज पहले ही जमा करवा दिए हैं।
नहीं मिल रही अप्वाइंटमेंट
वहीं दूसरी तरफ राजस्व विभाग की ऑनलाइन वेबसाइट भी अपडेट नहीं हुई है। इसमें अभी तक अंबाला कैंट के उपमंडल अधिकारी की फोटो नहीं लगी है। इस कारण ऑनलाइन सर्वर रजिस्ट्री से संबंधित अप्वाइंटमेंट भी जारी नहीं कर रहा। इसमें भी तकनीकी खामी बताई जा रही है।
पूर्व गृहमंत्री को शिकायत की तैयारी
दुकानदार लगातार अंबाला कैंट तहसील का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें जल्द ही कार्रवाई पूरा होने के झूठे आश्वासन देकर लौटाया जा रहा है। इससे उनमें रोष भी लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब दुकानदारों का कहना है कि पूर्व गृहमंत्री अनिल विज ने इस योजना के तहत अंबाला कैंट के दुकानदारों को सौगात दिलवाई थी, उनके पास जाकर ही अब गुहार लगाएंगे ताकि उन्हें भी इसका मालिकाना हक मिल सके।
फोटो-2
दुनानदार बने हैं किरायेदार : तरुण
तरुण कुमार ने कहा कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिन दुकानों में नगर परिषद के किराएदार बनकर काम कर रहे हैं, वो दुकानें उनके नाम हो जाएंगी। इससे बड़ी सौगात कुछ नहीं हो सकती। दुकान से संबंधित पैसा जमा करवा दिया है। अब रजिस्ट्री का इंतजार हो रहा है।
फोटो-3
कर चुके हैं भुगतान : जसबीर
जसबीर सिंह ने बताया कि भाई के नाम पर राय मार्केट में एक दुकान है। उसका पहले 25 प्रतिशत और फिर 75 प्रतिशत भुगतान कर चुके हैं। नगर परिषद से एनडीसी भी मिल चुकी है। रजिस्ट्री के दस्तावेज भी तैयार हो गए हैं और ऑनलाइन तरीके से भुगतान भी कर दिया है। लेकिन रजिस्ट्री को लेकर अभी तक अप्वाइंटमेंट नहीं मिल रही।
फोटो-4
एक हफ्ते बाद भी काम नहीं : अनुज
अनुज सिंह का कहना है कि रजिस्ट्री को लेकर तहसीलदार के पास गए थे तो उन्होंने जवाब दिया कि अभी वो यहां ट्रांसफर होकर आए हैं। पहले सरकारी की अधिसूचना को अच्छी तरह से समझ लें, इसके बाद रजिस्ट्री का काम शुरु हो जाएगा। इस बात को भी एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन कुछ नहीं हुआ। -
वर्जन
रजिस्ट्री को लेकर मुख्यालय स्तर पर भी मंत्रणा हुई थी। इसकी जानकारी अंबाला कैंट के तहसीलदार को भी दे दी गई है। उम्मीद है कि जल्द दुकानों की रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।
रजिस्ट्री को लेकर कुछ दुकानदार मिले थे। सरकारी अधिसूचना का आंकलन किया जा रहा है। जल्द ही उपायुक्त से इस संबंध में मार्गदर्शन लेकर कार्रवाई आरंभ कर दी जाएगी।
सुनील कुमार, तहसीलदार, अंबाला कैंट।
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ऐसा ही मामला सरकार की स्वामित्व योजना में देखने को मिल रहा है। जहां दुकानों के पैसे जमा कराने के बाद भी दुकानदार रजिस्ट्री को तरस रहे हैं जबकि विभागीय अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि कुछ दिन पहले ही काम संभाला है, सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना का आंकलन कर रहे हैं। इन सब बातों से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय अधिकारी काम करने की बजाए टाल-मटौल का रवैया अपनाए हैं।
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इस संबंध में शुक्रवार को पंचकूला में मुख्यालय स्तर पर बैठक में मामले का संज्ञान लिया गया और संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि वो सरकार द्वारा आमजन के हित में जारी की गई योजनाओं में बाधा न बनें, अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इससे उम्मीद बंधी है कि आगामी सप्ताह लोगों को स्वामित्व योजना के तहत दुकानों के रजिस्ट्री की सौगात मिल सकती है।
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67 हो चुकी, 33 लंबित
पिछले लगभग छह माह से जारी स्वामित्व योजना के तहत अंबाला कैंट तहसील में हुई रजिस्ट्री की बात करें तो लगभग 67 दुकानदारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है, लेकिन विभागीय अधिकारियों के तबादले के बाद अन्य 33 दुकानदार अभी इस योजना का लाभी नहीं उठा पाए हैं जबकि उन्होंने रजिस्ट्री से जुड़ी सरकारी फीस और संबंधित दस्तावेज पहले ही जमा करवा दिए हैं।
नहीं मिल रही अप्वाइंटमेंट
वहीं दूसरी तरफ राजस्व विभाग की ऑनलाइन वेबसाइट भी अपडेट नहीं हुई है। इसमें अभी तक अंबाला कैंट के उपमंडल अधिकारी की फोटो नहीं लगी है। इस कारण ऑनलाइन सर्वर रजिस्ट्री से संबंधित अप्वाइंटमेंट भी जारी नहीं कर रहा। इसमें भी तकनीकी खामी बताई जा रही है।
पूर्व गृहमंत्री को शिकायत की तैयारी
दुकानदार लगातार अंबाला कैंट तहसील का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें जल्द ही कार्रवाई पूरा होने के झूठे आश्वासन देकर लौटाया जा रहा है। इससे उनमें रोष भी लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब दुकानदारों का कहना है कि पूर्व गृहमंत्री अनिल विज ने इस योजना के तहत अंबाला कैंट के दुकानदारों को सौगात दिलवाई थी, उनके पास जाकर ही अब गुहार लगाएंगे ताकि उन्हें भी इसका मालिकाना हक मिल सके।
फोटो-2
दुनानदार बने हैं किरायेदार : तरुण
तरुण कुमार ने कहा कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिन दुकानों में नगर परिषद के किराएदार बनकर काम कर रहे हैं, वो दुकानें उनके नाम हो जाएंगी। इससे बड़ी सौगात कुछ नहीं हो सकती। दुकान से संबंधित पैसा जमा करवा दिया है। अब रजिस्ट्री का इंतजार हो रहा है।
फोटो-3
कर चुके हैं भुगतान : जसबीर
जसबीर सिंह ने बताया कि भाई के नाम पर राय मार्केट में एक दुकान है। उसका पहले 25 प्रतिशत और फिर 75 प्रतिशत भुगतान कर चुके हैं। नगर परिषद से एनडीसी भी मिल चुकी है। रजिस्ट्री के दस्तावेज भी तैयार हो गए हैं और ऑनलाइन तरीके से भुगतान भी कर दिया है। लेकिन रजिस्ट्री को लेकर अभी तक अप्वाइंटमेंट नहीं मिल रही।
फोटो-4
एक हफ्ते बाद भी काम नहीं : अनुज
अनुज सिंह का कहना है कि रजिस्ट्री को लेकर तहसीलदार के पास गए थे तो उन्होंने जवाब दिया कि अभी वो यहां ट्रांसफर होकर आए हैं। पहले सरकारी की अधिसूचना को अच्छी तरह से समझ लें, इसके बाद रजिस्ट्री का काम शुरु हो जाएगा। इस बात को भी एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन कुछ नहीं हुआ। -
वर्जन
रजिस्ट्री को लेकर मुख्यालय स्तर पर भी मंत्रणा हुई थी। इसकी जानकारी अंबाला कैंट के तहसीलदार को भी दे दी गई है। उम्मीद है कि जल्द दुकानों की रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।
रजिस्ट्री को लेकर कुछ दुकानदार मिले थे। सरकारी अधिसूचना का आंकलन किया जा रहा है। जल्द ही उपायुक्त से इस संबंध में मार्गदर्शन लेकर कार्रवाई आरंभ कर दी जाएगी।
सुनील कुमार, तहसीलदार, अंबाला कैंट।