{"_id":"5f13373c8ebc3e63a25dd3ca","slug":"rau-majra-ambala-news-knl3780062","type":"story","status":"publish","title_hn":"राउ माजरा में 50 एकड़ पंचायती जमीन से हटाए गए अवैध कब्जे, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राउ माजरा में 50 एकड़ पंचायती जमीन से हटाए गए अवैध कब्जे, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर शनिवार को प्रशासन ने गांव राऊ माजरा में करीब 50 एकड़ पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटाए। जानकारी के अनुसार गांव में करीब 40-42 साल से करीब 50 एकड़ जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा जमाया हुआ था। कब्जे की वजह से पंचायत को वित्तीय नुकसान हो रहा था। गांव के भूपेंद्र कुमार ने कोर्ट में याचिका दायर कर जमीन को कब्जा मुक्त करने का आग्रह किया था। अब हाईकोर्ट ने भूपिंद्र की याचिका पर फैसला सुनाते हुए प्रशासन को जमीन से कब्जा हटाने के आदेश दिए थे। प्रशासन जमीन को कब्जा मुक्त करवाकर इसके चारों ओर पिल्लर लगवा दिए हैं। टीम की अगुवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं खंड विकास अधिकारी राजकुमार चानना व तहसीलदार सुखदेव सिंह ने की। एसडीओ पंचायती राज नरेश राठी, पंचायत अधिकारी गुरदास सिंह, जेई ललित कौशल, जेई गुरविंदर नरूला, पंचायत सचिव नेत्रपाल राणा, पंचायत सचिव अनुज राणा व थाना प्रभारी वीरेंद्र वालिया दलबल के साथ मौजूद रहे। जांच अधिकारी राजकुमार चानना ने बताया कि कार्रवाई के दौरान उन्हें किसी तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा।
किसान बोले, जमीन पर पंचायत का कोई हक नहीं
उधर जमीन पर दावा करने वाले किसानों ने बताया कि उनके पास सिविल कोर्ट की डिग्री है, जिसमें साफ साफ लिखा है कि इसमें पंचायत का कोई रोल नहीं है। शामलात (मुस्तकान मालकान) की करीब 54 एकड़ जमीन है। ये जमीन पंचायत में चली गई थी। हमने केस किया तो पंचायत केस हार गई थी। किसान ऋषिपाल ने बताया कि अब गांव के भूपेन्द्र सिंह ने एसडीएम की कोर्ट में केस डाला था। किसी भी किसान के पास कोई नोटिस नहीं आया। जिस कारण हमें एक्स पार्टी घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारियों को जमीन के दस्तावेज दिखाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। सुखबीर सिंह, तरसेम व करनैल सिंह ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने हमारी कोई सुनवाई नहीं की। हालांकि एसडीएम गिरीश कुमार ने कहा कि इसमें उनका कोई रोल नही है। ये कोर्ट के आदेश हैं। कोर्ट के आदेशों की ही अनुपालना की गई है।
विज्ञापन
किसान बोले, जमीन पर पंचायत का कोई हक नहीं
उधर जमीन पर दावा करने वाले किसानों ने बताया कि उनके पास सिविल कोर्ट की डिग्री है, जिसमें साफ साफ लिखा है कि इसमें पंचायत का कोई रोल नहीं है। शामलात (मुस्तकान मालकान) की करीब 54 एकड़ जमीन है। ये जमीन पंचायत में चली गई थी। हमने केस किया तो पंचायत केस हार गई थी। किसान ऋषिपाल ने बताया कि अब गांव के भूपेन्द्र सिंह ने एसडीएम की कोर्ट में केस डाला था। किसी भी किसान के पास कोई नोटिस नहीं आया। जिस कारण हमें एक्स पार्टी घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारियों को जमीन के दस्तावेज दिखाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। सुखबीर सिंह, तरसेम व करनैल सिंह ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने हमारी कोई सुनवाई नहीं की। हालांकि एसडीएम गिरीश कुमार ने कहा कि इसमें उनका कोई रोल नही है। ये कोर्ट के आदेश हैं। कोर्ट के आदेशों की ही अनुपालना की गई है।
विज्ञापन