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Ambala News: बारिश से बराड़ा के किसानों में खुशी, फसलों को होगा फायदा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 02:44 AM IST
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Rain brings joy to farmers in Barara; crops will benefit
डाॅ. रविकांत, खंड कृ​षि अ​धिकारी, बराड़ा। - फोटो : samvad
क्षेत्र मे 80 प्रतिशत हो चुकी है धान की रोपाई, अब पानी की जरूरत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। क्षेत्र में दिन के समय हुई रिमझिम बारिश खरीफ सीजन के लिए राहत भरी सौगात बनकर आई। कई दिनों से उमस और तेज गर्मी झेल रहे किसानों को इस बारिश ने राहत दी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह वर्षा केवल धान ही नहीं, बल्कि मक्का, बाजरा, चारा फसलों और अन्य खरीफ फसलों के लिए भी बेहद लाभदायक साबित होगी। बारिश न होने के कारण जहां मौसम बहुत गर्म था, वहीं किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही थी। धान की रोपाई का काम अंतिम दौर में है, लेकिन पूरे सीजन के दौरान बारिश नहीं हुई। इससे किसान चिंतित थे, क्योंकि ट्यूबवेल का पानी धान व अन्य फसलों के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता है और बारिश का पानी बेहद जरूरी है।
खंड कृषि अधिकारी डॉ. रविकांत ने बताया कि बारिश का पानी प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन का महत्वपूर्ण स्रोत होता है। यही कारण है कि किसान इसे आसमान से बरसी खाद भी कहते हैं। इससे फसलों की बढ़वार तेज होती है। पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और खेतों में मौजूद पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग हो पाता है।
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उन्होंने बताया कि खंड में इस समय धान की रोपाई अंतिम चरण में है। अब तक करीब 35 हजार एकड़ क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत धान की रोपाई पूरी हो चुकी है। वहीं सीधी बिजाई के लिए करीब 3 हजार एकड़ का पंजीकरण किया गया है। ऐसे समय में हुई रिमझिम बारिश धान की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
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भूजल स्तर नहीं घटेगा
डॉ. रविकांत ने कहा कि यदि आने वाले दिनों में भी समय-समय पर ऐसी हल्की बारिश होती रही तो किसानों को सिंचाई के लिए बार-बार ट्यूबवेल नहीं चलाने पड़ेंगे। इससे बिजली और डीजल की बचत होगी तथा भूजल स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वर्षा का पानी जमीन में समाकर भूजल का बढ़ाने में मदद करता है। इससे भविष्य में जल संकट की संभावना कम होती है। उन्होंने बताया कि रिमझिम बारिश मक्का, बाजरा, ज्वार तथा हरे चारे की फसलों के लिए भी लाभकारी है। इससे खेतों में नमी बनी रहती है, अंकुरण और शुरुआती बढ़वार बेहतर होती है तथा फसलों पर गर्मी का तनाव कम पड़ता है। सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी इस बारिश से फायदा मिलेगा।


निर्धारित मात्रा में करें उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग
हालांकि उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बारिश के बाद खेतों का नियमित निरीक्षण करें और कृषि विभाग की सिफारिश के अनुसार ही निर्धारित मात्रा में कीटनाशकों एवं अन्य कृषि रसायनों का प्रयोग करें। अनावश्यक या अधिक मात्रा में दवाइयों का उपयोग न करें, ताकि फसल को पूरा लाभ मिल सके और उत्पादन बेहतर हो।

डाॅ. रविकांत, खंड कृषि अधिकारी, बराड़ा।

डाॅ. रविकांत, खंड कृषि अधिकारी, बराड़ा।- फोटो : samvad

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