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5 लाख रिश्वत के आरोपों में फंसे नायब तहसीलदार की बढ़ी मुश्किलें
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5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में फंसे छावनी के नायब तहसीलदार बोधराज की दिक्कतें बढ़ती नजर आ रही हैं। गृहमंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में अंबाला पुलिस ने 14 जून को बोधराज पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया था, लेकिन तब से लेकर अब तक आरोपी पुलिस के गिरफ्त से अभी बाहर है। वहीं इस मामले में कार्रवाई करते हुए डीएसपी अंबाला कैंट रामकुमार ने शिकायतकर्ता ओंकारनाथ नाथी परुथी को इस मामले से जुड़े तमाम दस्तावेज उपलब्ध कराने का समय दे दिया है।
डीएसपी ने 18 जून को दस्तावेज सहित कार्यालय पेश होने के आदेश दिए हैं। वहीं ओंकार नाथी परुथी के पास इस मामले से जुड़ी कई ऑडियो पड़ी हैं। सूत्रों के मुताबिक करीब 5 ऐसी ऑडियो रिकॉर्डिंग हैं जिनसे बोधराज की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। इसके अलावा ओंकार नाथी के बैंकों की डिटेल भी पुलिस खंगालेगी ताकि सच सामने आ सके। ओंकार नाथी ने अपनी शिकायत में बताया था कि इंतकाल के लिए पहले नायब तहसीलदार ने 2 लाख रुपये मांगे थे। इसमें से मैंने एक लाख रुपये सार्वजनिक छुट्टी वाले दिन तहसील कार्यालय के अंदर ही बोधराज को दिए थे। लेकिन रुपये लेने के बाद बोधराज का लालच बढ़ गया और उसने 5 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। रुपये न देने पर इंतकाल खारिज करने की धमकी दी।
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डीएसपी ने 18 जून को दस्तावेज सहित कार्यालय पेश होने के आदेश दिए हैं। वहीं ओंकार नाथी परुथी के पास इस मामले से जुड़ी कई ऑडियो पड़ी हैं। सूत्रों के मुताबिक करीब 5 ऐसी ऑडियो रिकॉर्डिंग हैं जिनसे बोधराज की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। इसके अलावा ओंकार नाथी के बैंकों की डिटेल भी पुलिस खंगालेगी ताकि सच सामने आ सके। ओंकार नाथी ने अपनी शिकायत में बताया था कि इंतकाल के लिए पहले नायब तहसीलदार ने 2 लाख रुपये मांगे थे। इसमें से मैंने एक लाख रुपये सार्वजनिक छुट्टी वाले दिन तहसील कार्यालय के अंदर ही बोधराज को दिए थे। लेकिन रुपये लेने के बाद बोधराज का लालच बढ़ गया और उसने 5 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। रुपये न देने पर इंतकाल खारिज करने की धमकी दी।
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