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Ambala News: को-ऑपरेटिव बैंकों में 37 सालों से अटकी स्थायी भर्ती, उम्रदराजों के हाथ बागडोर
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अंबाला। दी अंबाला को-ऑपरेटिव बैंकों की शाखाओं में 37 सालों से स्थायी पदों की भर्ती नहीं होने पर नियमों को ताक पर रखकर काम रहे उम्रदराज कर्मचारियों के हाथ बागडोर सौंपी है। यह वे कर्मचारी हैं तो सालों से बैंकों के स्थायी पदों पर तैनात थे। वहां से सेवानिवृत्त होने के बाद दोबारा उनके अनुभव को देखते ही हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत हैं। इनमें जिलाभर में करीब 10 ऐसे कर्मचारी हैं जो 65 साल से अधिक उम्र में भी बैंक के जिम्मेदार पदों पर कार्यरत हैं। इनमें 74 साल तक के कर्मचारी भी शामिल है। जबकि अधिकतर ऐसे कर्मचारी है, जिन्हें बैंकों के जिम्मेदार पद सौंपे हैं।
इन बैंकों में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए हरियाणा कौशल के तहत ही कर्मचारियों को रखा जा रहा है। उधर, को-ऑपरेटिव बैंक की बलदेव नगर शाखा में भी बैंक के ब्रांच मैनेजर से लेकर जूनियर अकाउंटेंट पर दोनों ही रिटायर कर्मचारी कार्यरत है। हालांकि वह अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे हैं लेकिन ऐसे में नए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खत्म होते जा रहे हैं। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद भी बैंकों में काम करने के लिए भटक रहे हैं।
240 में से करीब 20 रह गए स्थायी कर्मचारी
को-ऑपरेटिव बैंकों में स्थायी भर्ती न होने के बाद अब मौजूदा समय में महज करीब 20 कर्मचारी ही स्थायी पद पर कार्यरत है, बाकी करीब 200 पदों पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कर्मचारी कार्यरत हैं। बता दें कि अंबाला जिले में को-ऑपरेटिव बैंकों की मुख्य कार्यालय को मिलाकर कुल 29 शाखाएं है। इनमें अंबाला सिटी, महेश नगर, मटेड़ी शेखां, नन्यौला, जनसूई हैड, मोहड़ा, केसरी, साहा, मुलाना, दोसड़का, बराड़ा, नारायणगढ़, शहजादपुर, कड़ासन, बधौली, अम्बली, अनाजमंडी सिटी, बलदेव नगर, बकनौर, बुलाना, छपरा, बिजलपुर, उगाला, नोहनी, लाहा, पटवी, नोगांवा, विस्तार पटल केसरी में यह शाखाएं है।
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इन बैंकों में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए हरियाणा कौशल के तहत ही कर्मचारियों को रखा जा रहा है। उधर, को-ऑपरेटिव बैंक की बलदेव नगर शाखा में भी बैंक के ब्रांच मैनेजर से लेकर जूनियर अकाउंटेंट पर दोनों ही रिटायर कर्मचारी कार्यरत है। हालांकि वह अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे हैं लेकिन ऐसे में नए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खत्म होते जा रहे हैं। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद भी बैंकों में काम करने के लिए भटक रहे हैं।
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240 में से करीब 20 रह गए स्थायी कर्मचारी
को-ऑपरेटिव बैंकों में स्थायी भर्ती न होने के बाद अब मौजूदा समय में महज करीब 20 कर्मचारी ही स्थायी पद पर कार्यरत है, बाकी करीब 200 पदों पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कर्मचारी कार्यरत हैं। बता दें कि अंबाला जिले में को-ऑपरेटिव बैंकों की मुख्य कार्यालय को मिलाकर कुल 29 शाखाएं है। इनमें अंबाला सिटी, महेश नगर, मटेड़ी शेखां, नन्यौला, जनसूई हैड, मोहड़ा, केसरी, साहा, मुलाना, दोसड़का, बराड़ा, नारायणगढ़, शहजादपुर, कड़ासन, बधौली, अम्बली, अनाजमंडी सिटी, बलदेव नगर, बकनौर, बुलाना, छपरा, बिजलपुर, उगाला, नोहनी, लाहा, पटवी, नोगांवा, विस्तार पटल केसरी में यह शाखाएं है।
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