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Ambala News: चार दिनों बाद खुली ओपीडी, 3400 मरीजों का इलाज
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सिटी नागरिक अस्पताल में पंजीकरण काउंटर के बाहर लाइन में खड़े मरीज। संवाद
अंबाला सिटी। दिवाली सहित अन्य त्योहारों के चलते वीरवार से बंद ओपीडी सेवाएं शुरू होते ही सोमवार को शुरू हो गईं। आलम यह हुआ कि एक ही दिन में सिटी और कैंट के नागरिक अस्पतालो में 3400 मरीज उपचार लेने पहुंचे। इतनी भीड़ का प्रबंधन करना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनता दिखाई दिया।
इसमें अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में 2800 मरीज तो सिटी में 1600 मरीज पहुंचे। सुबह नौ बजे से ही लोग अपनी पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगने शुरू हो गए थे। वहीं सिटी में सोमवार को ऑपरेशन का दिन होने के कारण हड्डी रोग की ओपीडी नहीं लगी। इससे मरीजों में कमी देखने को मिली।
बुखार के लिए लगाए अलग से चिकित्सक
मौसम में बदलाव के कारण आंखों के मरीज, सांस की बीमारियों से संबंधित मरीज, बुखार के मरीज, गले में खराबी और सीओपीडी के मरीज अधिक संख्या में देखने को मिले। नागरिक अस्पताल में सोमवार को बुखार की जांच के लिए चार चिकित्सकों को लगाया है। इसके साथ ही खून की जांच करवाने के लिए भी 200 से अधिक मरीजों ने पर्ची कटवाई। खून जांच करवाने के लिए अधिकतर डेंगू और बुखार के मरीज ही आ रहे हैं।
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दो घंटों में ही पंजीकरण काउंटर हुआ फुल
छावनी के नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो घंटे में ही ओपीडी मरीजाें से फुल हो गई। इसलिए मजबूरन कर्मचारियों को पंजीकरण काउंटर ही बंद करना पड़ गया। एक ओपीडी में करीब 150 मरीजों को ही जांचा जा सकता है।
गले में परेशानी के बढ़ रहे मरीज
अंबाला। ईएनटी वार्ड में सोमवार को करीब 70 मरीजों सिर्फ गले की समस्या को लेकर पहुंचे। डॉ. नेहा ने बताया कि इन दिनों हवा के कण भारी हो जाते हैं। ऐसे में खुली हवा में सांस लेने के कारण गले में खराबी हो जाती है। प्रदूषण वाली हवा भी इसका कारण हो सकती है। इससे खांसी और गले में एलर्जी का खतरा बढ़ रहा है। इसलिए शाम के समय बाहर निकलने से पहले अपने मुंह पर मास्क लगाकर ही निकलें।
आंखों की ओपीडी 200 पार
जिला नागरिक अस्पताल में आंखों के मरीजों की संख्या भी इन दिनों बढ़ रही है। सोमवार को करीब 200 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आंखों के वार्ड में पहुंचे। डॉ संगीता भगत ने बताया कि इन दिनों अधिकतर मरीजों को आंखों में जलन और एलर्जी की परेशानी रहती है। सोमवार को करीब 70 मरीज आंखों में एलर्जी और जलन के आए हैं। प्रदूषित हवा में निकलने पर आंखों में जलन होती है। इससे आंखों में संक्रमण का खतरा भी अधिक हो जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को इससे अधिक परेशानी हो रही है।
बुखार की भी बढ़ी समस्या
डॉ. हर्ष कुश्वाहा ने बताया कि सोमवार को उनके पास करीब 150 मरीज उपचार के लिए आए इनमें से 50 से 60 मरीज बुखार के ही आ रहे हैं। इसके साथ ही सांस संबंधित रोगियों को भी सीओपीडी का खतरा बढ़ रहा है। इन दिनों हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक होने के कारण फेफड़ों पर अधिक दबाव पड़ता है। इससे मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है।
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इसमें अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में 2800 मरीज तो सिटी में 1600 मरीज पहुंचे। सुबह नौ बजे से ही लोग अपनी पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगने शुरू हो गए थे। वहीं सिटी में सोमवार को ऑपरेशन का दिन होने के कारण हड्डी रोग की ओपीडी नहीं लगी। इससे मरीजों में कमी देखने को मिली।
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बुखार के लिए लगाए अलग से चिकित्सक
मौसम में बदलाव के कारण आंखों के मरीज, सांस की बीमारियों से संबंधित मरीज, बुखार के मरीज, गले में खराबी और सीओपीडी के मरीज अधिक संख्या में देखने को मिले। नागरिक अस्पताल में सोमवार को बुखार की जांच के लिए चार चिकित्सकों को लगाया है। इसके साथ ही खून की जांच करवाने के लिए भी 200 से अधिक मरीजों ने पर्ची कटवाई। खून जांच करवाने के लिए अधिकतर डेंगू और बुखार के मरीज ही आ रहे हैं।
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दो घंटों में ही पंजीकरण काउंटर हुआ फुल
छावनी के नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो घंटे में ही ओपीडी मरीजाें से फुल हो गई। इसलिए मजबूरन कर्मचारियों को पंजीकरण काउंटर ही बंद करना पड़ गया। एक ओपीडी में करीब 150 मरीजों को ही जांचा जा सकता है।
गले में परेशानी के बढ़ रहे मरीज
अंबाला। ईएनटी वार्ड में सोमवार को करीब 70 मरीजों सिर्फ गले की समस्या को लेकर पहुंचे। डॉ. नेहा ने बताया कि इन दिनों हवा के कण भारी हो जाते हैं। ऐसे में खुली हवा में सांस लेने के कारण गले में खराबी हो जाती है। प्रदूषण वाली हवा भी इसका कारण हो सकती है। इससे खांसी और गले में एलर्जी का खतरा बढ़ रहा है। इसलिए शाम के समय बाहर निकलने से पहले अपने मुंह पर मास्क लगाकर ही निकलें।
आंखों की ओपीडी 200 पार
जिला नागरिक अस्पताल में आंखों के मरीजों की संख्या भी इन दिनों बढ़ रही है। सोमवार को करीब 200 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आंखों के वार्ड में पहुंचे। डॉ संगीता भगत ने बताया कि इन दिनों अधिकतर मरीजों को आंखों में जलन और एलर्जी की परेशानी रहती है। सोमवार को करीब 70 मरीज आंखों में एलर्जी और जलन के आए हैं। प्रदूषित हवा में निकलने पर आंखों में जलन होती है। इससे आंखों में संक्रमण का खतरा भी अधिक हो जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को इससे अधिक परेशानी हो रही है।
बुखार की भी बढ़ी समस्या
डॉ. हर्ष कुश्वाहा ने बताया कि सोमवार को उनके पास करीब 150 मरीज उपचार के लिए आए इनमें से 50 से 60 मरीज बुखार के ही आ रहे हैं। इसके साथ ही सांस संबंधित रोगियों को भी सीओपीडी का खतरा बढ़ रहा है। इन दिनों हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक होने के कारण फेफड़ों पर अधिक दबाव पड़ता है। इससे मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है।