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Indian Railways: एक स्टेशन, एक उत्पाद योजना की सुस्त रफ्तार, उत्तर रेलवे ने लिया संज्ञान
Wed, 13 Sep 2023 10:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Sep 2023 10:00 AM IST
सार
अंबाला के अलावा अन्य मंडलों में भी योजना की रफ्तार सुस्त है। इसे देखते हुए उत्तर रेलवे ने चिह्नित किए गए सभी 185 स्टेशनों पर इस सुविधा को 22 नवंबर तक शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत फिरोजपुर मंडल ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
लगभग डेढ़ साल पहले शुरू की गई एक स्टेशन एक उत्पाद (ओएसओपी) की योजना अभी परवान नहीं चढ़ सकी है। स्थिति यह है कि उत्तर रेलवे ने नवंबर 2023 तक 185 काउंटर खोलने का फैसला किया था, लेकिन अभी तक मात्र 128 ही खुल पाए हैं। इसलिए उत्तर रेलवे ने अंबाला रेल मंडल सहित दिल्ली, फिरोजपुर, मुरादाबाद और लखनऊ के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधकों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि जो स्टेशन उनके अधीन हैं और ओएसओपी के लिए चिह्नित किए गए हैं। वहां 22 नवंबर तक काउंटर खोलने का प्रबंधक करें ताकि जरूरतमंद लोगों को रोजगार मिल सके और वो आजीविका कमा सकें।
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यहां मिल रही सुविधा
अंबाला रेल मंडल के अधीन 18 रेलवे स्टेशनों पर ओएसओपी की सुविधा शुरू होनी थी। इसमें 14 रेलवे स्टेशनों पर ओएसओपी स्टाल चल रहे हैं जबकि चार पर जल्द ही यह सुविधा मिलने लगेगी। फिलहाल ओएसओपी काउंटर अंबाला कैंट, चंडीगढ़, कालका, शिमला, धूरी, बरनाला, पटियाला, अबोहर, बठिंडा, राजपुर, सरहिंद, बराड़ा, यमुनानगर व सहारनपुर रेलवे स्टेशनों पर चल रहे हैं।
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अंबाला के अलावा अन्य मंडलों में भी योजना की रफ्तार सुस्त है। इसे देखते हुए उत्तर रेलवे ने चिह्नित किए गए सभी 185 स्टेशनों पर इस सुविधा को 22 नवंबर तक शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत फिरोजपुर मंडल ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है, जबकि लखनऊ और दिल्ली मंडल ने इस योजना को धरातल पर उतारने का कार्य शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि रेलवे ने ओएसओपी के तहत प्राथमिक चरण में पांच हजार रेलवे स्टेशनों पर काउंटर खोलने का फैसला किया था। इसे बाद में कम करके 1300 स्टेशनों तक सीमित कर दिया गया था। इसमें उत्तर रेलवे के अधीन 185 रेलवे स्टेशनों पर इस सुविधा को यात्रियों के लिए शुरू करने की योजना बनाई गई थी।
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ओएसओपी योजना
आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने यह योजना तैयार की थी ताकि छोटे कारीगर भी बिना किसी परेशानी के आजीविका अर्जित कर सकें। यह सुविधा 15 दिन के लिए रेलवे स्टेशन पर बनाए गए स्टॉल पर उपलब्ध करवाई जाती है। इसका शुल्क भी मात्र एक हजार से 1500 रुपये है।
अधिकारी के अनुसार
सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर ओएसओपी के काउंटर शुरू किए गए हैं। इस कड़ी में अब छोटे रेलवे स्टेशनों को भी शामिल किया गया है। इसमें अंबाला सिटी सहित कुछ अन्य रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इससे स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा मिल सकेगा। -नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबधंक, अंबाला मंडल।