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नग्गल क्षेत्र में स्थापित होगी उत्तर भारत की एनसीडीसी ब्रांच, होगी गंभीर वायरस की जांच
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अंबाला के नग्गल क्षेत्र में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की शाखा स्थापित होगी। करीब 20 करोड़ की लागत से चार मंजिल की इमारत का निर्माण होगा। इसके बाद यहां आधुनिक उपकरणों से लैस लैब स्थापित की जाएगी। यहां गंभीर वायरस की जांच हो सकेगी। इसके लिए वीरवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अनिल दिगम्बर पाटिल की मौजूदगी में चार एकड़ 11 मरले जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
यह कार्य हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयासों से संभव हुआ है। उनके मुताबिक इस शाखा में जीनोम सिक्वेसिंग, नीपा वायरस, जीका वायरस, रेबीज, जूनाटिक रोग, कोविड-19, ओमिक्रॉन, हेपेटाइटिस के अलावा अन्य गंभीर वायरस की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। डॉ. अनिल दिगम्बर पाटिल ने बताया कि शाखा पूर्णतय दिल्ली के अधीन होगी। यह पर्यावरण के अनुकूल होगी। लैब में दिल्ली की लैब जैसा सेटअप होगा। इससे दिल्ली और अंबाला में समन्वय स्थापित होगा और जो स्टडी होगी उस पर आगे संयुक्त तौर पर कार्य किए जाएंगे।
अब अंबाला में होंगे आधुनिक टेस्ट
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि अब तक गंभीर वायरस के टेस्ट दिल्ली स्थित एनसीडीसी में होते थे। लैब स्थापित होने के बाद अब अंबाला उत्तर भारत का प्रमुख जांच केंद्र बन जाएगा। इससे समय की बचत होगी। गंभीर और नई बीमारियों के सैंपल अंबाला स्थित लैब में चैक किए जाएंगे। यहां जीवाणुओं पर रिसर्च भी की जाएगी। उत्तर भारत में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश व जम्मू-कश्मीर में इस तरह की अब तक कोई शाखा नहीं है। शाखा में विभिन्न वैक्सीन, दवाइयों व अन्य नैदानिक किट की उपलब्धता के लिए भी कार्य किया जाएगा।
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तीन चरणों में बनेगी शाखा
एनसीडीसी शाखा का निर्माण तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले और दूसरे चरण में बिल्डिंग का निर्माण होगा। तीसरे चरण में लैब की स्थापना होगी। यहां पर करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें बॉयो सेफ्टी केबिनेट, इन्क्यूबेटर, नॉन रेफ्रिजरेट सेंट्रीफ्यूज, कोल्ड सेंट्रीफ्यूज, रियल टाइम पीसीआर मशीन, ड्राइ ब्लॉक इनक्यूबेटर, रेफ्रिजरेटर, ऑटोक्लेव, हॉट एयर ओवन, डीप फ्रीजर, ट्रेनिंग माइक्रोस्कोप, लाइट माइक्रोस्कोप कंपाउंड, एलीसा रीडर विद वॉशर, माइक्रोपिपटीस्ट ऑफ ऑल साइज, मिली-क्यू वॉटर प्योरीफायर व अन्य उपकरण होंगे।
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यह कार्य हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयासों से संभव हुआ है। उनके मुताबिक इस शाखा में जीनोम सिक्वेसिंग, नीपा वायरस, जीका वायरस, रेबीज, जूनाटिक रोग, कोविड-19, ओमिक्रॉन, हेपेटाइटिस के अलावा अन्य गंभीर वायरस की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। डॉ. अनिल दिगम्बर पाटिल ने बताया कि शाखा पूर्णतय दिल्ली के अधीन होगी। यह पर्यावरण के अनुकूल होगी। लैब में दिल्ली की लैब जैसा सेटअप होगा। इससे दिल्ली और अंबाला में समन्वय स्थापित होगा और जो स्टडी होगी उस पर आगे संयुक्त तौर पर कार्य किए जाएंगे।
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अब अंबाला में होंगे आधुनिक टेस्ट
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि अब तक गंभीर वायरस के टेस्ट दिल्ली स्थित एनसीडीसी में होते थे। लैब स्थापित होने के बाद अब अंबाला उत्तर भारत का प्रमुख जांच केंद्र बन जाएगा। इससे समय की बचत होगी। गंभीर और नई बीमारियों के सैंपल अंबाला स्थित लैब में चैक किए जाएंगे। यहां जीवाणुओं पर रिसर्च भी की जाएगी। उत्तर भारत में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश व जम्मू-कश्मीर में इस तरह की अब तक कोई शाखा नहीं है। शाखा में विभिन्न वैक्सीन, दवाइयों व अन्य नैदानिक किट की उपलब्धता के लिए भी कार्य किया जाएगा।
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तीन चरणों में बनेगी शाखा
एनसीडीसी शाखा का निर्माण तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले और दूसरे चरण में बिल्डिंग का निर्माण होगा। तीसरे चरण में लैब की स्थापना होगी। यहां पर करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें बॉयो सेफ्टी केबिनेट, इन्क्यूबेटर, नॉन रेफ्रिजरेट सेंट्रीफ्यूज, कोल्ड सेंट्रीफ्यूज, रियल टाइम पीसीआर मशीन, ड्राइ ब्लॉक इनक्यूबेटर, रेफ्रिजरेटर, ऑटोक्लेव, हॉट एयर ओवन, डीप फ्रीजर, ट्रेनिंग माइक्रोस्कोप, लाइट माइक्रोस्कोप कंपाउंड, एलीसा रीडर विद वॉशर, माइक्रोपिपटीस्ट ऑफ ऑल साइज, मिली-क्यू वॉटर प्योरीफायर व अन्य उपकरण होंगे।