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Ambala News: दो पीएचसी में चलाएगा जांच अभियान एनसीडी
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अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग का एनसीडी ब्लाॅक निजी संस्था के साथ जुड़कर एक कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसके तहत मरीजों की 10 तरह की जांच की जाएगी। जिसके लिए पॉयलट प्रोजेक्ट पर अंबाला की दो पीएचसी बीहटा और मुलाना को चुना है। विभाग ने संस्था के साथ एक दौर की बैठक कर ली है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उच्च अधिकारियों के सहमति के बाद कार्यक्रम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए जो भी उपकरण व स्टाफ लगेगा उसका इंतजाम भी संस्था द्वारा ही किया जाएगा। इसके साथ ही मरीजों का उपचार शुरू होने के बाद उनका फॉलोअप भी करवाया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की 10 प्रकार की जांच होगी। जिससे समय रहते बीमारियों का पता लगाया जा सके।
फाइब्रोस्कैन की भी होगी जांच
डिप्टी सीएमओ डॉ. नीलम कुशवाह ने बताया कि कार्यक्रम शुरू होने के बाद पीएचसी में फाइब्राेस्कैन जांच भी होगी। जिससे मरीज के लीवर में फैट की मात्रा का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही मैमोग्राफी, कार्डियो, फेफड़ों की जांच, सांस संबंधी रोगों की जांच सहित 10 प्रकार की जांच कि जाएगी। वर्तमान में एनसीडी रोगों के लिए विभाग पांच प्रकार की जांच करता है। इस कार्यक्रम के तहत 10 प्रकार की जांच कि जाएगी।
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पांच महीनों तक जारी चलेगा कार्यक्रम
यह कार्यक्रम पांच महीनों तक चलाया जाएगा। इसके बाद इसके नतीजों को देखा जाएगा। अगर नतीजे बेहतर हुए तो आगे भी इस कार्यक्रम को जारी रखा जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष की आयु से अधिक वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस आयु में शुगर, बीपी, हार्ट और अन्य बीमारियां होने का खतरा अधिक रहता है।
वर्जन
संस्था के साथ एक बैठक हो चुकी है। जिसमें उन्होंने दोनों पीएचसी में जगह व व्यवस्थाएं जांची थी। अधिकारियों के अनुमति के बाद कार्यक्रम को शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. नीलम कुशवाह, डिप्टी सीएमओ, अंबाला।
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विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उच्च अधिकारियों के सहमति के बाद कार्यक्रम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए जो भी उपकरण व स्टाफ लगेगा उसका इंतजाम भी संस्था द्वारा ही किया जाएगा। इसके साथ ही मरीजों का उपचार शुरू होने के बाद उनका फॉलोअप भी करवाया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की 10 प्रकार की जांच होगी। जिससे समय रहते बीमारियों का पता लगाया जा सके।
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फाइब्रोस्कैन की भी होगी जांच
डिप्टी सीएमओ डॉ. नीलम कुशवाह ने बताया कि कार्यक्रम शुरू होने के बाद पीएचसी में फाइब्राेस्कैन जांच भी होगी। जिससे मरीज के लीवर में फैट की मात्रा का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही मैमोग्राफी, कार्डियो, फेफड़ों की जांच, सांस संबंधी रोगों की जांच सहित 10 प्रकार की जांच कि जाएगी। वर्तमान में एनसीडी रोगों के लिए विभाग पांच प्रकार की जांच करता है। इस कार्यक्रम के तहत 10 प्रकार की जांच कि जाएगी।
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पांच महीनों तक जारी चलेगा कार्यक्रम
यह कार्यक्रम पांच महीनों तक चलाया जाएगा। इसके बाद इसके नतीजों को देखा जाएगा। अगर नतीजे बेहतर हुए तो आगे भी इस कार्यक्रम को जारी रखा जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष की आयु से अधिक वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस आयु में शुगर, बीपी, हार्ट और अन्य बीमारियां होने का खतरा अधिक रहता है।
वर्जन
संस्था के साथ एक बैठक हो चुकी है। जिसमें उन्होंने दोनों पीएचसी में जगह व व्यवस्थाएं जांची थी। अधिकारियों के अनुमति के बाद कार्यक्रम को शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. नीलम कुशवाह, डिप्टी सीएमओ, अंबाला।