फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   MP Varun said: Seven and a quarter crore rupees are being spent in the name of cleanliness, yet cleanliness is zero.

सांसद वरुण बोले : सफाई के नाम पर सवा सात करोड़ हो रहा खर्च फिर भी स्वच्छता शून्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2026 02:23 AM IST
विज्ञापन
MP Varun said: Seven and a quarter crore rupees are being spent in the name of cleanliness, yet cleanliness is zero.
अंबाला सिटी। पंचायत भवन में शुक्रवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित हुई, इसमें केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा समिति के अध्यक्ष व सांसद वरुण चौधरी ने की। समीक्षा के दौरान उन्हें केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कई कमियां दिखाई दीं। बैठक में स्वच्छता के मुद्दे पर नगर निगम के अधिकारी ठीक से जवाब नहीं दे सके। सांसद ने कहा कि सफाई के नाम पर सालाना सवा सात करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद जिला में सफाई व्यवस्था खराब है। इससे रैंकिंग लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने नालों की सफाई पर भी अधिकारियों को नसीहत दी।
विज्ञापन


वहीं केंद्रीय योजनाओं में तकनीकी कमियों के कारण लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश भी दिए। बैठक में डीएफएससी के न पहुंचने पर सांसद नाराज दिखे। हालांकि कुछ देर में डीएफएससी पहुंच गए और सफाई देते नजर आए। इसी प्रकार एनएचएआई के परियोजना निदेशक भी नहीं आए थे उन्होंने अपना प्रतिनिधि भेज दिया। उन्हें उपस्थित होने के निर्देश दिए।
विज्ञापन




स्वच्छता : अच्छे हालात नहीं, सड़क पर मुझे भी दिख रहा सफाई नहीं



सांसद ने कहा कि सफाई पर सालाना लगभग सवा सात करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इतने खर्च पर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन अंबाला का नेशनल रैंक 212 आया है। इसी प्रकार नगर परिषद सदर का रैंक 234, नारायणगढ़ नगर पालिका का 1028 तो बराड़ा पालिका का 821 है। सफाई को लेकर अच्छे हालात नहीं हैं। जब भी मैं या अन्य लोग सड़क पर निकल रहे हैं उसे दिख रहा है सफाई व्यवस्था अभी भी ठीक नहीं है। इस पर नगर निगम के अधिकारियों ने जवाब दिया कि हम सुधार के प्रयास कर रहे हैं। सांसद ने बताया कि इसी के तहत एक टोल फ्री नंबर (0171-2443747) भी जारी कराया है। इस पर स्वच्छता को लेकर शिकायत की जा सकती है। सांसद ने नालों की सफाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अभी भी कई नाले गंदे पड़े हैं। यह कैसी सफाई हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन




वीबी जी राम जी योजना : 12471 श्रमिकों ने मांगा काम, एक को भी नहीं मिला



सांसद ने कहा कि मनरेगा ‘वीबी जी राम जी योजना’ में जब उन्होंने एक दिन पहले पंचकूला में समीक्षा की तो पाया कि 1300 श्रमिकों ने काम मांगा था उनसे सिर्फ तीन को काम मिला। इसी प्रकार अंबाला में योजना की समीक्षा में पता चला कि 12471 सक्रिय श्रमिक हैं, इन्होंने वर्ष 2025-26 में काम मांगा। जबकि एक को भी काम नहीं मिला। योजना कहती है 100 दिन का गारंटी से काम मिलेगा। यह योजना की सच्चाई है। ऐसा तब है जब पूरा खर्च केंद्र सरकार उठा रही है। आगे योजना में केंद्र और राज्य दोनों खर्च उठाएंगे तो क्या हाल होगा। इसीलिए हम कह रहे हैं कि इस योजना से प्रदेश सरकार का बजट बढ़ जाएगा।



फर्जी सेंटर : बिना अनुमति चल रहे सेंटरों पर हो कार्रवाई



भारत सरकार की कॉमन सर्विस सेंटर योजना में 1188 सेंटर चल रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि 227 सीएससी को बंद कराया गया है। इन्होंने पुलिस सत्यापन नहीं कराया या रेट लिस्ट चस्पा नहीं की। ऐसे में सांसद वरुण ने पूछा कि कई कैफे ऐसे हैं जो सीएससी का बोर्ड लगाकर काम कर रहे हैं क्या विभाग को इसकी जानकारी है। इस पर अधिकारी ने कहा कि वह दिखवा लेते हैं। सांसद ने डीएसपी को निर्देश दिए कि वह ऐसे कैफे को चिन्हित कर कार्रवाई करें। क्योंकि लोग पहचान नहीं पाते कि यह कैफे हैं या सीएससी और सेवाओं का अत्यधिक खर्च करते हैं।



फसल बीमा : 5 प्रतिशत किसानों ने ही पंजीकरण कराया



समीक्षा के दौरान सामने आया कि प्रधानमंत्री किसान फसल बीमा योजना में सिर्फ पांच प्रतिशत किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। योजना के आंकड़ों के अनुसार रबी के सीजन में इस बार 3380 किसानों ने पंजीकरण कराया है। सांसद ने कहा कि इसका मतलब योजना में कुछ कमियां हैं जिससे किसान बीमा नहीं करा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि उन कमियों को खोजकर सुधार कराएं। इसी प्रकार पीएम कुसुम योजना में बीते चार वर्षों में 1114 किसानों को सोलर पंप के कनेक्शन दिए हैं। जबकि अंबाला में 60 हजार किसान हैं। पड़ताल की तो पता चला कि इस योजना में सिर्फ सात दिन ही आवेदन होता है। आवेदन अवधि बढ़ाने को लिखा है।



शिक्षा : एक हजार वर्गगज के स्कूल में पढ़ रहे एक हजार बच्चे



प्रेम नगर के सरकारी स्कूल में शौचालय की कमी पर समीक्षा की गई। सांसद ने शिक्षा विभाग से प्रश्न पूछे तो पता चला कि वहां पर चार शौचालय हैं, जिनमें दो लड़कों के और दो लड़कियों के, जबकि एक हजार बच्चे पढ़ते हैं। अधिकारियों ने कहा कि स्कूल में अब निर्माण की जगह नहीं है। इस पर सांसद ने पूछा कि स्कूल का एरिया कितना है। अधिकारी ने बताया कि यह स्कूल एक हजार वर्ग गज में चल रहा है। सांसद ने कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों के लिए जमीन के अलग-अलग नियम कैसे हो सकते हैं। सांसद ने कहा कि एक हजार गज के स्कूल में एक हजार बच्चे पढ़ हैं यह ठीक नहीं है। उनके लिए कोई समाधान निकालें, वहीं शिक्षा विभाग के पास इनपुट ही नहीं था कि उनकी जरूरत क्या है। समिति को अब जानकारी मिली है कि 85 कक्षा कक्षों की जरूरत है। 20 शौचालयों को रिपेयर की आवश्यकता है।



पोषण : बच्चे कर लेते थे चिन्हित, नहीं मिला चिकित्सकीय उपचार



पोषण योजना की समीक्षा के दौरान सामने आया कि 114 बच्चे ऐसे हैं जिनमें पोषण की कमी है। समीक्षा में पता चला कि अक्सर आंगनबाड़ी के स्तर पर ही इन बच्चों के पोषण का ध्यान रखा जा रहा था। सांसद ने सीएमओ को निर्देश दिए कि इस प्रकार के सभी बच्चों की चिकित्सक जांच करेंगे और उन्हें उपचार देंगे।



टीबी उन्मूलन : 2025 तक टीबी मुक्त का लक्ष्य, नहीं हुआ पूरा



सांसद वरुण ने कहा कि यह कहा गया था कि वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनेगा पर वह नहीं बन पाया। यह तय हुआ था कि मरीजों को हर महीने से डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में कुछ रुपये डाले जाएंगे, जिससे वह अपने लिए अच्छा आहार ले सकें लेकिन अभी भी मरीजों के खातों में रुपये नहीं भेजे जा रहे हैं। विभाग ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसी प्रकार पोषण किट भी ठीक से नहीं दी जा ही है।




प्रदूषण : एक मशीन और लगाई जाए



स्वच्छ वायु को लेकर समीक्षा की गई तो उसमें सांसद ने आपत्ति जताई कि लंबे समय तक एक्यूआई मशीन का मैंटीनेंस टेंडर ही नहीं हो सका। अधिकारियों ने बताया कि अब हो गया है। सांसद ने एक और मशीन बढ़ाने को लेकर निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed