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Ambala News: मां ने सिखाया उपचार केवल दवाओं से नहीं, सेवा और करुणा से भी संभव
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असली बुनियाद मेरी मां है
मेरे जीवन में आज जो कुछ है उसमें मेरी मां सुषमा शर्मा का सबसे अहम योगदान है। चिकित्सा के क्षेत्र में जो भी मुकाम हासिल किया है उसकी असली बुनियाद मेरी मां है। मेरी सफलता में संस्कार और उनका अटूट विश्वास है। उनकी प्रेरणा ही है जिसने हर मुश्किल घड़ी में धैर्य और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ना सिखाया। शिक्षा के शुरुआती संघर्षों से लेकर एक डॉक्टर की व्यस्त और जिम्मेदारी भरी जिंदगी तक, मां की ममता और मार्गदर्शन हमेशा मेरे साथ रहा। उन्होंने ही सिखाया कि उपचार केवल दवाओं से नहीं, बल्कि सेवा और करुणा से भी होता है। आज हम मां के उसी त्याग, समर्पण और निस्वार्थ प्रेम को सलाम करते हैं।
- डॉ. रोहित शर्मा, चिकित्सक
मेरी हर सफलता उनकी प्रेरणा को समर्पित
मां कैलाश शर्मा मेरे जीवन का वह अटूट स्तंभ हैं जिनकी शक्ति से मेरा अस्तित्व बना है। वे केवल मेरी जननी नहीं बल्कि वह ईंधन हैं जो मुझे हर कठिन परिस्थिति में आगे बढ़ने का साहस और प्रेरणा देते हैं। जब दुनिया मुझ पर संदेह करती है, तब उनकी आंखों का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी जीत बन जाता है। उनकी ममता मेरे लिए एक सुरक्षित ढाल की तरह है और उनका निस्वार्थ प्रेम ही वह नींव है जिस पर मेरे सपनों का महल खड़ा है। सच तो यह है कि मैं आज जो कुछ भी हूं, अपनी मां के त्याग और अटूट समर्थन की बदौलत हूं। मेरी हर सफलता उनकी प्रेरणा को समर्पित है।
- डॉ. अंजली शर्मा, स्त्री रोग विशेषज्ञ
मेरी पहचान मां से ही है
मेरी मां स्व. स्वर्णलता मेरे जीवन का वह ध्रुवतारा हैं, जो अंधेरे रास्तों में भी मुझे सही दिशा दिखाती थीं। वे केवल स्नेह की मूरत नहीं बल्कि अदम्य साहस का प्रतीक थीं। उनकी प्रार्थनाओं में वह शक्ति थी जो हर बाधा को पार करने का सामर्थ्य देती हैं। अक्सर शब्दों में मां की महिमा बताना कठिन होता है, क्योंकि उनकी यादों की उपस्थिति ही अपने आप में एक संपूर्ण आशीर्वाद है। वे वह मरुस्थल की छांव हैं जहां पहुंचकर मेरी सारी थकान मिट जाती है। मेरी पहचान मेरी मां से ही है।
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- डॉ. सारिका अग्रवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ
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मेरे जीवन में आज जो कुछ है उसमें मेरी मां सुषमा शर्मा का सबसे अहम योगदान है। चिकित्सा के क्षेत्र में जो भी मुकाम हासिल किया है उसकी असली बुनियाद मेरी मां है। मेरी सफलता में संस्कार और उनका अटूट विश्वास है। उनकी प्रेरणा ही है जिसने हर मुश्किल घड़ी में धैर्य और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ना सिखाया। शिक्षा के शुरुआती संघर्षों से लेकर एक डॉक्टर की व्यस्त और जिम्मेदारी भरी जिंदगी तक, मां की ममता और मार्गदर्शन हमेशा मेरे साथ रहा। उन्होंने ही सिखाया कि उपचार केवल दवाओं से नहीं, बल्कि सेवा और करुणा से भी होता है। आज हम मां के उसी त्याग, समर्पण और निस्वार्थ प्रेम को सलाम करते हैं।
- डॉ. रोहित शर्मा, चिकित्सक
मेरी हर सफलता उनकी प्रेरणा को समर्पित
मां कैलाश शर्मा मेरे जीवन का वह अटूट स्तंभ हैं जिनकी शक्ति से मेरा अस्तित्व बना है। वे केवल मेरी जननी नहीं बल्कि वह ईंधन हैं जो मुझे हर कठिन परिस्थिति में आगे बढ़ने का साहस और प्रेरणा देते हैं। जब दुनिया मुझ पर संदेह करती है, तब उनकी आंखों का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी जीत बन जाता है। उनकी ममता मेरे लिए एक सुरक्षित ढाल की तरह है और उनका निस्वार्थ प्रेम ही वह नींव है जिस पर मेरे सपनों का महल खड़ा है। सच तो यह है कि मैं आज जो कुछ भी हूं, अपनी मां के त्याग और अटूट समर्थन की बदौलत हूं। मेरी हर सफलता उनकी प्रेरणा को समर्पित है।
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- डॉ. अंजली शर्मा, स्त्री रोग विशेषज्ञ
मेरी पहचान मां से ही है
मेरी मां स्व. स्वर्णलता मेरे जीवन का वह ध्रुवतारा हैं, जो अंधेरे रास्तों में भी मुझे सही दिशा दिखाती थीं। वे केवल स्नेह की मूरत नहीं बल्कि अदम्य साहस का प्रतीक थीं। उनकी प्रार्थनाओं में वह शक्ति थी जो हर बाधा को पार करने का सामर्थ्य देती हैं। अक्सर शब्दों में मां की महिमा बताना कठिन होता है, क्योंकि उनकी यादों की उपस्थिति ही अपने आप में एक संपूर्ण आशीर्वाद है। वे वह मरुस्थल की छांव हैं जहां पहुंचकर मेरी सारी थकान मिट जाती है। मेरी पहचान मेरी मां से ही है।
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- डॉ. सारिका अग्रवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ