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Ambala News: खाद्य निरीक्षक के पत्र में अधिकारियों के दबाव का जिक्र

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Mar 2025 12:41 AM IST
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Mention of pressure from officials in the letter of food inspector
अंबाला। नारायणगढ़ के सैन माजरा स्थित गोदाम में 10 हजार गेहूं की बोरियां गायब होने के मामले में आरोपी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के खाद्य निरीक्षक ने विभागीय उच्चाधिकारियों पर आरोप जड़ दिए हैं।
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दरअसल, खाद्य निरीक्षक विनोद कुमार दुबे ने एफआईआर दर्ज होने के बाद ही डीएफएससी सहित अन्य विभागीय उच्चाधिकारियों के दबाव बनाने का आरोप लगाया है। अब ऐसा खाद्य निरीक्षक ने खुद को बचाने के लिए किया या किसी अन्य वजह से यह तो जांच का विषय है। मगर इन आरोपों के सामने आने से इतना तो स्पष्ट हो गया है कि खाद्य और आपूर्ति विभाग में कुछ गड़बड़ तो चल रही है।
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एसपी कार्यालय को भेजे इस पत्र में मनोनीत सदस्य और ठेकेदारों के नाम भी विनोद दुबे ने लिए हैं। गौरतलब है कि 23 जनवरी को डीएफएससी अपार तिवारी ने सैन माजरा गोदाम में गेहूं गायब मिलने पर खाद्य निरीक्षक विनोद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद से विनोद गायब है। उसने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका भी लगाई थी मगर वह खारिज हो गई थी। इस मामले के लेकर डीएफएसपी का पक्ष जानने के बाद उनसे संपर्क किया गया मगर संपर्क नहीं होगा।
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एसपी कार्यालय को भेजा था पत्र

दरअसल 18 जनवरी को विभागीय अधिकारियों के सैन माजरा स्थित गोदाम में स्टॉक में कमी मिली थी। इसी दिन डीएफएससी ने मामले में नारायणगढ़ थाने में शिकायत देते हुए विनोद कुमार दुबे पर एफआईआर दर्ज करने को लिख दिया था। इसके बाद 23 जनवरी को पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दी। वहीं इसके बाद चार फरवरी को पुलिस अधीक्षक के नाम डाक से एक पत्र विनोद दुबे द्वारा भेजा गया। जिसमें उन्होंने अपने ही विभाग के अधिकारी पर आरोप लगाए हैं। पत्र में आरोप लगाते हुए विनोद दुबे ने लिखा है कि शिकायतकर्ता द्वारा एफआईआर में लगाए गए आरोपों से उसका कोई लेना-देना नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलीभगत कर उसे फंसाया है। यह ठेकेदार पहले भी उसका शोषण कर चुके हैं।

हिरासत में लेने की लिखी बात

विनोद दुबे ने आगे पत्र में लिखा है कि वह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की हिरासत में था। अधिकारियों ने दबाव बनाकर गलत बयान ले लिए थे। इस मामले में शिकायतकर्ता जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अपार तिवारी मुझे, अभिषेक मागू, (सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रक / ठेकेदार) और रोक्सी, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रक / ठेकेदार भी हैं, को गेहूं पहुंचाने के लिए कहते थे। इसके अलावा अभिषेक मागू और रोक्सी ने उक्त गेहूं बेचकर जो राशि अर्जित की थी, उसे उन्होंने नारायणगढ़ के ग्राम काठेमाजरा के विशाल शर्मा के साथ साझा किया था। जो भारत सरकार के मनोनीत सदस्य है। शिकायतकर्ता ने मुझ पर दबाव बनाया कि मैं यह गेहूं नारायणगढ़ अनाज मंडी में जिया लाल, कमीशन एजेंट (आढ़ती) को दे दूं। अपार तिवारी के कहने पर ही उसे भारी मात्रा में गेहूं भी पहुंचा दिया गया।


अधिकारियों के इशारे पर भेजा जा रहा था गेहूं

पत्र में विनोद दुबे का आरोप है कि सैन माजरा, नारायणगढ़ के गोदाम में गेहूं की जो भी कमी बताई गई है, वह संबंधित व्यक्तियों के हस्तक्षेप के कारण ही हुई है। जो लगातार मुझ पर गेहूं उनके निर्देशों के अनुसार देने के लिए दबाव डाल रहे थे। इस मामले में यह जानकारी दे रहा हूं कि किस प्रकार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस घोटाले में शामिल हैं। यहां तक कि पहले भी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों विशेषकर अपार तिवारी ने मुझ पर अंबाला शहर के एक डिपो होल्डर (करनैल राम) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए दबाव डाला था, क्योंकि वह उनका सहयोग नहीं कर रहा था। विनोद दुबे ने पत्र में एसपी अंबाला से मामले में गहराई से जांच करने की आगे बात लिखी है।
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