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Ambala News: नागरिक अस्पतालों में तीन माह के लिए पहुंचे मेडिकल के 29 छात्र
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फोटो नंबर - 42
मुलाना के एमएम मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट करने वाले छात्रों का पहुंचा पहला बैच, कम होगा डॉक्टरों का वर्क लोड
अलग-अलग रोगों की पढ़ाई कर छात्रों ने ओपीडी में संभाली भागदौड़, अब हर साल आएंगे यह छात्र
अंशु शर्मा
अंबाला। जिलाभर के नागरिक अस्पतालों में अब अगले तीन माह एमबीबीएस करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) करने वाले छात्र वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में मरीजों का उपचार व खुद भी ट्रेनिंग लेते हुए नजर आएंगे। पहली बार नागरिक अस्पतालों में मुलाना मेडिकल कॉलेज से 29 छात्रों का बैच पहुंचा है। वे ओपीडी, आपातकालीन, आईपीडी के अलावा रात में भी ड्यूटी देंगे।
ऐसे में लंबे समय से चल रही डॉक्टरों की कमी भी पूरी होगी और पढ़ाई करने के बाद डॉक्टर बनने वाले छात्रों को भी नागरिक अस्पताल की कार्यप्रणाली के बारे में पता चल सकेगा। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के बोर्ड ऑफ गर्वनेंस ने फैसला लिया था कि एमबीबीएस करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) करने वाले सभी छात्रों को पढ़ाई के साथ जिला अस्पताल में तीन माह तक सेवा देना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही उन्हें अंतिम वर्ष की परीक्षा में बैठने के योग्य माना जाएगा। नए आदेशों के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से ही इन नए नियमों को लागू कर दिया गया।
प्रसूति विभाग से लेकर बच्चों की ओपीडी में रहेंगे तैनात
नागरिक अस्पतालों में इन छात्रों को बांट दिया गया है जो रोजाना डॉक्टरों की तरह ही अपनी ड्यूटी टाइमिंग में आते और जाते हैं। इनमें कोई बाल रोग विशेषज्ञ तो कोई प्रसूति विभाग आदि ओपीडी में तैनात रहेगा। इसके अलावा इमरजेंसी में भी समय-समय पर इनकी सेवाएं ली जाएगी। तीन माह के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इनकी हाजिरी मेडिकल कॉलेज में दी जाएगी। काफी समय से डॉक्टरों की कमी चल रही है और उसे पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
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नागरिक अस्पतालों में तीन माह के लिए मेडिकल छात्र आए हैं। ओपीडी के अलावा वार्ड व इमरजेंसी में इनकी नियमित तौर पर वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ ड्यूटी लगाई गई है ताकि वह उनकी निगरानी में मरीजों का उपचार कर सकें। यह पहला बैच है और आगे भी आता रहेगा। -डॉ. राकेश सहल, पीएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल
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मुलाना के एमएम मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट करने वाले छात्रों का पहुंचा पहला बैच, कम होगा डॉक्टरों का वर्क लोड
अलग-अलग रोगों की पढ़ाई कर छात्रों ने ओपीडी में संभाली भागदौड़, अब हर साल आएंगे यह छात्र
अंशु शर्मा
अंबाला। जिलाभर के नागरिक अस्पतालों में अब अगले तीन माह एमबीबीएस करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) करने वाले छात्र वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में मरीजों का उपचार व खुद भी ट्रेनिंग लेते हुए नजर आएंगे। पहली बार नागरिक अस्पतालों में मुलाना मेडिकल कॉलेज से 29 छात्रों का बैच पहुंचा है। वे ओपीडी, आपातकालीन, आईपीडी के अलावा रात में भी ड्यूटी देंगे।
ऐसे में लंबे समय से चल रही डॉक्टरों की कमी भी पूरी होगी और पढ़ाई करने के बाद डॉक्टर बनने वाले छात्रों को भी नागरिक अस्पताल की कार्यप्रणाली के बारे में पता चल सकेगा। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के बोर्ड ऑफ गर्वनेंस ने फैसला लिया था कि एमबीबीएस करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) करने वाले सभी छात्रों को पढ़ाई के साथ जिला अस्पताल में तीन माह तक सेवा देना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही उन्हें अंतिम वर्ष की परीक्षा में बैठने के योग्य माना जाएगा। नए आदेशों के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से ही इन नए नियमों को लागू कर दिया गया।
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प्रसूति विभाग से लेकर बच्चों की ओपीडी में रहेंगे तैनात
नागरिक अस्पतालों में इन छात्रों को बांट दिया गया है जो रोजाना डॉक्टरों की तरह ही अपनी ड्यूटी टाइमिंग में आते और जाते हैं। इनमें कोई बाल रोग विशेषज्ञ तो कोई प्रसूति विभाग आदि ओपीडी में तैनात रहेगा। इसके अलावा इमरजेंसी में भी समय-समय पर इनकी सेवाएं ली जाएगी। तीन माह के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इनकी हाजिरी मेडिकल कॉलेज में दी जाएगी। काफी समय से डॉक्टरों की कमी चल रही है और उसे पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
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नागरिक अस्पतालों में तीन माह के लिए मेडिकल छात्र आए हैं। ओपीडी के अलावा वार्ड व इमरजेंसी में इनकी नियमित तौर पर वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ ड्यूटी लगाई गई है ताकि वह उनकी निगरानी में मरीजों का उपचार कर सकें। यह पहला बैच है और आगे भी आता रहेगा। -डॉ. राकेश सहल, पीएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल