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Ambala News: दलित नाबालिग से दुष्कर्म करने पर उम्रकैद
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अंबाला सिटी। दलित नाबालिग का अपहरण करने, बंधक बनाने और उसके साथ दुष्कर्म करने पर पाॅक्सो की विशेष अदालत ने दोषी को उम्रकैद दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनपाल रमावत ने मामले की सुनवाई कर दोषी को पाॅक्सो एक्ट की धारा में उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर विभिन्न धाराओं में 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं चुकाने की दशा में दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दरअसल, दो साल आठ माह पहले नाबालिगा का अपहरण कर दाेषी ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसमें ट्रायल हुए, कई गवाहों को सुना गया। इसमें अब कोर्ट ने पाॅक्सो एक्ट की धारा में 20 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना, एससी एसटी एक्ट की धारा में उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसी प्रकार अपहरण करने के लिए दो साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना, बंधक बनाने पर छह महीने की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना कोर्ट ने लगाया है।
यह है पूरा मामला
नारायणगढ़ के एक क्षेत्र के रहने वाली दलित महिला ने नारायणगढ़ थाने में शिकायत देते हुए बताया कि उसकी सबसे छोटी बेटी मंदबुद्धि है। वह 4 मार्च 2022 को कहीं चली गई है। इस शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। मामले की पुलिस ने जांच की और तीन आरोपियों को पकड़ा। जिसमें मुख्य आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह पीड़िता की बेटी को जानता है और उसे अपने साथ बहलाकर श्मशान ले गया था। वहां पर नशे की गोलियां खिलाकार उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना को एक अन्य आरोपी ने भी देख लिया। वहीं तीसरा आरोपी भी घटना स्थल से कुछ दूर ही खड़ा था। इसके बाद मुख्य दोषी ने पीड़िता की बेटी को श्मशान के ही बाथरूम में बंद कर दिया। जैसे ही पीड़िता के घरवाले लड़की को खोजते हुए श्मशान पहुंचे तो यहां से आरोपी भाग गए।
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दरअसल, दो साल आठ माह पहले नाबालिगा का अपहरण कर दाेषी ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसमें ट्रायल हुए, कई गवाहों को सुना गया। इसमें अब कोर्ट ने पाॅक्सो एक्ट की धारा में 20 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना, एससी एसटी एक्ट की धारा में उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसी प्रकार अपहरण करने के लिए दो साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना, बंधक बनाने पर छह महीने की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना कोर्ट ने लगाया है।
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यह है पूरा मामला
नारायणगढ़ के एक क्षेत्र के रहने वाली दलित महिला ने नारायणगढ़ थाने में शिकायत देते हुए बताया कि उसकी सबसे छोटी बेटी मंदबुद्धि है। वह 4 मार्च 2022 को कहीं चली गई है। इस शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। मामले की पुलिस ने जांच की और तीन आरोपियों को पकड़ा। जिसमें मुख्य आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह पीड़िता की बेटी को जानता है और उसे अपने साथ बहलाकर श्मशान ले गया था। वहां पर नशे की गोलियां खिलाकार उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना को एक अन्य आरोपी ने भी देख लिया। वहीं तीसरा आरोपी भी घटना स्थल से कुछ दूर ही खड़ा था। इसके बाद मुख्य दोषी ने पीड़िता की बेटी को श्मशान के ही बाथरूम में बंद कर दिया। जैसे ही पीड़िता के घरवाले लड़की को खोजते हुए श्मशान पहुंचे तो यहां से आरोपी भाग गए।
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