{"_id":"60ca56568ebc3e3435612af5","slug":"jello-baba-murder-case-was-involved-in-the-murder-by-promising-to-give-one-lakh-rupees-to-a-friend-ambala-news-knl733076142","type":"story","status":"publish","title_hn":"जैलो बाबा हत्याकांड : दोस्त को एक लाख रुपये देने का वादा कर हत्या में किया था शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जैलो बाबा हत्याकांड : दोस्त को एक लाख रुपये देने का वादा कर हत्या में किया था शामिल
विज्ञापन
दोस्त को एक लाख देने का वादा कर हत्या में किया था शामिल
सुरेंद्र कौर उर्फ जैलो बाबा हत्याकांड
आरोपी भतीजे को था भय कि बुआ किसी और के नाम न कर दे जमीन
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर हासिल किया तीन दिन का रिमांड
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। गुरुघर की पाठी सुरेंद्र कौर उर्फ जैलो बाबा हत्याकांड की परतें अब खुलने लगी हैं। बुआ सुरेंद्र कौर को मारने में सहयोग करने के लिए आरोपी भतीजे मनप्रीत ने पंजाब के हंडेसरा, रानी माजरा वासी दोस्त गुरसेवक उर्फ काला से एक लाख रुपये देने का वादा किया था। आरोपी मनप्रीत ने काला को 50 हजार रुपये एडवांस दे दिए थे।
नग्गल थाना प्रभारी धर्मबीर सैनी के अनुसार योजना के मुताबिक कार में सुरेंद्र कौर की गला दबाकर हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने पुलिसऔर परिवार को गुमराह करने के लिए शव अध्धो माजरा के खेतों में दबा दिया था। रास्ते में दिखे होटल की पार्किंग में फोन फेंक दिया था। बाद में यह फोन बाद में रिसेप्शन स्टाफ के हाथ लग गया। मार्च में कनाडा से लौटे मनप्रीत की नजर बुआ की सात एकड़ जमीन पर थी। उसके मन में भय था कि बुआ जमीन किसी और के नाम न कर दे, इसी शक के चलते उसने काला के साथ प्लान बनाकर उसे रास्ते से हटा दिया। वारदात के बाद मनप्रीत ने काला को बलदेवनगर चौक पर उतारा, उसके बाद इधर-उधर टलहलता रहा।
थाना प्रभारी के मुताबिक बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान सहयोगी को पकड़ने के अलावा वारदात में प्रयोग सामान रिकवर किया जाएगा। उधर, नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद देर शाम नग्गल गांव में सुरेंद्र कौर के शव का दाह संस्कार किया गया।
विज्ञापन
यूं चला घटनाक्रम
पड़ोस में रहने वाले अमरजीत ने अपनी बहन सुरेंद्र कौर को अंतिम बार 9 जून की शाम साढ़े सात बजे देखा था। इसके बाद 11 को उसे भतीजे से पता चला कि जैलो का मोबाइल एक होटल की रिसेप्शन कर्मचारी से मिला है। इस पर नग्गल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। आखिरी बार मनप्रीत अपनी बुआ को कार में लेकर गया था और अकेला लौटा था। पूछने पर उल्टे-सीधे जवाब देता रहा। परिवार पहले से जानता था कि उसकी बुआ की जमीन पर नजर है। इसी शक के आधार पर पुलिस ने जब तफ्तीश आगे बढ़ाई तो हत्या का खुलासा हुआ।
विज्ञापन
सुरेंद्र कौर उर्फ जैलो बाबा हत्याकांड
आरोपी भतीजे को था भय कि बुआ किसी और के नाम न कर दे जमीन
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर हासिल किया तीन दिन का रिमांड
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। गुरुघर की पाठी सुरेंद्र कौर उर्फ जैलो बाबा हत्याकांड की परतें अब खुलने लगी हैं। बुआ सुरेंद्र कौर को मारने में सहयोग करने के लिए आरोपी भतीजे मनप्रीत ने पंजाब के हंडेसरा, रानी माजरा वासी दोस्त गुरसेवक उर्फ काला से एक लाख रुपये देने का वादा किया था। आरोपी मनप्रीत ने काला को 50 हजार रुपये एडवांस दे दिए थे।
नग्गल थाना प्रभारी धर्मबीर सैनी के अनुसार योजना के मुताबिक कार में सुरेंद्र कौर की गला दबाकर हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने पुलिसऔर परिवार को गुमराह करने के लिए शव अध्धो माजरा के खेतों में दबा दिया था। रास्ते में दिखे होटल की पार्किंग में फोन फेंक दिया था। बाद में यह फोन बाद में रिसेप्शन स्टाफ के हाथ लग गया। मार्च में कनाडा से लौटे मनप्रीत की नजर बुआ की सात एकड़ जमीन पर थी। उसके मन में भय था कि बुआ जमीन किसी और के नाम न कर दे, इसी शक के चलते उसने काला के साथ प्लान बनाकर उसे रास्ते से हटा दिया। वारदात के बाद मनप्रीत ने काला को बलदेवनगर चौक पर उतारा, उसके बाद इधर-उधर टलहलता रहा।
विज्ञापन
थाना प्रभारी के मुताबिक बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान सहयोगी को पकड़ने के अलावा वारदात में प्रयोग सामान रिकवर किया जाएगा। उधर, नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद देर शाम नग्गल गांव में सुरेंद्र कौर के शव का दाह संस्कार किया गया।
विज्ञापन
यूं चला घटनाक्रम
पड़ोस में रहने वाले अमरजीत ने अपनी बहन सुरेंद्र कौर को अंतिम बार 9 जून की शाम साढ़े सात बजे देखा था। इसके बाद 11 को उसे भतीजे से पता चला कि जैलो का मोबाइल एक होटल की रिसेप्शन कर्मचारी से मिला है। इस पर नग्गल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। आखिरी बार मनप्रीत अपनी बुआ को कार में लेकर गया था और अकेला लौटा था। पूछने पर उल्टे-सीधे जवाब देता रहा। परिवार पहले से जानता था कि उसकी बुआ की जमीन पर नजर है। इसी शक के आधार पर पुलिस ने जब तफ्तीश आगे बढ़ाई तो हत्या का खुलासा हुआ।