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नपा के सर्वेक्षण में इंद्राज की त्रुटियां बनी प्रॉपर्टी मालिकों का सिर दर्द

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 02:52 AM IST
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Indraj's errors in NAPA survey became a headache for property owners
आपत्तियां दर्ज करवाते प्रॉपर्टी मालिक - फोटो : Ambala
बराड़ा। नगर पालिका क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स हेतु एक निजी एजेंसी द्वारा किया गया सर्वेक्षण प्रॉपर्टी मालिकों के लिए सिरदर्द बन गया है। सर्वे के दौरान बरती गई लापरवाही और प्राइवेट सर्वे एजेंसी द्वारा जारी किए गए मूल्यांकन (असेसमेंट) नोटिस में कहीं प्रॉपर्टी का डाटा गलत है तो कहीं मालिक का नाम गलत है। इसके अलावा कहीं पर मकानों को खाली दर्शाया गया है। विभिन्न प्रकार की भ्रांतियों ने प्रॉपर्टी टैक्स धारकों के लिए मुश्किलें बढ़ा दीं हैं।
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आए दिन प्रॉपर्टी मालिक टैक्स जमा करवाने के लिए नपा कार्यालय के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। भ्रम की स्थिति के चलते कस्बा वासियों ने प्राइवेट एजेंसी द्वारा करवाए गए इस सर्वे को पूर्णतया त्रुटिपूर्वक ठहराते हुए दोबारा सर्वे करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब नपा कार्यालय में प्रॉपर्टी का नाम और मालिक का नाम अंकित है तो फिर इस प्रकार के सर्वे की जरूरत ही क्या थी। जानकारी के अनुसार याशी कंसल्टेंसी कंपनी जयपुर राजस्थान की एक निजी फर्म को पूरे हरियाणा में प्रॉपर्टी टैक्स एकत्रित करने हेतु ऑनलाइन सर्वे का कार्य सौंपा गया था। इसके बाद आनन-फानन कंपनी के विभिन्न कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा 2019 में यह कार्य पूरा किया गया था। प्रॉपर्टी मालिक आईडी डिटेल ठीक करवाने के लिए लाइन में लग रहे हैं।
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लालडोरा प्रॉपर्टी मालिकों को आ रही हैं ज्यादा दिक्कतें
सबसे ज्यादा दिक्कत लालडोरा में आने वाली प्रॉपर्टी मालिकों की है, क्योंकि प्रॉपर्टी आईडी में अपनी जानकारी सही करवाने के लिए उनसे जमीन या मकान की रजिस्ट्री भी मांगी जा रही है। मूल्यांकन नोटिस के बाद नगर पालिका कार्यालय में पहुंचे श्यामलाल, अर्जुन लाल, सुरेंद्र, नरेश रामलाल का कहना है कि ऐसा लगता है कि एजेंसी ने सर्वे के दौरान भारी लापरवाही बरती है। जबकि कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है कि उन्होंने मकान 150 वर्ग में बनाया हुआ है लेकिन उनका मकान 194 वर्ग में मकान दिखाया गया है। इससे टैक्स भी ज्यादा भरना पड़ेगा। श्यामलाल का कहना है कि सारे दस्तावेजों में दुकान की प्रॉपर्टी उनकी पत्नी के नाम पर है लेकिन नोटिस में नाम किसी का भी नहीं दिखाया गया है। इस प्रकार के नोटिस को देखकर वे परेशान हैं। ऐसा करने से उन्हें जहां एक और मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ा। वहीं आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा है। अब प्रॉपर्टी मालिकों को नगर पालिका कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं क्योंकि सभी दस्तावेजों के साथ उन्हें अपनी जानकारियां दुरुस्त करवानी पड़ रही हैं।
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घबराए नहीं जनता
कुछ साल पहले एजेंसी द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स आईडी को लेकर भौतिक तथा ड्रोन से सर्वे किया गया था। इसके चलते असेसमेंट नोटिस प्रॉपर्टी मालिकों को जारी किए गए हैं। यदि असेसमेंट नोटिस में कोई त्रुटि है तो मालिक दस्तावेजों सहित अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकता है। हर प्रकार की त्रुटि को निशुल्क ठीक किया जा रहा है।

- शुभम व जगदीश, एजेंसी प्रतिनिधि।
प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे करवाने के लिए सरकार द्वारा याशी कंसलटेंसी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सर्वे में कुछ कमियां जरूर सामने आई हैं। अभी प्रॉपर्टी टैक्स का मूल्यांकन (असेसमेंट) नोटिस दिया जाएगा। त्रुटि पाए जाने पर वह डाटा दुरुस्त करवाएं ताकि भविष्य में प्रॉपर्टी मालिकों को परेशानी न झेलनी पड़े।
- जतिंद्र शर्मा, नपा सचिव।
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