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Ambala News: डेंगू का बढ़ रहा प्रकोप, युवक की संदिग्ध मौत, एक बेड पर दो-दो मरीज
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अंबाला सिटी। डेंगू का दंश लगातार बढ़ रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस सीजन में अभी तक 425 मामले डेंगू संक्रमितों के सामने आ चुके हैं। वीरवार को भी डेंगू के 10 मामले सामने आए हैं। वहीं अंबाला कैट के रहने वाले एक युवक की पंचकूला में संदिग्ध मौत हो गई। उसका उपचार पंचकूला के निजी अस्पताल में चल रहा था।
दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग को कोई जानकारी नहीं है कि युवक की मौत डेंगू से हुई है या किसी और कारणों से। बीते कुछ दिनों में दो से तीन मामले ऐसे सामने आए हैं जिसमें परिजनों ने डेंगू से मौत बताई है, मगर स्वास्थ्य विभाग इसे नकार देता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अभी तक डेंगू से एक भी व्यक्ति की जान नहीं गई है। जबकि इसी सीजन में दो बच्चों और दो युवकों की मौत संदिग्ध तरीके से हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने एक पोर्टल बनाया था। इसके माध्यम से निजी अस्पतालों काे जोड़ा गया था। निजी अस्पतालों का दायित्व था कि उनके यहां अगर डेंगू का मरीज भर्ती होता है या किसी भी तरह से उपचार पाता है तो इस पोर्टल पर जानकारी दर्ज करनी होगी। सूत्रों की मानें तो इस पोर्टल पर सिर्फ दो निजी अस्पतालों ने मरीजों की जानकारी साझा की है। जबकि अन्य अस्पतालों में भी डेंगू का उपचार पाने वालों की भीड़ जमा है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जब स्वास्थ्य विभाग के पास सही जानकारी नहीं होगी तो कैसे डेंगू को लेकर सही रिपोर्टिंग की जा सकेगी। ऐसा तब है जब सीएमओ पहले ही कह चुके थे कि जो भी निजी अस्पताल अपने यहां डेंगू के मामलों की जानकारी नहीं देंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग का दावा, 10 वर्षाें में डेंगू से एक भी मौत नहीं
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि बीते 10 वर्षों में डेंगू के कारण कारण एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। वर्ष 2014 में 10, 2015 में 552, 2016 में 511, 2017 में 232, 2018 में 110, 2019 में 252, 2020 में 42, 2021 में 686, 2022 में 384 मरीज डेंगू से ग्रस्त हुए थे। इस सीजन में अभी तक 425 मरीज सामने आ चुके हैं। इस हिसाब से बीते वर्ष के डेंगू के मामले अधिक हैं। अभी डेंगू का सीजन पीच पर चल रहा है।
बाढ़ के कारण भी हो रही दिक्कत
अंबाला में कई वर्ष बाद बाढ़ के हालात बने। इसके चलते कई क्षेत्रों में काफी जलभराव रहा। कई स्थानों पर ताे पानी की निकासी हो गई, मगर अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कई इलाके हैं जहां पर पानी भरा हुआ है। खासकर साहा क्षेत्र में अभी तक जलभराव की स्थिति है। इसके साथ ही इस बार नारायणगढ़, शहजादपुर में सबसे अधिक डेंगू के केस मिले हैं। इसके कारण स्वास्थ्य विभाग को अपनी एक टीम मौके पर उतारनी पड़ी।
छावनी के नागरिक अस्पताल में डेंगू के मरीज अत्यधिक हैं। जिन्हें डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया है। इस वार्ड में वायरल बुखार, कम प्लेट्लेटस और डेंगू के मरीज दाखिल हैं। यहां पर कुछ मरीज एक बेड पर दो-दो दिखाई दिए तो कुछ स्ट्रेचर पर उपचार करा रहे हैं।
क्षेत्रों में टीमें डेंगू का लारवा खोज रही हैं। इसको नियंत्रित करने का काम किया जा रहा है। वहीं जो पोर्टल दिया था, उसके बजाय अस्पतालों की जानकारी ई-मेल पर आ रही है। लोग हमारे पास डेंगू का मामले लेकर क्लेम करते हैं, मगर जब तक आधिकारिक रिपोर्ट नहीं होगी तब तक डेंगू से मौत घोषित नहीं की जा सकती।
-डॉ संजीव सिंगला, जिला मलेरिया अधिकारी
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दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग को कोई जानकारी नहीं है कि युवक की मौत डेंगू से हुई है या किसी और कारणों से। बीते कुछ दिनों में दो से तीन मामले ऐसे सामने आए हैं जिसमें परिजनों ने डेंगू से मौत बताई है, मगर स्वास्थ्य विभाग इसे नकार देता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अभी तक डेंगू से एक भी व्यक्ति की जान नहीं गई है। जबकि इसी सीजन में दो बच्चों और दो युवकों की मौत संदिग्ध तरीके से हुई है।
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स्वास्थ्य विभाग ने एक पोर्टल बनाया था। इसके माध्यम से निजी अस्पतालों काे जोड़ा गया था। निजी अस्पतालों का दायित्व था कि उनके यहां अगर डेंगू का मरीज भर्ती होता है या किसी भी तरह से उपचार पाता है तो इस पोर्टल पर जानकारी दर्ज करनी होगी। सूत्रों की मानें तो इस पोर्टल पर सिर्फ दो निजी अस्पतालों ने मरीजों की जानकारी साझा की है। जबकि अन्य अस्पतालों में भी डेंगू का उपचार पाने वालों की भीड़ जमा है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जब स्वास्थ्य विभाग के पास सही जानकारी नहीं होगी तो कैसे डेंगू को लेकर सही रिपोर्टिंग की जा सकेगी। ऐसा तब है जब सीएमओ पहले ही कह चुके थे कि जो भी निजी अस्पताल अपने यहां डेंगू के मामलों की जानकारी नहीं देंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग का दावा, 10 वर्षाें में डेंगू से एक भी मौत नहीं
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि बीते 10 वर्षों में डेंगू के कारण कारण एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। वर्ष 2014 में 10, 2015 में 552, 2016 में 511, 2017 में 232, 2018 में 110, 2019 में 252, 2020 में 42, 2021 में 686, 2022 में 384 मरीज डेंगू से ग्रस्त हुए थे। इस सीजन में अभी तक 425 मरीज सामने आ चुके हैं। इस हिसाब से बीते वर्ष के डेंगू के मामले अधिक हैं। अभी डेंगू का सीजन पीच पर चल रहा है।
बाढ़ के कारण भी हो रही दिक्कत
अंबाला में कई वर्ष बाद बाढ़ के हालात बने। इसके चलते कई क्षेत्रों में काफी जलभराव रहा। कई स्थानों पर ताे पानी की निकासी हो गई, मगर अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कई इलाके हैं जहां पर पानी भरा हुआ है। खासकर साहा क्षेत्र में अभी तक जलभराव की स्थिति है। इसके साथ ही इस बार नारायणगढ़, शहजादपुर में सबसे अधिक डेंगू के केस मिले हैं। इसके कारण स्वास्थ्य विभाग को अपनी एक टीम मौके पर उतारनी पड़ी।
छावनी के नागरिक अस्पताल में डेंगू के मरीज अत्यधिक हैं। जिन्हें डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया है। इस वार्ड में वायरल बुखार, कम प्लेट्लेटस और डेंगू के मरीज दाखिल हैं। यहां पर कुछ मरीज एक बेड पर दो-दो दिखाई दिए तो कुछ स्ट्रेचर पर उपचार करा रहे हैं।
क्षेत्रों में टीमें डेंगू का लारवा खोज रही हैं। इसको नियंत्रित करने का काम किया जा रहा है। वहीं जो पोर्टल दिया था, उसके बजाय अस्पतालों की जानकारी ई-मेल पर आ रही है। लोग हमारे पास डेंगू का मामले लेकर क्लेम करते हैं, मगर जब तक आधिकारिक रिपोर्ट नहीं होगी तब तक डेंगू से मौत घोषित नहीं की जा सकती।
-डॉ संजीव सिंगला, जिला मलेरिया अधिकारी