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आदेशों की अनदेखी, धड़ल्ले से बिक रहे पटाखे
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जिला प्रशासन की ओर से पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई हुई, लेकिन इसके बावजूद भी शहर भर चोरी छिपे पटाखों की बिक्री चल रही है। इस मामले में अंबाला जिला उपायुक्त की ओर से सख्ती से पटाखा बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं, मगर प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी करते हुए शहरभर के कई दुकानदार पटाखों की बिक्री सरेआम कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि पटाखों की बिक्री पर रोक लगने के बाद दुकानदार अपनी मनमर्जी के अनुसार ही बहुत अधिक दामों पर पटाखे बेच रहे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि पटाखा कारोबारी शहर के विभिन्न स्थानों पर पटाखों का स्टॉक रख रहे हैं। दीवाली से एक दो दिन पहले ही वह पटाखों को चोरी छिपे इधर-उधर कर बेचकर भारी भरकम मुनाफा कमाने के चक्कर में हैं।
वर्तमान में अंबाला सिटी के रतनगढ़ रोड पर करीब चार जगह पर दुकानदार पटाखे बेच रहे हैं। इसी प्रकार गांव कौला जंडली की मार्केट, तंदूरा बाजार, गन्नौर रोड मोतीनगर, बलदेव नगर, नाहन हाउस क्षेत्र, दोखंबा चौक मार्केट, रेलवे रोड, सुकुलकुंड रोड, जगाधरी गेट क्षेत्र सहित शहर के कई दर्जनों क्षेत्रों में पटाखों की बिक्री की जा रही है। हैरानी की बात तो यह भी है कि अन्य कारोबार से जुड़े दुकानदार अपनी दुकानों में छिपाकर पटाखे बेच रहे हैं। पटाखों से संबंधित कुछ पुराने कारोबारियों का कहना है कि इस बार पटाखे बेचने वाले दुकानदार भारी मुनाफे में पटाखा बेच रहे हैं। जो पैकेट 100 रुपये का बेचा जाना चाहिए। वह पैकेट करीब 300 से 400 रुपये तक बेचा जा रहा है।
बीते 22 सितंबर को पटाखा कारोबारी पर पुलिस व सीआईडी ने अंबाला सिटी के जलबेहड़ा रोड पर अवैध तरीके से रखे गए पटाखों के गोदाम पर रेड की थी। इस दौरान जांच टीम ने भारी मात्रा में स्टॉक किए गए पटाखे बरामद किए थे। पटाखा कारोबारी के दस्तावेज खंगालने पर गोदाम का कोई लाइसेंस जांच टीम को नहीं दिखाया गया था, वहीं रिहायशी एरिया में बनाए गए पटाखों के गोदाम में सुरक्षा उपकरण भी नहीं मिले थे। जांच टीम ने तुरंत पटाखा कारोबारी के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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बीते वर्ष दीपावली के मौके पर पटाखों से निकली चिंगारियों ने भारी तबाही मचाई थी। बता दें कि अंबाला-हिसार रोड पर गांव धुरकड़ा के पास पटाखों से निकलने वाली चिंगारी एक गोदाम में गिरने से भारी तबाही मचाई थी। गोदाम में लगे बारदाने में भीषण आग लग गई थी। दमकल विभाग की छह गाड़ियों से आग पर काबू पाया गया था।
पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से ग्रीन पटाखे चलाने की मुहिम चलाई जा रही है, लेकिन यह मुहिम पूरी तरह से फेल साबित हो रही है, क्योंकि ज्यादातर लोग ग्रीन पटाखों की बजाए भारी प्रदूषण करने वाले पटाखे ही चला रहे हैं। ग्रीन पटाखे की मुहिम कामयाब नहीं हो रही है।
संजय चौधरी, पूर्व पटाखा कारोबारी, निवासी जीवन नगर, अंबाला सिटी।
पहले के दिनों में पटाखा कारोबारी खुली जगह पर पटाखों के स्टाल लगाया करते थे। सुरक्षा की दृष्टि से वहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होती थीं, मगर वर्तमान में शहरभर में पटाखों की बिक्री धड़ल्ले से चल रही है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
प्रवीन कोहली, पूर्व पटाखा कारोबारी, मॉडल टाउन अंबाला सिटी।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पटाखा बेचा जा रहा है। पटाखा विक्रेता भारी मुनाफे के चक्कर में बेखौफ पटाखा बेच रहे हैं, लेकिन यदि किसी प्रकार की कोई अनहोनी हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी किस की होगी, यह सोचने का विषय है।
दीपक ठाकुर, पूर्व पटाखा कारोबारी, निवासी कतार नगर अंबाला सिटी
अपराध प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों तथा विस्फोटक अधिनियम 1884 एवं विस्फोटक नियमों के तहत जिला की परिधि में तुरंत प्रभाव से ग्रीन पटाखों के अलावा अन्य पटाखों के निर्माण, बिक्री व प्रयोग करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के आदेश जिला प्रशासन की ओर से जारी किए जा चुके हैं। यह आदेश आगामी 31 जनवरी 2023 तक लागू रहेंगे। यदि कोई अवैध तरीके से पटाखे बेचता हुआ पाया गया तो उस पर विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डॉ. प्रियंका सोनी, जिला उपायुक्त अंबाला।
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वर्तमान में अंबाला सिटी के रतनगढ़ रोड पर करीब चार जगह पर दुकानदार पटाखे बेच रहे हैं। इसी प्रकार गांव कौला जंडली की मार्केट, तंदूरा बाजार, गन्नौर रोड मोतीनगर, बलदेव नगर, नाहन हाउस क्षेत्र, दोखंबा चौक मार्केट, रेलवे रोड, सुकुलकुंड रोड, जगाधरी गेट क्षेत्र सहित शहर के कई दर्जनों क्षेत्रों में पटाखों की बिक्री की जा रही है। हैरानी की बात तो यह भी है कि अन्य कारोबार से जुड़े दुकानदार अपनी दुकानों में छिपाकर पटाखे बेच रहे हैं। पटाखों से संबंधित कुछ पुराने कारोबारियों का कहना है कि इस बार पटाखे बेचने वाले दुकानदार भारी मुनाफे में पटाखा बेच रहे हैं। जो पैकेट 100 रुपये का बेचा जाना चाहिए। वह पैकेट करीब 300 से 400 रुपये तक बेचा जा रहा है।
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बीते 22 सितंबर को पटाखा कारोबारी पर पुलिस व सीआईडी ने अंबाला सिटी के जलबेहड़ा रोड पर अवैध तरीके से रखे गए पटाखों के गोदाम पर रेड की थी। इस दौरान जांच टीम ने भारी मात्रा में स्टॉक किए गए पटाखे बरामद किए थे। पटाखा कारोबारी के दस्तावेज खंगालने पर गोदाम का कोई लाइसेंस जांच टीम को नहीं दिखाया गया था, वहीं रिहायशी एरिया में बनाए गए पटाखों के गोदाम में सुरक्षा उपकरण भी नहीं मिले थे। जांच टीम ने तुरंत पटाखा कारोबारी के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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बीते वर्ष दीपावली के मौके पर पटाखों से निकली चिंगारियों ने भारी तबाही मचाई थी। बता दें कि अंबाला-हिसार रोड पर गांव धुरकड़ा के पास पटाखों से निकलने वाली चिंगारी एक गोदाम में गिरने से भारी तबाही मचाई थी। गोदाम में लगे बारदाने में भीषण आग लग गई थी। दमकल विभाग की छह गाड़ियों से आग पर काबू पाया गया था।
पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से ग्रीन पटाखे चलाने की मुहिम चलाई जा रही है, लेकिन यह मुहिम पूरी तरह से फेल साबित हो रही है, क्योंकि ज्यादातर लोग ग्रीन पटाखों की बजाए भारी प्रदूषण करने वाले पटाखे ही चला रहे हैं। ग्रीन पटाखे की मुहिम कामयाब नहीं हो रही है।
संजय चौधरी, पूर्व पटाखा कारोबारी, निवासी जीवन नगर, अंबाला सिटी।
पहले के दिनों में पटाखा कारोबारी खुली जगह पर पटाखों के स्टाल लगाया करते थे। सुरक्षा की दृष्टि से वहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होती थीं, मगर वर्तमान में शहरभर में पटाखों की बिक्री धड़ल्ले से चल रही है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
प्रवीन कोहली, पूर्व पटाखा कारोबारी, मॉडल टाउन अंबाला सिटी।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पटाखा बेचा जा रहा है। पटाखा विक्रेता भारी मुनाफे के चक्कर में बेखौफ पटाखा बेच रहे हैं, लेकिन यदि किसी प्रकार की कोई अनहोनी हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी किस की होगी, यह सोचने का विषय है।
दीपक ठाकुर, पूर्व पटाखा कारोबारी, निवासी कतार नगर अंबाला सिटी
अपराध प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों तथा विस्फोटक अधिनियम 1884 एवं विस्फोटक नियमों के तहत जिला की परिधि में तुरंत प्रभाव से ग्रीन पटाखों के अलावा अन्य पटाखों के निर्माण, बिक्री व प्रयोग करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के आदेश जिला प्रशासन की ओर से जारी किए जा चुके हैं। यह आदेश आगामी 31 जनवरी 2023 तक लागू रहेंगे। यदि कोई अवैध तरीके से पटाखे बेचता हुआ पाया गया तो उस पर विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डॉ. प्रियंका सोनी, जिला उपायुक्त अंबाला।