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Ambala News: हेड कांस्टेबल नशे में था तो इतनी जल्दी कैसे मिल गई जमानत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 02:31 AM IST
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If the head constable was drunk, how did he get bail so quickly?
शास्त्री कॉलोनी ​स्थित आवास पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज को पीड़ा सुनाते निकिता के पिता, भाई व मा - फोटो : अमर उजाला
निकिता की मौत के मामले में मंत्री सख्त, एसपी ने कहा- गैर इरादतन हत्या की धारा लगाएंगे
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माई सिटी रिपोर्टर



अंबाला। कार की टक्कर से माॅडल टाउन निवासी निकिता बजाज (25) की मौत हो जाने के मामले में आरोपी हेड कांस्टेबल अमित कुमार के खिलाफ हल्की धाराएं लगाए जाने पर कैबिनेट मंत्री अनिल विजय ने कड़ी नाराजगी जताई है। निकिता के परिजन के सामने ही मंत्री ने एसपी अजीत शेखावत को फोन कर इस मामले में कड़ी धाराएं लगाने के निर्देश दिए।



निकिता के परिजन शनिवार को विज से मिलने के लिए उनके शास्त्रीनगर स्थित आवास पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पूरा महकमा आरोपी हेड कांस्टेबल को बचाने की कोशिश में लगा है। एफआईआर में हल्की धाराएं लगाई गई हैं। उसे पुलिसकर्मी नहीं लिखा गया। उसका पता भी नहीं दिया गया है। पुलिस ने उसे जानबूझकर दोपहर के बाद देर से कोर्ट में पेश किया ताकि हमारा वकील उसके खिलाफ साक्ष्य न रख पाए। पुलिस की मेहरबानी से उसे इतनी जल्दी जमानत मिली है।
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इस पर विज ने अपने सहयोगी से कहा, तुरंत एसपी को फोन मिलाओ। फोन मिलते ही उन्होंने एसपी से सख्त लहजे में कहा, पुलिसवाला नशे में धुत होकर गाड़ी चला रहा था। जिसका काम कानून का पालन कराना है, वही कानून तोड़ रहा है, फिर उसे इतनी जल्दी जमानत कैसे मिल गई? इसका मतलब है कि सही धाराएं नहीं लगाई गईं। उसके नशे में होने का वीडियो सामने आ गया है। जांच-पड़ताल करने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक कह रहे हैं कि उसने शराब पी रखी थी। मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट भी आ गई है। अब और क्या चाहिए।
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इसके बाद विज ने निकिता के परिजन से कहा कि आपको न्याय मिलेगा, एसपी के पास चले जाइए। एफआईआर बदलेगी। आरोपी पर कड़ी धाराएं लगाई जाएंगी। आश्वासन लेकर परिजन एसपी कैंप कार्यालय पर उनसे मिलने के लिए पहुंचे। निकिता के भाई हर्ष ने बताया कि एसपी ने गैर इरादतन धारा लगाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने एसपी को बताया कि पुलिस ने तहरीर की अनदेखी कर अपनी मर्जी से हल्की धाराएं लगाई हैं।

फिर से होगी आरोपी की गिरफ्तारी



एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि एसएचओ को निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा 105 लगाने पर विचार करें। यह धारा लग जाने के बाद कोर्ट की अनुमति से आरोपी की गिरफ्तारी फिर से की जाएगी। हादसे में मौत हो जाने की धारा 106 को हटा दिया जाएगा।



11 फरवरी को हुई थी घटना

यह घटना 11 फरवरी की रात करीब साढ़े नौ बजे हुई थी। निकिता भाई हर्ष के साथ ई-रिक्शा से घर जा रही थीं। आरोप है कि नशे में धुत हेड कांस्टेबल अमित कुमार तेज रफ्तार में कार दौड़ा रहा था। ई-रिक्शा को कार की टक्कर पीछे से लगी थी। निकिता की मौत हो गई थी। हर्ष घायल हो गए थे। घटना के बाद अमित भागने लगा था। उसे लोगों ने पकड़ा था। पुलिस ने केस हादसे में मौत की धारा में दर्ज किया था। अमित को अगले दिन कोर्ट में पेश किया। वहां जमानत पर छोड़ दिया गया।

उम्रकैद तक की सजा

बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दिलबाग सिंह ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 गैर इरादतन हत्या के लिए सजा का प्रावधान करती है।

यह धारा ऐसे कृत्य के लिए दंडित करती है जिससे मृत्यु हो, लेकिन वह हत्या की श्रेणी में न आए। इसमें दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद तक का प्रावधान है, जो अपराध के इरादे पर निर्भर करता है।


धारा 106 लापरवाही से हुई मौत से संबंधित है। इसके तहत लापरवाही से मृत्यु सिद्ध होने पर पांच साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।

शास्त्री कॉलोनी स्थित आवास पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज को पीड़ा सुनाते निकिता के पिता, भाई व मा

शास्त्री कॉलोनी स्थित आवास पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज को पीड़ा सुनाते निकिता के पिता, भाई व मा- फोटो : अमर उजाला

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