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Ambala News: चुनावी और स्कूल ड्यूटी में फंसे गुरु जी, चुनाव के लिए रिलीव के निर्देश
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अंबाला सिटी। जिले के राजकीय प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक चुनावी और स्कूल ड्यूटी के बीच में फंस गए हैं। बीते माह शिक्षकों के तबादले के बाद स्कूलों में शिक्षक की कमी है।
कई स्कूलों में तो एक ही शिक्षक है और उसके जिम्मे ही बीएलओ की जिम्मेदारी भी है। प्राथमिक शिक्षकों का चार दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण भी चल रहा है। अब इन शिक्षकों (बीएलओ) को मतदाता के घर-घर जाकर वोटर स्लीप, मतदाता गाइड और आमंत्रण पत्र बांटे जाने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षकों को 19 से 25 मई तक स्कूलों से रिलीव करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि बीते अप्रैल में 2017 बैच के शिक्षकों का तबादला हुआ था। जिससे जिले से काफी शिक्षक दूसरे जिलों में चले गए थे। अंबाला खंड वन से ही करीब 150 से 200 शिक्षकों का तबादला हो गया। जिससे कई स्कूलों में दो और कई में एक ही शिक्षक रह गया।
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बच्चों की पढ़ाई पर दुष्प्रभाव पड़ेगा : छाबड़ा
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अमित छाबड़ा ने बताया कि सभी बीएलओ को 19 से 25 मई तक स्कूलों से रिलीव करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वह घर-घर जाकर पर्ची बांट सके और वोटरों को भी ज्यादा से ज्यादा मतदान के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के तबादले के बाद स्कूलों की स्थिति खराब है। पहले ही स्कूलों में 400 से 500 शिक्षकों की कमी चल रही है। अब अगर स्कूलों से शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है तो स्कूल खाली हो जाएंगे, क्योंकि एफएलएन के प्रशिक्षण में भी शिक्षक जा रहे हैं। उनकी मांग है कि मतदान को लेकर पर्ची बांटने की ड्यूटी 25 मई को चुनाव के दिन ही लगाई जाए ताकि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई भी खराब न हो। जेबीटी को स्कूलों से रिलीव करने पर इसका बच्चों की पढ़ाई पर दुष्प्रभाव पड़ेगा।
वर्जन
अगर स्कूलों में स्टाफ की कमी है तो बीएलओ दिन में स्कूल में पढ़ाकर सुबह और शाम को अपने बूथ पर पर्ची बांट सकते हैं। एडजस्टमेंट के साथ कार्य करना चाहिए।
दर्शन कुमार, एसडीएम, अंबाला शहर।
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कई स्कूलों में तो एक ही शिक्षक है और उसके जिम्मे ही बीएलओ की जिम्मेदारी भी है। प्राथमिक शिक्षकों का चार दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण भी चल रहा है। अब इन शिक्षकों (बीएलओ) को मतदाता के घर-घर जाकर वोटर स्लीप, मतदाता गाइड और आमंत्रण पत्र बांटे जाने के निर्देश दिए हैं।
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शिक्षकों को 19 से 25 मई तक स्कूलों से रिलीव करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि बीते अप्रैल में 2017 बैच के शिक्षकों का तबादला हुआ था। जिससे जिले से काफी शिक्षक दूसरे जिलों में चले गए थे। अंबाला खंड वन से ही करीब 150 से 200 शिक्षकों का तबादला हो गया। जिससे कई स्कूलों में दो और कई में एक ही शिक्षक रह गया।
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बच्चों की पढ़ाई पर दुष्प्रभाव पड़ेगा : छाबड़ा
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अमित छाबड़ा ने बताया कि सभी बीएलओ को 19 से 25 मई तक स्कूलों से रिलीव करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वह घर-घर जाकर पर्ची बांट सके और वोटरों को भी ज्यादा से ज्यादा मतदान के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के तबादले के बाद स्कूलों की स्थिति खराब है। पहले ही स्कूलों में 400 से 500 शिक्षकों की कमी चल रही है। अब अगर स्कूलों से शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है तो स्कूल खाली हो जाएंगे, क्योंकि एफएलएन के प्रशिक्षण में भी शिक्षक जा रहे हैं। उनकी मांग है कि मतदान को लेकर पर्ची बांटने की ड्यूटी 25 मई को चुनाव के दिन ही लगाई जाए ताकि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई भी खराब न हो। जेबीटी को स्कूलों से रिलीव करने पर इसका बच्चों की पढ़ाई पर दुष्प्रभाव पड़ेगा।
वर्जन
अगर स्कूलों में स्टाफ की कमी है तो बीएलओ दिन में स्कूल में पढ़ाकर सुबह और शाम को अपने बूथ पर पर्ची बांट सकते हैं। एडजस्टमेंट के साथ कार्य करना चाहिए।
दर्शन कुमार, एसडीएम, अंबाला शहर।