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पूर्व सफाई कर्मचारियों ने लगाए उत्पीड़न और फर्जीवाड़े के आरोप
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विवाद संबंधी दस्तावेज दिखाते पीड़ित कर्मचारी।
- फोटो : Ambala
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नगर पालिका के पूर्व सफाई कर्मचारियों ने नपा प्रशासन और चेयरपर्सन पति पर शोषण, उत्पीड़न और फर्जीवाड़े के आरोप लगाए हैं। बाकायदा इस संबंध में एक लिखित शिकायत एसडीएम गिरीश चावला को देकर न्याय की गुहार लगाई है।
कोरोना काल में सफाई का काम करने वाले कर्मचारी नरेश, रोहित, कुलदीप और राहुल का कहना है कि चेयरपर्सन पति हनी पाहवा ने उनकी ड्यूटी अपने रजौली रोड पर स्थित चावल मिल में काम करने के लिए लगाई थी। इसका उन्होंने विरोध करते हुए निजी काम करने से मना कर दिया। चेयरपर्सन पति ने अपनी खुन्नस निकालने के लिए उन्हें व अन्य कई साथियों को नौकरी से निकाल दिया। इसके बाद अशिक्षित और था अर्धशिक्षित होने के कारण खाली कागज पर नौकरी पक्की करने की बात कह कर उनके हस्ताक्षर करवा लिए और उनका वेतन हड़प लिया। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कोरोना संकटकाल में अपनी जान जोखिम में डालकर साफ-सफाई और दाह संस्कार आदि कार्यों को पूरे कर्तव्य से निभाया। फिर भी उनका वेतन रोक कर फर्जीवाड़ा किया गया और उत्पीड़न का शिकार बनाया गया।
आश्वासन के बाद वापस ली शिकायत
पीड़ित सफाई कर्मचारियों का कहना है कि सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा को शिकायत भेजकर इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई थी। कुछ दिन पश्चात चेयरपर्सन और नपा अधिकारियों ने उन पर दबाव डालकर व पुन: प्राथमिकता के आधार पर नौकरी पर वापस लगाने का आश्वासन देकर शिकायत वापस लेने पर विवश कर दिया।
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कार्यालय गेट पर करेंगे आत्मदाह
बर्खास्त सफाई कर्मचारी नरेश, कुलदीप, राहुल और रोहित का कहना है कि वह लोग दलित परिवार से संबंधित होने के चलते पहले ही गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे थे। कई माह से काम और वेतन न मिलने के कारण उनका परिवार भूखा मरने को विवश है। यदि उनकी पीड़ा का शीघ्र निवारण नहीं किया गया तो वह नगर पालिका कार्यालय के गेट पर आत्मदाह कर जीवन लीला समाप्त करने के लिए विवश होंगे। इसकी जिम्मेदारी नपा प्रशासन और चेयरपर्सन पति की होगी।
सफाई कर्मचारियों को ठेकेदार ने मानसून में अस्थाई नौकरी पर रखा था। कर्मचारियों का नगर पालिका से नहीं ठेकेदार से विवाद है।
-जतिंदर शर्मा, सचिव, नगर पालिका बराड़ा।
सफाई कर्मचारियों की ठेकेदार ने आउट सोर्स नीति के तहत अस्थाई भर्ती की थी। नगरपालिका और मेरा इनसे कोई विवाद नहीं है। सभी आरोप निराधार हैं।
-हनी पाहवा, चेयरपर्सन पति, नपा।
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कोरोना काल में सफाई का काम करने वाले कर्मचारी नरेश, रोहित, कुलदीप और राहुल का कहना है कि चेयरपर्सन पति हनी पाहवा ने उनकी ड्यूटी अपने रजौली रोड पर स्थित चावल मिल में काम करने के लिए लगाई थी। इसका उन्होंने विरोध करते हुए निजी काम करने से मना कर दिया। चेयरपर्सन पति ने अपनी खुन्नस निकालने के लिए उन्हें व अन्य कई साथियों को नौकरी से निकाल दिया। इसके बाद अशिक्षित और था अर्धशिक्षित होने के कारण खाली कागज पर नौकरी पक्की करने की बात कह कर उनके हस्ताक्षर करवा लिए और उनका वेतन हड़प लिया। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कोरोना संकटकाल में अपनी जान जोखिम में डालकर साफ-सफाई और दाह संस्कार आदि कार्यों को पूरे कर्तव्य से निभाया। फिर भी उनका वेतन रोक कर फर्जीवाड़ा किया गया और उत्पीड़न का शिकार बनाया गया।
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आश्वासन के बाद वापस ली शिकायत
पीड़ित सफाई कर्मचारियों का कहना है कि सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा को शिकायत भेजकर इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई थी। कुछ दिन पश्चात चेयरपर्सन और नपा अधिकारियों ने उन पर दबाव डालकर व पुन: प्राथमिकता के आधार पर नौकरी पर वापस लगाने का आश्वासन देकर शिकायत वापस लेने पर विवश कर दिया।
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कार्यालय गेट पर करेंगे आत्मदाह
बर्खास्त सफाई कर्मचारी नरेश, कुलदीप, राहुल और रोहित का कहना है कि वह लोग दलित परिवार से संबंधित होने के चलते पहले ही गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे थे। कई माह से काम और वेतन न मिलने के कारण उनका परिवार भूखा मरने को विवश है। यदि उनकी पीड़ा का शीघ्र निवारण नहीं किया गया तो वह नगर पालिका कार्यालय के गेट पर आत्मदाह कर जीवन लीला समाप्त करने के लिए विवश होंगे। इसकी जिम्मेदारी नपा प्रशासन और चेयरपर्सन पति की होगी।
सफाई कर्मचारियों को ठेकेदार ने मानसून में अस्थाई नौकरी पर रखा था। कर्मचारियों का नगर पालिका से नहीं ठेकेदार से विवाद है।
-जतिंदर शर्मा, सचिव, नगर पालिका बराड़ा।
सफाई कर्मचारियों की ठेकेदार ने आउट सोर्स नीति के तहत अस्थाई भर्ती की थी। नगरपालिका और मेरा इनसे कोई विवाद नहीं है। सभी आरोप निराधार हैं।
-हनी पाहवा, चेयरपर्सन पति, नपा।

नगरपालिका सचिव जतिंदर शर्मा- फोटो : Ambala