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54.38 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा प्रदेश का पहला पांच मंजिला टीबी, छाती एवं हृदय रोग अस्पताल
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अंबाला शहर में प्रदेश के पहले टीबी, छाती व हृदय रोग की जांच और इलाज के लिए पांच मंजिला अस्पताल के निर्माण के लिए 54.38 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। अंबाला शहर में बनने वाला सौ बेड का टीबी अस्पताल दिल्ली को छोड़ उत्तर भारत में अपनी तरह का इकलौता अस्पताल होगा। पांच मंजिला अस्पताल में बीमारियों के उपचार की विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होगी। यह अस्पताल आधुनिक उपकरणों से लैस होगा। हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयासों से प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल का निर्माण कार्य को जल्द शुरू किया जाएगा। अस्पताल में दो अत्याधुनिक आईसीयू होंगे, जहां टीबी एवं छाती रोग के मरीजों को अलग-अलग दाखिल किया जा सकेगा। छाती एवं हृदय रोगी मरीजों के लिए 24 घंटे इमरजेंसी सेवा उपलब्ध रहेगी।
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दो एकड़ में बनेगा नया टीबी अस्पताल, कई तरह की होगी ओपीडी
अंबाला शहर में दो एकड़ में बनने वाला नया टीबी अस्पताल पुराने टीबी अस्पताल के भवन को ढहाकर पूरी तरह नया बना जाएगा। अस्पताल को टीबी और हृदय रोग से संबंधित प्रशिक्षण के लिए नोडल सेंटर की तरह भी इस्तेमाल किया जाएगा। यहां डॉक्टरों के अलावा लैब तकनीशियन एवं एनटीईपी स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। अस्पताल में टीबी क्लीनिक, एमडीआर टीबी क्लीनिक, पोस्टर ट्यूबरक्यूलर टीबी क्लीनिक, आईएलडी क्लीनिक, ज्यूनोटिक डिजिसिस क्लीनिक, जनरल हृदय ओपीडी, लंग कैंसर क्लीनिक, एआरटी क्लीनिक, एलर्जी एंड इम्यूनोथेरेपी क्लीनिक, टबैको सीसेशन क्लीनिक, स्लीप लैब, ईएनटी क्लीनिक, आडियोमेट्री क्लीनिक, एचआईवी काउंसिलिंग सेंटर, फिजियोथेरेपी रूम एवं अन्य ओपीडी होगी। अंबाला ही नहीं आसपास राज्यों के मरीजों को भी इस अस्पताल में उपचार की बेहतर एवं आधुनिक सुविधा प्रदान हो सकेगी।
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स्टेट ऑफ आर्ट प्रयोगशाला भी अस्पताल परिसर में बनेगी
अस्पताल परिसर में ही प्रयोगशाला का पांच मंजिला अलग से भवन बनाया जाएगा। यहां स्टेट ऑफ आर्ट प्रयोगशाला बनाई जाएगी ,जहां 24 घंटे के भीतर ही सैंपल रिपोर्ट तैयार होगी। अब तक टीबी से जुड़े कई टेस्ट करनाल प्रयोगशाला में हो रहे थे जोकि अब अंबाला में भी होंगे। यहां वीरोलॉजिकल रिसर्च एवं डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला होगी जोकि दिल्ली आईसीएमआर से मान्यता प्राप्त होगी। प्रयोगशाला में आधुनिक मशीनों से टेस्ट परफार्म किए जाएंगे। इसके अलावा बॉयोकेमिस्ट्री, बैक्टीरियोलॉजी, फंगल, मॉलीक्यूलर एवं पैथ लैब होगी। यह लैब 24 घंटे निरंतर चलेगी और लैब में प्राइवेट सैंपल भी चैक किए जाएंगे।
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रेडियोलॉजी डिपॉर्टमेंट में सीटी स्कैन, अन्य टेस्ट हो सकेंगे
अस्पताल में रेडियोलॉजी डिपॉर्टमेंट भी होगा जहां एक्सरे, अल्ट्रासाउंड एवं सीटी स्कैन सुविधा भी मिलेगी। अस्पताल में फेफड़ों के भी संपूर्ण टेस्ट किए जा सकेंगे जिनसे यह जानकारी मिल सकेगी कि फेफड़े की कितनी वर्किंग है। यहां संपूर्ण पीएफटी लैब होगी। यह टेस्ट हरियाणा में अब तक केवल पीजीआई रोहतक में किए जा रहे हैं जोकि आगे अब अंबाला में भी हो सकेंगे। इसी तरह, अस्पताल में अलग-अलग वार्ड होंगे और हर वार्ड में ऑक्सीजन पाइप लाइन उपलब्ध होगी। यहां 10 प्राइवेट रूम के लिए अलग से वार्ड होगा। अस्पताल में दो आईसीयू होंगे। 24 घंटे आईसीयू में इकोकार्डियोग्राफी, अल्ट्रासाउंड एवं छाती एक्स-रे सुविधा होगी। इसके अलावा दस बेड की क्षमता वाला हाई डिपेंडेंसी यूनिट, ऑपरेशन थिएटर, स्लीप स्टडी लैब, टीबी वार्ड एवं अन्य वार्ड और सुविधाएं भी होंगी।
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दो एकड़ में बनेगा नया टीबी अस्पताल, कई तरह की होगी ओपीडी
अंबाला शहर में दो एकड़ में बनने वाला नया टीबी अस्पताल पुराने टीबी अस्पताल के भवन को ढहाकर पूरी तरह नया बना जाएगा। अस्पताल को टीबी और हृदय रोग से संबंधित प्रशिक्षण के लिए नोडल सेंटर की तरह भी इस्तेमाल किया जाएगा। यहां डॉक्टरों के अलावा लैब तकनीशियन एवं एनटीईपी स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। अस्पताल में टीबी क्लीनिक, एमडीआर टीबी क्लीनिक, पोस्टर ट्यूबरक्यूलर टीबी क्लीनिक, आईएलडी क्लीनिक, ज्यूनोटिक डिजिसिस क्लीनिक, जनरल हृदय ओपीडी, लंग कैंसर क्लीनिक, एआरटी क्लीनिक, एलर्जी एंड इम्यूनोथेरेपी क्लीनिक, टबैको सीसेशन क्लीनिक, स्लीप लैब, ईएनटी क्लीनिक, आडियोमेट्री क्लीनिक, एचआईवी काउंसिलिंग सेंटर, फिजियोथेरेपी रूम एवं अन्य ओपीडी होगी। अंबाला ही नहीं आसपास राज्यों के मरीजों को भी इस अस्पताल में उपचार की बेहतर एवं आधुनिक सुविधा प्रदान हो सकेगी।
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स्टेट ऑफ आर्ट प्रयोगशाला भी अस्पताल परिसर में बनेगी
अस्पताल परिसर में ही प्रयोगशाला का पांच मंजिला अलग से भवन बनाया जाएगा। यहां स्टेट ऑफ आर्ट प्रयोगशाला बनाई जाएगी ,जहां 24 घंटे के भीतर ही सैंपल रिपोर्ट तैयार होगी। अब तक टीबी से जुड़े कई टेस्ट करनाल प्रयोगशाला में हो रहे थे जोकि अब अंबाला में भी होंगे। यहां वीरोलॉजिकल रिसर्च एवं डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला होगी जोकि दिल्ली आईसीएमआर से मान्यता प्राप्त होगी। प्रयोगशाला में आधुनिक मशीनों से टेस्ट परफार्म किए जाएंगे। इसके अलावा बॉयोकेमिस्ट्री, बैक्टीरियोलॉजी, फंगल, मॉलीक्यूलर एवं पैथ लैब होगी। यह लैब 24 घंटे निरंतर चलेगी और लैब में प्राइवेट सैंपल भी चैक किए जाएंगे।
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रेडियोलॉजी डिपॉर्टमेंट में सीटी स्कैन, अन्य टेस्ट हो सकेंगे
अस्पताल में रेडियोलॉजी डिपॉर्टमेंट भी होगा जहां एक्सरे, अल्ट्रासाउंड एवं सीटी स्कैन सुविधा भी मिलेगी। अस्पताल में फेफड़ों के भी संपूर्ण टेस्ट किए जा सकेंगे जिनसे यह जानकारी मिल सकेगी कि फेफड़े की कितनी वर्किंग है। यहां संपूर्ण पीएफटी लैब होगी। यह टेस्ट हरियाणा में अब तक केवल पीजीआई रोहतक में किए जा रहे हैं जोकि आगे अब अंबाला में भी हो सकेंगे। इसी तरह, अस्पताल में अलग-अलग वार्ड होंगे और हर वार्ड में ऑक्सीजन पाइप लाइन उपलब्ध होगी। यहां 10 प्राइवेट रूम के लिए अलग से वार्ड होगा। अस्पताल में दो आईसीयू होंगे। 24 घंटे आईसीयू में इकोकार्डियोग्राफी, अल्ट्रासाउंड एवं छाती एक्स-रे सुविधा होगी। इसके अलावा दस बेड की क्षमता वाला हाई डिपेंडेंसी यूनिट, ऑपरेशन थिएटर, स्लीप स्टडी लैब, टीबी वार्ड एवं अन्य वार्ड और सुविधाएं भी होंगी।