{"_id":"63fd06bb7786df4e7f0f8004","slug":"farmers-on-hunger-strike-not-paid-for-sugarcane-ambala-news-c-18-1-44359-2023-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: गन्ने का नहीं हुआ भुगतान, भूख हड़ताल पर किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: गन्ने का नहीं हुआ भुगतान, भूख हड़ताल पर किसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहजादपुर। नारायणगढ़ गन्ना मिल पर क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों ने सोमवार को भूख हड़ताल शुरू कर दी। किसानों ने काफी संख्या में नारायणगढ़ चीनी मिल के सामने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि उनका गन्ने का भुगतान प्रशासन दिलाए। किसानों का मिल पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया चल रहा है। इसको लेकर किसान पहले प्रशासन को कई बार ज्ञापन भी दे चुके हैं। किसानों और प्रशासन के बीच वार्ता भी हुई, मगर विफल रही। इसके बाद किसानों ने धरना देने और भूख हड़ताल पर जाने का फैसला लिया। हालांकि, सोमवार को किसान क्रमिक भूख हड़ताल पर रहे। किसानों ने चेतावनी दी है कि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के उपाध्यक्ष विक्रम राणा, संयुक्त गन्ना किसान कमेटी के गुरविंदर सिंह जटवाड, एसकेएम इंकलाब मंच के धर्म वीर ढींडसा, युवा किसान रजत सिंह व गुरतेज रछेडी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
इंकलाब मंच के संयोजक धर्मवीर ढींडसा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को तिल तिल कर मारना चाहती है। इसकी शुरुआत उन्होंने खुद क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करके कर दी है। मिल मुनाफे में चल रहा है, लेकिन किसानों का बकाया भुगतान जानबूझकर नहीं किया जा रहा है। नारायणगढ़ चीनी मिल की समस्या का अब स्थायी हल निकालने का समय आ चुका है।
सरकार तत्काल संज्ञान में ले मामला
उपाध्यक्ष विक्रम राणा ने कहा कि ये समस्या जानबूझकर पैदा की गई है। प्रशासन को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए किसानों का भुगतान करवाना चाहिए, वरना किसान सख्त फैसला लेने पर मजबूर होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंकलाब मंच के संयोजक धर्मवीर ढींडसा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को तिल तिल कर मारना चाहती है। इसकी शुरुआत उन्होंने खुद क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करके कर दी है। मिल मुनाफे में चल रहा है, लेकिन किसानों का बकाया भुगतान जानबूझकर नहीं किया जा रहा है। नारायणगढ़ चीनी मिल की समस्या का अब स्थायी हल निकालने का समय आ चुका है।
विज्ञापन
सरकार तत्काल संज्ञान में ले मामला
उपाध्यक्ष विक्रम राणा ने कहा कि ये समस्या जानबूझकर पैदा की गई है। प्रशासन को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए किसानों का भुगतान करवाना चाहिए, वरना किसान सख्त फैसला लेने पर मजबूर होंगे।
विज्ञापन