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कर्मचारियों ने रोया दुखड़ा, बोले- गहराया आर्थिक संकट, बच्चों को पढ़ाना हुआ मुश्किल
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अंबाला। प्रदेशभर के नागरिक अस्पतालों में कोरोना काल के दौरान रखे गए कर्मचारियों ने निकाले जाने के बाद एक बार फिर गृहमंत्री अनिल विज से मुलाकात की। शुक्रवार को कोरोना कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा के सदस्य शास्त्री कॉलोनी मंत्री विज के निवास स्थान पर पहुंचे। उनका कहना था कि परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। ऐसे में वे अपने बच्चों को पढ़ा भी नहीं पा रहे हैं। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। वॉटर कैनन से लेकर महिला पुलिस भी तैनात रही।
हालांकि, कर्मचारियों ने ज्यादा विरोध नहीं किया। पुलिस ने एसोसिएशन के एक प्रतिनिधित्व मंडल को गृहमंत्री अनिल विज से मिलने भेजा। जहां उन्हें आश्वासन मिला कि उनके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. संदीप संधु, तरूण, नीतू, सिमरनजीत आदि का कहना था कि 31 मार्च को प्रदेशभर के अस्पतालों से करीब तीन हजार कर्मचारियों को निकाल दिया गया था। यह वे कर्मचारी थे जिन्हें कोरोना काल में तैनात किया गया था। कोई स्टाफ नर्स तो कोई एंट्री ऑपरेटर लगा हुआ था। उनका कहना था कि कोरोना काल के बीच सभी कर्मचारियों ने दो साल स्वास्थ्य विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। आखिर में उन्हें जान हथेली पर रखकर संक्रमण के बीच काम करने का यह नतीजा मिला। उनका कहना था कि गृहमंत्री को पहले भी प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंप चुके हैं। असके बावजूद अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
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हालांकि, कर्मचारियों ने ज्यादा विरोध नहीं किया। पुलिस ने एसोसिएशन के एक प्रतिनिधित्व मंडल को गृहमंत्री अनिल विज से मिलने भेजा। जहां उन्हें आश्वासन मिला कि उनके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. संदीप संधु, तरूण, नीतू, सिमरनजीत आदि का कहना था कि 31 मार्च को प्रदेशभर के अस्पतालों से करीब तीन हजार कर्मचारियों को निकाल दिया गया था। यह वे कर्मचारी थे जिन्हें कोरोना काल में तैनात किया गया था। कोई स्टाफ नर्स तो कोई एंट्री ऑपरेटर लगा हुआ था। उनका कहना था कि कोरोना काल के बीच सभी कर्मचारियों ने दो साल स्वास्थ्य विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। आखिर में उन्हें जान हथेली पर रखकर संक्रमण के बीच काम करने का यह नतीजा मिला। उनका कहना था कि गृहमंत्री को पहले भी प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंप चुके हैं। असके बावजूद अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
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