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करोड़ों लेकर भागने का आरोपी फाइनेंसर काबू
ब्यूरो/अमर उजाला,अंबाला
Updated Mon, 16 Nov 2015 12:27 AM IST
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पूर्व सैनिकों की खून पसीने की कमाई लेकर फरार होने के आरोपी फाइनेंसर को पुलिस ने काबू कर लिया है। आरोप है कि यह फाइनेंसर करीब डेढ़ सौ पूर्व सैनिकों के करीब दो अरब रुपये लेकर फरार हुआ था। बीते अक्तूबर माह में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिसके बाद से ही पुलिस इस शातिर की तलाश में थी।
कैंट के तोपखाना क्षेत्र में एक फाइनेंसर पिछले काफी समय से पूर्व सैनिकों को मोटे ब्याज का लालच देकर उनसे लाखों रुपये लेता था। यह पिछले चालीस सालों से सेना क्षेत्र में कैंटीन चला रहा था और इनवेस्टरों को ब्याज का लालच देकर उनसे इनवेस्टमेंट लेता था। इसी लाखों की एवज में यह इन पूर्व सैनिकों व अन्य इनवेस्टरों को दो प्रतिशत ब्याज प्रतिमाह दिया करता था।
सालों से उसका धंधा खूब चल रहा था और लोगों का विश्वास भी इस पर पूरा था। यही कारण था कि सैकड़ों की तादाद में लोगों ने अपने जीवन भर की जमा पूंजी इस फाइनेंसर के हवाले कर दी। इतना ही नहीं कईयों ने तो अपने मित्रों व रिश्तेदारों तक के रुपये इस फाइनेंसर के यहां पर इनवेस्ट कर रखे थे। बीते अक्तूबर माह में यह फाइनेंसर अचानक लापता हो गया, जिससे इनवेस्टरों की धड़कनें बढ़ गईं। इसी के चलते पूर्व सैनिकों ने जहां तोपखाना चौकी में हंगामा किया, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिए।
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पानीपत से किया काबू
पिछले काफी समय से यह आरोपी फरार चल रहा था, जबकि पुलिस का खुफिया तंत्र इसे ढूंढने में लगा हुआ था। पुलिस की कार्यप्रणाली तक पर इनवेस्टरों ने सवाल खड़े कर दिए थे। उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी आरोपी के पानीपत में होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे काबू किया है। आरोपी की पहचान अशोक अग्रवाल के रूप में हुई है। माना जा रहा है कि लेनदेन का यह मामला करीब दो अरब के आसपास का है। इस मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।
महासंग्राम रैली में इनवेस्टरों के छलके आंसू
इसी मामले को लेकर कुछ पूर्व सैनिक अंबाला कैंट के गांधी मैदान में हुई वन रैंक वन पेंशन को लेकर हुई महासंग्राम रैली में भी पहुंचे। यहां पर पूर्व सैनिकों ने यूनाइटेड फ्रंट आफ एक्स सर्विसमैन के चेयरमैन मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह से मुलाकात की। इन पूर्व सैनिकों ने सतबीर सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी और गुहार लगाई कि इस मामले को जल्द सुलझाया जाए और उनके लाखों रुपये दिलवाए जाएं। इसी दौरान मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने फोन पर सेना अधिकारियों से बातचीत की और मामला जल्द सुलझाने का आग्रह भी किया।
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यह हैं सवाल
- चालीस सालों से चल रहा ब्याज का खेल अचानक कैसे बिगड़ गया
- फाइनेंसर के लापता होने में कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं, वे क्या कारण हैं
- आखिर इनवेस्ट किए गए रुपयों की एवज में कैसे इनवेस्टरों को ब्याज दिया जाता था
- अब इनवेस्टरों का रुपया कैसे और कब तक मिलेगा
- क्या इस जांच में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आएंगे
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आरोपी अशोक अग्रवाल को आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने पानीपत से काबू किया है। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद पूरा मामला साफ होगा।
- जगदीप सिंह दून, एसीपी कैंट
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कैंट के तोपखाना क्षेत्र में एक फाइनेंसर पिछले काफी समय से पूर्व सैनिकों को मोटे ब्याज का लालच देकर उनसे लाखों रुपये लेता था। यह पिछले चालीस सालों से सेना क्षेत्र में कैंटीन चला रहा था और इनवेस्टरों को ब्याज का लालच देकर उनसे इनवेस्टमेंट लेता था। इसी लाखों की एवज में यह इन पूर्व सैनिकों व अन्य इनवेस्टरों को दो प्रतिशत ब्याज प्रतिमाह दिया करता था।
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सालों से उसका धंधा खूब चल रहा था और लोगों का विश्वास भी इस पर पूरा था। यही कारण था कि सैकड़ों की तादाद में लोगों ने अपने जीवन भर की जमा पूंजी इस फाइनेंसर के हवाले कर दी। इतना ही नहीं कईयों ने तो अपने मित्रों व रिश्तेदारों तक के रुपये इस फाइनेंसर के यहां पर इनवेस्ट कर रखे थे। बीते अक्तूबर माह में यह फाइनेंसर अचानक लापता हो गया, जिससे इनवेस्टरों की धड़कनें बढ़ गईं। इसी के चलते पूर्व सैनिकों ने जहां तोपखाना चौकी में हंगामा किया, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिए।
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पानीपत से किया काबू
पिछले काफी समय से यह आरोपी फरार चल रहा था, जबकि पुलिस का खुफिया तंत्र इसे ढूंढने में लगा हुआ था। पुलिस की कार्यप्रणाली तक पर इनवेस्टरों ने सवाल खड़े कर दिए थे। उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी आरोपी के पानीपत में होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे काबू किया है। आरोपी की पहचान अशोक अग्रवाल के रूप में हुई है। माना जा रहा है कि लेनदेन का यह मामला करीब दो अरब के आसपास का है। इस मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।
महासंग्राम रैली में इनवेस्टरों के छलके आंसू
इसी मामले को लेकर कुछ पूर्व सैनिक अंबाला कैंट के गांधी मैदान में हुई वन रैंक वन पेंशन को लेकर हुई महासंग्राम रैली में भी पहुंचे। यहां पर पूर्व सैनिकों ने यूनाइटेड फ्रंट आफ एक्स सर्विसमैन के चेयरमैन मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह से मुलाकात की। इन पूर्व सैनिकों ने सतबीर सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी और गुहार लगाई कि इस मामले को जल्द सुलझाया जाए और उनके लाखों रुपये दिलवाए जाएं। इसी दौरान मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने फोन पर सेना अधिकारियों से बातचीत की और मामला जल्द सुलझाने का आग्रह भी किया।
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यह हैं सवाल
- चालीस सालों से चल रहा ब्याज का खेल अचानक कैसे बिगड़ गया
- फाइनेंसर के लापता होने में कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं, वे क्या कारण हैं
- आखिर इनवेस्ट किए गए रुपयों की एवज में कैसे इनवेस्टरों को ब्याज दिया जाता था
- अब इनवेस्टरों का रुपया कैसे और कब तक मिलेगा
- क्या इस जांच में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आएंगे
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आरोपी अशोक अग्रवाल को आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने पानीपत से काबू किया है। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद पूरा मामला साफ होगा।
- जगदीप सिंह दून, एसीपी कैंट