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बच्चों से श्रम करवाने पर टीम ने की जांच
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
Updated Fri, 28 Oct 2016 12:24 AM IST
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मुलाना। सरकारी स्कूल मुलाना में बच्चों से बाल श्रम करवाए जाने के मामले में वीरवार को जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने टीम सहित जांच की। इसी मामले में जहां शिक्षा विभाग स्कूल प्राचार्य को नोटिस दे चुका है, वहीं टीम ने भी अधिकारियों और कर्मचारियों से बच्चों से बाल श्रम करवाने और विद्यार्थियों से इस मामले में पूछताछ की।
उल्लेखनीय है कि मुलाना के सरकारी स्कूल में बच्चों से बीते दिनों बाल श्रम कराया गया था। इस मामले में बच्चों ने स्कूल में ही काम किया था। बताया जाता है कि बच्चों को समोसे खिलाने का लालच दिया गया था। इसी को लेकर वीरवार को जिला बाल संरक्षण अधिकारी मेघा सिंगला ने चाइल्डलाइन कोऑर्डिनेटर रेखा व बाल कल्याण समिति सदस्य जगमोहन सिंह, गुरदेव सिंह व मोहित अग्रवाल के साथ स्कूल में पहुंचीं। टीम ने स्कूली बच्चों के बयानों की विडियो बनाई। इस दौरान टीम ने स्कूल में नौनिहालों को दी जा रही मिड डे मील की खाद्य सामग्री व पेयजल व्यवस्था की भी जांच की।
स्कूल में पहुंचते ही टीम ने स्कूल प्राचार्य व बीईओ पवन गुप्ता से भी बातचीत की। इसके बाद टीम बच्चों से पूछताछ करने पहुंच गई। बच्चों ने स्कूल प्रशासन द्वारा निर्माण के दौरान कार्य करवाने की बात मानी।
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इस दौरान टीम ने स्कूल में मिड डे मील की जांच भी की। इस दौरान टीम ने देखा कि योजना के तहत दिए जा रहे व्यंजनों से संबंधित सूचनापट न लगे होने तथा गेहूं व चावल के बर्तनों में मकड़ी के जाले लगे देख टीम ने मिड डे मील प्रभारी को जमकर लताड़ा। इसी प्रकार स्कूल के एक कमरे में 65 बच्चे बैठे देख टीम हैरान रह गई। कमरे में न तो सफाई थी और न ही प्रकाश की उचित व्यवस्था।
वर्जन
शिकायत के बाद टीम ने बच्चों व स्कूल प्राध्यापकों के बयान लिए हैं। इसके बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस जांच के बारे में शिक्षा विभाग को भी अवगत कराया जाएगा।
- मेघा सिंगला, जिला बाल संरक्षण अधिकारी
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उल्लेखनीय है कि मुलाना के सरकारी स्कूल में बच्चों से बीते दिनों बाल श्रम कराया गया था। इस मामले में बच्चों ने स्कूल में ही काम किया था। बताया जाता है कि बच्चों को समोसे खिलाने का लालच दिया गया था। इसी को लेकर वीरवार को जिला बाल संरक्षण अधिकारी मेघा सिंगला ने चाइल्डलाइन कोऑर्डिनेटर रेखा व बाल कल्याण समिति सदस्य जगमोहन सिंह, गुरदेव सिंह व मोहित अग्रवाल के साथ स्कूल में पहुंचीं। टीम ने स्कूली बच्चों के बयानों की विडियो बनाई। इस दौरान टीम ने स्कूल में नौनिहालों को दी जा रही मिड डे मील की खाद्य सामग्री व पेयजल व्यवस्था की भी जांच की।
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स्कूल में पहुंचते ही टीम ने स्कूल प्राचार्य व बीईओ पवन गुप्ता से भी बातचीत की। इसके बाद टीम बच्चों से पूछताछ करने पहुंच गई। बच्चों ने स्कूल प्रशासन द्वारा निर्माण के दौरान कार्य करवाने की बात मानी।
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इस दौरान टीम ने स्कूल में मिड डे मील की जांच भी की। इस दौरान टीम ने देखा कि योजना के तहत दिए जा रहे व्यंजनों से संबंधित सूचनापट न लगे होने तथा गेहूं व चावल के बर्तनों में मकड़ी के जाले लगे देख टीम ने मिड डे मील प्रभारी को जमकर लताड़ा। इसी प्रकार स्कूल के एक कमरे में 65 बच्चे बैठे देख टीम हैरान रह गई। कमरे में न तो सफाई थी और न ही प्रकाश की उचित व्यवस्था।
वर्जन
शिकायत के बाद टीम ने बच्चों व स्कूल प्राध्यापकों के बयान लिए हैं। इसके बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस जांच के बारे में शिक्षा विभाग को भी अवगत कराया जाएगा।
- मेघा सिंगला, जिला बाल संरक्षण अधिकारी