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SI के बेटे को फूड इंस्पेक्टर लगवाने का झांसा दे ठगे लाखों, केंद्रीय मंत्रालय की समिति के पूर्व सदस्य पर केस

Thu, 15 Dec 2022 12:31 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 15 Dec 2022 12:31 PM IST
सार

शिकायतकर्ता विलायती राम जीआरपी हरियाणा में उप निरीक्षक के पद पर नियुक्त है और वर्ष 2020-2021 में वह बतौर प्रबंधक थाना जीआरपी अंबाला छावनी में नियुक्त था। थाना प्रबंधक रहते हुए खुद भी स्टाफ के साथ आरोपी गजराज सिंह अटेंड करने जाता रहता था। इस कारण सब इंस्पेक्टर की गजराज सिंह से जान पहचान हो गई थी। 

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Case of fraud with son of sub-inspector of GRP in Ambala
UPI Fraud - फोटो : Istock

विस्तार

जीआरपी हरियाणा में सब इंस्पेक्टर के बेटे को भारतीय खाद्य निगम में फूड इंस्पेक्टर की नौकरी का झांसा देकर व व्हाटसएप पर नौकरी से संबंधित पत्राचार के लैटर व ज्वाइनिंग लेटर देकर 9 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में सब इंस्पेक्टर ने आरोपी के खिलाफ अक्तूबर में एसपी अंबाला को शिकायत दी थी।

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अब इस मामले में थाना बलदेव नगर पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष बजरंग वाहिनी दल एवं केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एंव सार्वजनिक वितरण मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली की सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य आरोपी गजराज सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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शिकायतकर्ता विलायती राम ने बताया कि वह जीआरपी हरियाणा में उप निरीक्षक के पद पर नियुक्त है और वर्ष 2020-2021 में वह बतौर प्रबंधक थाना जीआरपी अंबाला छावनी में नियुक्त था। गजराज सिंह इस रेल द्वारा दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच अक्सर जब भी यात्रा करता, तो कार्यालय से इसका वीआईपी मूवमेंट का प्रोग्राम जारी होता था और कई बार यह अंबाला छावनी स्टेशन पर ट्रेन से उतरता या चढ़ता था तो इसकी जीआरपी लाईन से एस्कोर्ट आती थी, तब वह थाना प्रबंधक रहते हुए खुद भी स्टाफ के साथ इसको अटेंड करने जाता रहता था। इस कारण सब इंस्पेक्टर की गजराज सिंह से जान पहचान हो गई थी। 
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शिकायतकर्ता के अनुसार उसके बेटे आकाश ने बीएसी, एमसीए की हुई है। उसके बारे में गजराज सिंह ने पूछताछ की और कहा कि वह सलाहकार समिति, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय भारत सरकार,नई दिल्ली का पूर्व सदस्य रहा है। जब भी इस विभाग में कोटा की सीटें निकलेगी तो वह आकाश को नौकरी लगवा देगा। इसके बाद गजराज सिंह ने आकाश से व्हाट्सएप काल के माध्यम से बात की। नवंबर 2021 में उसकी पोस्टिंग थाना जीआरपी अंबाला छावनी से बतौर प्रबंधक थाना जीआरपी चंडीगढ़ हो गई थी। फिर गजराज सिंह ने बेटे आकाश से दिसंबर 2021 में फूड इंस्पेक्टर के फार्म भरवाए और उसकी डिग्री, सर्टिफिकेट व फोटो आदि ले गया। 6 जनवरी 2022 को डाक्यूमेंट पर हस्ताक्षर करवाने के लिए वह आकाश को लघुसचिवालय हरियाणा, चंडीगढ़ भी ले गया। इसके बाद 3 अप्रैल 2022 को गजराज ने आकाश को भारतीय खाद्य निगम आंचलिक कार्यालय, नोएडा की ओर से जारीशुदा एक लेटर दिया।


इस लेटर में एग्जाम की तारीख 17 अप्रैल 22 लिखी थी और वेकेंसी जॉब दर्शाई गई थी। उस पर असिस्टेंट जनरल मैनेजर के हस्ताक्षर व बाकायदा कार्यालय का रेफरेंस लगा था। इसके बाद गजराज ने आकाश को एक पत्र दिनांक 10 मई 2022 को वाट्सअप के माध्यम से भेजा, जिसमें चार लड़कों के नाम थे और 12 मई 2022 तक डाकयूमैन्ट वैरिफिकेशन करके ज्वाईनिंग लैटर देने बारे व 24 मई 2022 तक कोलकता में फिंगर प्रिंट डिस्टेन्स आई टैस्ट करने बारे लिखा है। इससे पहले खाद्य विभाग जम्मू एंड कश्मीर कार्यलय से दस्तावेज सत्यापित करवाने बारे को लेकर आकाश को वह जम्मू कश्मीर भी ले गया, जहां पर पत्र पर साइन करवाए थे। इसके बाद इसने लड़के को 19 मई को एक अन्य लेटर वाट्सअप पर भेजा जिस पर जसमीत कौर फूड एंड पब्लिक डिस्टीब्यूशन कृषि भवन नई दिल्ली के हस्ताक्षर है और कहा कि जम्मू कश्मीर से वेरिफिकेशन अप्रूव हो गई है अब 24 से 28 मई के बीच फिगंर प्रिंट डिस्टेंस आई टेस्ट के लिए कोलकाता जाना है,। इस दौरान इसने आकाश पर प्रभाव व दवाब बनाकर जम्मू कश्मीर जाने व आने का खर्चा भी मांगा और कोलकता हवाई यात्रा द्वारा खुद की टिकट व आकाश की टिकट करवाने के नाम पर जाने व रहने का खर्चा मांगा। इस पर सब इंस्पेक्टर ने गजराज के मोबाइल नंबर पर 10 मई से 30 मई तक अलग-2 तारीख को करीब 1 लाख रुपए गूगल पे कर दिए। इसके बाद उसे एक लेटर मिला जिसमें सैलरी का भी विवरण है व अंतिम 20 जून से पहले ज्वाइनिंग के बारे भी इस लैटर में लिखा हुआ था। इसके बाद गजराज ने सिक्योरिटी फीस पोस्ट के हिसाब से 5 लाख रुपये जमा कराने है, सिक्योरिटी फीस जमा करवाने के बाद ही ज्वाईनिंग होगी। जिसकी तिथि 25 जून है। इसके बाद पीड़ित ने 1 लाख रुपए अपने सैलरी अकांउट से गूगल-पे के माध्यम से गजराज के मोबाइल नंबर पर पेटीएम किए व 3 लाख 50 हजार रुपए नकद अपने मित्र/रिश्तेदारों से बड़ी मुश्किल से इंतजाम करके कुल 4 लाख 50 हजार रुपए इसको बतौर सिक्योरिटी फीस दिए। बकाया 50 हजार रुपए 20 जून को अपने गूगल पै से किये। लेकिन इसके बाद उसका बेटे को नौकरी नही मिली। जब उसने गजराज से अपने रूपये मांगे तो वह उसे धमकाने लगा और रूपये देने से मना कर दिया। इस शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया।

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