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प्रकृति संरक्षण हमार कर्तव्य : स्वामी कामेश्वर पुरी
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अंबाला। श्री बांके बिहारी मंदिर गोविंद नगर में चल रही 50वें स्वर्णिम वार्षिकोत्सव, श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन स्वामी कामेश्वर पुरी ने भजन स्तुति के माध्यम से प्रभु शरण में जाने का ज्ञान दिया।
मुख्य परीक्षित सुनीता कुमारी, राजीव अग्रवाल, प्रवीन अग्रवाल और सभा के सभी सदस्यों एवं श्रोताओं के सुख की कामना करते हुए प्रभु से आशीर्वाद मांगा। महाराज कामेश्वर पुरी ने बताया कि भारत उत्सव प्रधान देश है। यहां प्रत्येक दिन भगवान या देवताओं को याद किया जाता है। हमारे ऋषियों, मुनियों ने ऐसी परंपराएं बनाई हैं कि हमारा सारा जीवन उत्सवों से भरा रहे।
गोवर्धन पूजा प्रसंग में बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने मात्र सात वर्ष की आयु में सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को उठाकर रखा और उससे पहले गोवर्धन पूजा की। पूजा करने का आशय प्रकृति का संरक्षण है। महाराज ने बताया कि जल संरक्षण, वायु संरक्षण, ध्वनि संरक्षण के माध्यम से हमें प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए क्योंकि यह किसी पर अहसान नहीं है और यह संरक्षण हमारी भावी पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन से संबंधित है।
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कथा में शिव कुटीर मंदिर सभा प्रधान बत राम धीमान एवं अन्य सदस्य, विश्वकर्मा मंदिर से प्रधान रविंदर धीमान एवं अन्य सदस्य, कश्मीरी सभा से राजेंद्र काव, निस्वार्थ योग सेवा संस्थान एवं मन्दिर सभा प्रधान दिनेश बहल, सचिव रमेश धीमान, हेमचंद्र पांडे, त्रिलोक सिंह सिद्धू, रमेश गुप्ता, कमल, प्रवीण कुमार और पुनीत वर्मा मौजूद रहे।
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मुख्य परीक्षित सुनीता कुमारी, राजीव अग्रवाल, प्रवीन अग्रवाल और सभा के सभी सदस्यों एवं श्रोताओं के सुख की कामना करते हुए प्रभु से आशीर्वाद मांगा। महाराज कामेश्वर पुरी ने बताया कि भारत उत्सव प्रधान देश है। यहां प्रत्येक दिन भगवान या देवताओं को याद किया जाता है। हमारे ऋषियों, मुनियों ने ऐसी परंपराएं बनाई हैं कि हमारा सारा जीवन उत्सवों से भरा रहे।
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गोवर्धन पूजा प्रसंग में बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने मात्र सात वर्ष की आयु में सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को उठाकर रखा और उससे पहले गोवर्धन पूजा की। पूजा करने का आशय प्रकृति का संरक्षण है। महाराज ने बताया कि जल संरक्षण, वायु संरक्षण, ध्वनि संरक्षण के माध्यम से हमें प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए क्योंकि यह किसी पर अहसान नहीं है और यह संरक्षण हमारी भावी पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन से संबंधित है।
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कथा में शिव कुटीर मंदिर सभा प्रधान बत राम धीमान एवं अन्य सदस्य, विश्वकर्मा मंदिर से प्रधान रविंदर धीमान एवं अन्य सदस्य, कश्मीरी सभा से राजेंद्र काव, निस्वार्थ योग सेवा संस्थान एवं मन्दिर सभा प्रधान दिनेश बहल, सचिव रमेश धीमान, हेमचंद्र पांडे, त्रिलोक सिंह सिद्धू, रमेश गुप्ता, कमल, प्रवीण कुमार और पुनीत वर्मा मौजूद रहे।