{"_id":"60afe12b8ebc3e20266c63e9","slug":"chadhuni-said-now-it-s-ambala-s-farmers-turn-ambala-news-knl712615186","type":"story","status":"publish","title_hn":"चढू़नी ने किसानों में फूंकी जान, बोले- अब अंबाला के किसानों की बारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चढू़नी ने किसानों में फूंकी जान, बोले- अब अंबाला के किसानों की बारी
विज्ञापन
कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को तेज करने के लिए 6 जून को अंबाला से किसान दिल्ली के लिए रवाना होंगे। अधिक से अधिक किसान दिल्ली की ओर कूच करें। इसके लिए भाकियू की अंबाला में बैठकेें की जा रही हैं। इसी कड़ी में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी ने भी किसानों की बैठक कर उनमें नए जोश का संचार किया। भाकियू नेता गांव-गांव जाकर किसानों को 6 जून को दिल्ली जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। किसानों को समझाया जा रहा है कि सरकार को जैसे किसानों ने हिसार में घुटनों के बल लाया था उसी तरह अब केंद्र सरकार पर कृषि कानून वापस लेने का दबाव बनाना है। यह तभी संभव होगा जब हम सभी किसान एकजुट होकर दिल्ली पहुंचेंगे और अपनी आवाज बुलंद करेंगे। इसी कड़ी में वीरवार को भाकियू ने चौड़मस्तपुर, नग्गल, नडियाली और अन्य गांव का दौरा किया।
करनाल से ज्यादा किसानों को अंबाला से होना है रवाना: चढू़नी
शंभू बार्डर पर पहुंचे भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी ने कहा कि जिस प्रकार 23 मई को करनाल से जत्थे बंदियां दिल्ली के लिए रवाना हुई थीं। जिसमें करनाल से करीब 2 हजार गाड़ियों से किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। उसी प्रकार अंबाला के शंभू बार्डर से भी किसानों को दिल्ली के लिए रवाना होना है। चाहे गाड़ियां 2 हजार से ज्यादा हों लेकिन कम नहीं होनी चाहिए। यह प्रतियोगिता इस बार करनाल और अंबाला के किसानों के बीच है। देेखते हैं कि इस बार कौन अव्वल आता है, क्योंकि पिछली बार भी जब अंबाला से किसान रवाना हुए थे, तब भी अंबाला के किसानों ने एक नया जोश भर दिया था और पूरे प्रदेश के किसान अंबाला के किसानों के साथ जुड़ते हुए दिल्ली पहुंचे थे। इस बार भी हमें उसी जोश के साथ दिल्ली के लिए रवाना होना है।
विज्ञापन
करनाल से ज्यादा किसानों को अंबाला से होना है रवाना: चढू़नी
शंभू बार्डर पर पहुंचे भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी ने कहा कि जिस प्रकार 23 मई को करनाल से जत्थे बंदियां दिल्ली के लिए रवाना हुई थीं। जिसमें करनाल से करीब 2 हजार गाड़ियों से किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। उसी प्रकार अंबाला के शंभू बार्डर से भी किसानों को दिल्ली के लिए रवाना होना है। चाहे गाड़ियां 2 हजार से ज्यादा हों लेकिन कम नहीं होनी चाहिए। यह प्रतियोगिता इस बार करनाल और अंबाला के किसानों के बीच है। देेखते हैं कि इस बार कौन अव्वल आता है, क्योंकि पिछली बार भी जब अंबाला से किसान रवाना हुए थे, तब भी अंबाला के किसानों ने एक नया जोश भर दिया था और पूरे प्रदेश के किसान अंबाला के किसानों के साथ जुड़ते हुए दिल्ली पहुंचे थे। इस बार भी हमें उसी जोश के साथ दिल्ली के लिए रवाना होना है।
विज्ञापन