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Ambala News: महावीर और नौरंगराय पार्क में टूटी मिली ग्रिल, गंदगी से अटे थे ट्रैक व तालाब
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अंबाला सिटी। शहर विधायक निर्मल सिंह की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) चंडीगढ़ व अंबाला की संयुक्त टीम ने शहर के महावीर पार्क और भगवान वामन नौरंगराय तालाब के निर्माण की जांच की। टीम के सदस्यों ने परियोजना को शुरू करने से लेकर अभी तक किए गए कार्यों की जांच की और निर्माण सामग्री के सैंपल भी लिए।
इस दौरान टीम को महावीर और नौरंगराय तालाब में कई जगह पर ग्रिल टूटी मिलीं और ट्रैक व तालाब में भी गंदगी जमा थी। चार घंटे तक की गई कार्रवाई के दौरान टीम को प्राथमिक जांच में महावीर पार्क व नौरंगराय तालाब के प्रोजेक्ट के निर्माण में कई खामियां मिली हैं।
एसीबी की टीम ने दोनों परियोजनाओं की मोबाइल से वीडियो व फोटोग्रॉफी भी करवाई। इस टीम में एसीबी से तकनीकी कार्यकारी अभियंता नीरज शर्मा व उनकी टीम शामिल रही। जांच टीम ने नगर निगम अधिकारियों और इन परियोजनाओं पर कार्य करनी वाली एजेंसी से भी सवाल पूछे और रिकॉर्ड भी लिया। अब एसीबी अपनी प्रथम रिपोर्ट आगे पेश करेगी। इसके बाद प्रोजेक्ट की प्लानिंग व दस्तावेज चेक किए जाएंगे।
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सुबह 10 बजे एसीबी की टीम शहर महावीर पार्क में पहुंची। टीम ने सदस्यों ने सबसे पहले निगम के कार्यकारी अभियंता सौरभ गोयल व उनकी टीम से प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली और इसके बाद जांच शुरू की। टीम सबसे पहले पैदल ट्रैक पर पहुंची। यहां टीम को गंदगी बिखरी मिली। इसके अलावा कई जगह पर जालियां भी टूटी हुईं थी। इसके अलावा तालाब में भी गंदगी जमा थी। टीम ने पार्क के पिछली साइड बनने वाले टेरिटरी पार्क के अधूरा होने पर सवाल भी पूछे। वहीं परियोजना के प्रस्ताव में पार्क की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। टीम के सदस्यों ने इसकी ड्राइंग भी मांगी। टीम ने चारदिवारी से गायब ग्रिल के बारे में पूछा तो निगम अधिकारियों ने टीम को बताया कि करीब 185 ग्रिल चोरी हो चुकी है, लेकिन इसकी एफआईआर नहीं करवाई है। टीम ने इस पर हैरानी जताई। इसी बीच निगम ने एफआईआर करवाने की बात की तो टीम अधिकारी ने उसकी कॉपी देने के लिए कहा।
महावीर पार्क की सड़क के तरफ छत में बनाई गई सीमेंट पिलर भी असुरक्षित मिले। टीम ने इतना बजट लगने पर भी कार्य अधूरा होने पर चिंता जताई। टीम ने पार्क में पिलर से निर्माण सामग्री के सैंपल लिए। जांच अधिकारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि निगम ने पार्क का न रखरखाव किया, न ही उसको चलाया। जो बनाया था, वह भी खराब कर दिया।
एसीबी टीम ने भगवान वामन नौरंगराय तालाब पर जाकर निरीक्षण किया और पिलर व दीवारों से सामग्री के सैंपल लिए। इस दौरान टीम ने निगम अधिकारियों से प्रोजेक्ट के बारे में सवाल भी पूछे कि जब यह परियोजना 25 करोड़ की थी तो शुरूआत में टेंडर 10 करोड़ का क्यों हुआ। बरामदा जैसा बनाना चाहिए था वैसा नहीं बनाया गया। परियोजना में बजट 25 करोड़ पहले था या नहीं, यह कहां बदलता रहा। उन्होंने निगम के अधिकारियों से इसके दस्तावेज भी मांगे गए। टीम ने नौरंगराय तालाब पर दीवारों से सैंपल भरवाए और तालाब के अधूरे पड़े विकास कार्यों की रिपोर्ट भी निगम के अधिकारियों से ली। -संबंधित खबर पेज तीन पर
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इस दौरान टीम को महावीर और नौरंगराय तालाब में कई जगह पर ग्रिल टूटी मिलीं और ट्रैक व तालाब में भी गंदगी जमा थी। चार घंटे तक की गई कार्रवाई के दौरान टीम को प्राथमिक जांच में महावीर पार्क व नौरंगराय तालाब के प्रोजेक्ट के निर्माण में कई खामियां मिली हैं।
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एसीबी की टीम ने दोनों परियोजनाओं की मोबाइल से वीडियो व फोटोग्रॉफी भी करवाई। इस टीम में एसीबी से तकनीकी कार्यकारी अभियंता नीरज शर्मा व उनकी टीम शामिल रही। जांच टीम ने नगर निगम अधिकारियों और इन परियोजनाओं पर कार्य करनी वाली एजेंसी से भी सवाल पूछे और रिकॉर्ड भी लिया। अब एसीबी अपनी प्रथम रिपोर्ट आगे पेश करेगी। इसके बाद प्रोजेक्ट की प्लानिंग व दस्तावेज चेक किए जाएंगे।
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सुबह 10 बजे एसीबी की टीम शहर महावीर पार्क में पहुंची। टीम ने सदस्यों ने सबसे पहले निगम के कार्यकारी अभियंता सौरभ गोयल व उनकी टीम से प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली और इसके बाद जांच शुरू की। टीम सबसे पहले पैदल ट्रैक पर पहुंची। यहां टीम को गंदगी बिखरी मिली। इसके अलावा कई जगह पर जालियां भी टूटी हुईं थी। इसके अलावा तालाब में भी गंदगी जमा थी। टीम ने पार्क के पिछली साइड बनने वाले टेरिटरी पार्क के अधूरा होने पर सवाल भी पूछे। वहीं परियोजना के प्रस्ताव में पार्क की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। टीम के सदस्यों ने इसकी ड्राइंग भी मांगी। टीम ने चारदिवारी से गायब ग्रिल के बारे में पूछा तो निगम अधिकारियों ने टीम को बताया कि करीब 185 ग्रिल चोरी हो चुकी है, लेकिन इसकी एफआईआर नहीं करवाई है। टीम ने इस पर हैरानी जताई। इसी बीच निगम ने एफआईआर करवाने की बात की तो टीम अधिकारी ने उसकी कॉपी देने के लिए कहा।
महावीर पार्क की सड़क के तरफ छत में बनाई गई सीमेंट पिलर भी असुरक्षित मिले। टीम ने इतना बजट लगने पर भी कार्य अधूरा होने पर चिंता जताई। टीम ने पार्क में पिलर से निर्माण सामग्री के सैंपल लिए। जांच अधिकारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि निगम ने पार्क का न रखरखाव किया, न ही उसको चलाया। जो बनाया था, वह भी खराब कर दिया।
एसीबी टीम ने भगवान वामन नौरंगराय तालाब पर जाकर निरीक्षण किया और पिलर व दीवारों से सामग्री के सैंपल लिए। इस दौरान टीम ने निगम अधिकारियों से प्रोजेक्ट के बारे में सवाल भी पूछे कि जब यह परियोजना 25 करोड़ की थी तो शुरूआत में टेंडर 10 करोड़ का क्यों हुआ। बरामदा जैसा बनाना चाहिए था वैसा नहीं बनाया गया। परियोजना में बजट 25 करोड़ पहले था या नहीं, यह कहां बदलता रहा। उन्होंने निगम के अधिकारियों से इसके दस्तावेज भी मांगे गए। टीम ने नौरंगराय तालाब पर दीवारों से सैंपल भरवाए और तालाब के अधूरे पड़े विकास कार्यों की रिपोर्ट भी निगम के अधिकारियों से ली। -संबंधित खबर पेज तीन पर